मंदिर के बारे में

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग यह मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित है। यह शिवजी का चौथा प्रमुख ज्योतिर्लिंग कहलाता है। ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग के दो रुपों ओंकारेश्वर और ममलेश्वर की पूजा की जाती है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ज्योतिर्लिंग को शिव महापुराण में ‘परमेश्वर लिंग’ कहा गया है। ओमकार का उच्चारण सर्वप्रथम स्रष्टिकर्ता ब्रह्मा के मुख से हुआ था. वेद पाठ का प्रारंभ भी ॐ के बिना नहीं होता है. उसी ओमकार स्वरुप ज्योतिर्लिंग श्री ओम्कारेश्वर है, अर्थात यहाँ भगवान शिव ओम्कार स्वरुप में प्रकट हुए हैं. ज्योतिर्लिंग वे स्थान कहलाते हैं जहाँ पर भगवान शिव स्वयम प्रकट हुए थे एवं ज्योति रूप में स्थापित हैं. प्रणव ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन से समस्त पाप भस्म हो जाते है.

ओंकारेश्वर मंदिर की धार्मिक महत्ता

पुराणों में स्कन्द पुराण, शिवपुराण व वायुपुराण में ओम्कारेश्वर क्षेत्र की महिमा उल्लेख है. ओम्कारेश्वर में कुल 68 तीर्थ है. यहाँ 33 कोटि देवता विराजमान है. दिव्य रूप में यहाँ पर 108 प्रभावशाली शिवलिंग है. 84 योजन का विस्तार करने वाली माँ नर्मदा का विराट स्वरुप है श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर से 77 किमी की दुरी पर है. एवं यह ऐसा एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जो नर्मदा के उत्तर तट पर स्थित है. भगवान शिव प्रतिदिन तीनो लोकों में भ्रमण के पश्चात यहाँ आकर विश्राम करते हैं. अतएव यहाँ प्रतिदिन भगवान शिव की विशेष शयन व्यवस्था एवं आरती की जाती है तथा शयन दर्शन होते हैं.

आरती समय

दर्शन समय

ओंकारेश्वर मंदिर में सदियों से नियमित पूजा, सेवा की जाती रही है. वर्तमान पूजन, अर्चन दर्शन के समय की जानकारी निम्नानुसार है:-

मंदिर खुलने का समय:
प्रातः काल 5 बजे – मंगला आरती एवं नैवेध्य भोग
प्रातः कल 5:30 बजे – दर्शन प्रारंभ

मध्यान्ह कालीन भोग:
दोपहर 12:20 से 1:10 बजे – मध्यान्ह भोग
दोपहर 1:15 बजे से – पुनः दर्शन प्रारंभ

सायंकालीन दर्शन:
दोपहर 4 बजे से – भगवान् के दर्शन
(बिल्वपत्र, फूल, नारियल इत्यादि पूजन सामग्री गर्भगृह में ले जाना 4 बजे बाद प्रतिबंधित है|)

शयन आरती:
रात्रि 8:30 से 9:00 बजे – शयन आरती
रात्रि 9:00 से 9:35 बजे – भगवान् के शयन दर्शन

  • श्री ओम्कारेश्वर मंदिर ट्रस्ट ओम्कारेश्वर, जिला-खंडवा (म प्र)
  • Shriomkareshwar@gmail.com
  • http://www.shriomkareshwar.org