मुख्य सामग्री पर जाएँ

कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

पंच केदार

नाम, स्थान, महत्व और यात्रा की जानकारी · Panch Kedar

महाभारत युद्ध के बाद पांडवों से बचने के लिए भगवान शिव ने बैल (नंदी) का रूप लिया। धरती में समाते समय उनके शरीर के अंग पाँच स्थानों पर प्रकट हुए – केदारनाथ (पीठ), तुंगनाथ (भुजाएँ), रुद्रनाथ (मुख), मध्यमहेश्वर (नाभि) और कल्पेश्वर (जटाएँ)। ये सभी उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में हैं।

पंच केदार की सूची

  1. 1 केदारनाथ ज्योतिर्लिंग रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
  2. 2 मध्यमहेश्वर मंदिर रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
  3. 3 तुंगनाथ मंदिर रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
  4. 4 रुद्रनाथ मंदिर चमोली, उत्तराखंड
  5. 5 कल्पेश्वर मंदिर चमोली, उत्तराखंड