तारकेश्वर महादेव मंदिर
मंदिर के बारे में
संस्थापक
महाराजा जय सिंह द्वितीय
स्थापना
1727
फोटोग्राफी
हाँ जी
नि:शुल्क प्रवेश
हाँ जी
ताड़केश्वर महादेव मंदिर जयपुर के चौड़ा रास्ते में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर है, जिसे शहर की स्थापना से भी पुराना माना जाता है। यह मंदिर न सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, बल्कि अपनी राजस्थानी वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व के कारण भी खास पहचान रखता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर सैकड़ों साल पुराना है और इसकी भव्यता आज भी भक्तों को आकर्षित करती है।
तारकेश्वर मंदिर के साथ , गणेश जी का मंदिर, शीतला माता का मंदिर, शनिदेव का मंदिर, भैरू जी का मंदिर आदि कई मंदिर है। यहां पर नंदी बाबा की पीतल की विशालकाय मूर्ति भी है।
मंदिर का इतिहास:
कहा जाता है कि इस जगह पर कभी ताड़ के पेड़ बहुतायत में हुआ करते थे, इसलिए इसे “ताड़केश्वर” नाम मिला। यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है, यानी यह किसी के द्वारा स्थापित नहीं किया गया, बल्कि स्वतः प्रकट हुआ। माना जाता है कि जयपुर की स्थापना 1727 में महाराजा जय सिंह द्वितीय ने की थी, लेकिन ताड़केश्वर महादेव का अस्तित्व इससे भी पहले का है। यही कारण है कि यह मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी बेहद खास माना जाता है।
स्थानीय आस्था:
ताड़केश्वर महादेव मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। माना जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। श्रद्धालु अपनी इच्छाएं पूर्ण होने पर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध या घी अर्पित करके अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। भक्तों की अटूट श्रद्धा के कारण यह मंदिर सालभर भक्तिमय माहौल से भरा रहता है।
विशेष अवसर:
सावन के महीने में और महाशिवरात्रि के अवसर पर ताड़केश्वर महादेव मंदिर में खास आयोजन होते हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़ते हैं। इन शुभ अवसरों पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है।
ताड़केश्वर महादेव मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि जयपुर की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का जीवंत प्रतीक भी है।
कैसे पहुंचे मंदिर?
ताड़केश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचना बेहद आसान है। आप हवाई मार्ग, सड़क मार्ग या रेल मार्ग के जरिए यहां आ सकते हैं।
- हवाई मार्ग: अगर आप फ्लाइट से आ रहे हैं, तो जयपुर के सांगानेर हवाई अड्डे से कैब बुक कर सकते हैं या शहर में चलने वाली सिटी बस और लो-फ्लोर बसों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- रेल मार्ग: जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से आप सीधे कैब या ऑटो लेकर मंदिर पहुंच सकते हैं।
- सड़क मार्ग: जयपुर बस स्टैंड से भी आप कैब, ऑटो या सिटी बस के जरिए आसानी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
मंदिर शहर के केंद्र में स्थित है, इसलिए यहां आना सुविधाजनक और सरल है।
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- हवाई मार्ग: अगर आप फ्लाइट से आ रहे हैं, तो जयपुर के सांगानेर हवाई अड्डे से कैब बुक कर सकते हैं या शहर में चलने वाली सिटी बस और लो-फ्लोर बसों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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- रेल मार्ग: जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से आप सीधे कैब या ऑटो लेकर मंदिर पहुंच सकते हैं।
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- सड़क मार्ग: जयपुर बस स्टैंड से भी आप कैब, ऑटो या सिटी बस के जरिए आसानी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
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Chaura Rasta, Tripolia Bazar, Pink City, Jaipur, Rajasthan 302007