रथ सप्तमी माघ मास की शुक्लपक्ष की सप्तमी सूर्य सप्तमी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन सूर्य भगवान को गंगाजल से अर्घ्य देते हैं। दीपक, कपूर, धूप, लाल पुष्प आदि से सूर्य भगवान की स्तुति करते हैं। सूर्य की ओर मुख करके स्तुति करनी चाहिए। इससे शारीरिक चर्मरोग आदि विकार नहीं होते हैं।

प्राचीन ज्योतिष शास्त्र तथा आधुनिक विज्ञान में सूर्य का बड़ा महत्व है। जीवों तथा वनस्पतियों में जीवन प्रदान करने वाला सूर्य ही माना जाता है। इस दिन सूर्य पुराण का पाठ करना चाहिए। सूर्य का सारथी अरुण माना जाता है। जो पंगु है। बालक जन्म काल में मूक और पंगु होते हैं। भगवान सूर्य अपने प्रकाश से इन दोषों को दूर करते हैं।

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