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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

श्री वरदराज पेरुमाल मंदिर, तिरुमणिक्कूडम (तिरुनांगूर)

Varadaraja Perumal Temple, Thirumanikoodam (Thirunangur)

मयिलाडुतुरै, तमिलनाडु भगवान वरदराज पेरुमाल (मणिक्कूड नायकन), श्रीदेवी (तिरुमामगळ) और भूदेवी निःशुल्क प्रवेश

तिरुमणिक्कूडम सीरकाऴी से लगभग 8 किमी पूर्व, तिरुवेंकाडु मार्ग पर तिरुनांगूर गाँव का विष्णु मंदिर है। यहाँ भगवान वरदराज पेरुमाल – जिन्हें मणिक्कूड नायकन भी कहा जाता है – श्रीदेवी (तिरुमामगळ) और भूदेवी के साथ विराजते हैं। यह 108 दिव्य देशमों और ग्यारह तिरुनांगूर तिरुपति में से एक है। तिरुमंगै आऴ्वार ने पेरिय तिरुमोऴि में इसकी स्तुति की है।

स्थल पुराण

तिरुनांगूर की परंपरा के अनुसार सती के देहत्याग के बाद शिव के रौद्र नृत्य से ग्यारह रुद्र रूप प्रकट हुए। देवताओं की विनती पर विष्णु यहाँ आए और शिव के अनुरोध पर ग्यारह रूप धारण किए, जिनकी स्मृति तिरुनांगूर के ग्यारह मंदिर हैं। इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि एकादश रुद्रों और इंद्र ने यहाँ भगवान की आराधना की।

मंदिर और विग्रह

द्रविड़ शैली के इस छोटे मंदिर में एक प्राकारम और एक ही सन्निधि है। गर्भगृह में भगवान वरदराज पूर्व की ओर मुख किए खड़ी मुद्रा में हैं। गर्भगृह के विमान को कनक विमान कहा जाता है।

प्रमुख उत्सव

  • तिरुनांगूर गरुड़ सेवै (तै मास, जनवरी–फरवरी): तै अमावस्या पर तिरुमंगै आऴ्वार की उत्सव मूर्ति तिरुवालि-तिरुनगरी से लाई जाती है; ग्यारह मंदिरों के उत्सव विग्रह गरुड़ वाहन पर और आऴ्वार हंस वाहन पर दर्शन देते हैं।
  • तीर्थवारी (आडि अमावस्या): उत्सव मूर्ति को शोभायात्रा के साथ पूम्पुहार के समुद्र तट पर ले जाया जाता है।

यात्रा सुझाव

  • मंदिर सुबह और शाम थोड़े समय के लिए खुलता है, इसलिए समय देखकर जाएँ।
  • पास के तिरुक्कावळम्पाडि, तिरुवेळ्ळक्कुळम (अण्णन कोविल) और पार्थन्पळ्ळि दिव्य देशम भी साथ देखें।

दर्शन का समय

  • सुबह: लगभग 8:00 से 10:00 बजे तक
  • शाम: लगभग 5:00 से 7:00 बजे तक
  • ध्यान दें: गाँव का छोटा मंदिर है, समय पुजारी की उपलब्धता के अनुसार बदल सकता है; उत्सव के दिनों में अधिक देर खुलता है।

मुख्य आकर्षण

  • भगवान वरदराज – पूर्वमुखी, खड़ी मुद्रा, श्रीदेवी-भूदेवी सहित।
  • कनक विमान – गर्भगृह का विमान।
  • आडि अमावस्या तीर्थवारी – पूम्पुहार समुद्र तट तक शोभायात्रा।
  • गरुड़ सेवै – तै मास का प्रमुख उत्सव।

कैसे पहुँचें

  • सड़क मार्ग: सीरकाऴी से तिरुवेंकाडु जाने वाले मार्ग पर लगभग 8–10 किमी; सीरकाऴी से ऑटो या टैक्सी सबसे सुविधाजनक है।
  • रेल मार्ग: सीरकाऴी रेलवे स्टेशन (लगभग 10 किमी); मयिलाडुतुरै जंक्शन भी विकल्प है।
  • हवाई मार्ग: तिरुचिरापल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 150 किमी) या चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 250 किमी)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

तिरुमणिक्कूडम में कौन से भगवान विराजते हैं?
भगवान वरदराज पेरुमाल, जिन्हें मणिक्कूड नायकन भी कहते हैं, श्रीदेवी और भूदेवी के साथ।
तिरुमणिक्कूडम कहाँ है?
यह सीरकाऴी से लगभग 8 किमी पूर्व, तिरुवेंकाडु मार्ग पर तिरुनांगूर गाँव में है।
इस दिव्य देशम की स्तुति किसने की?
तिरुमंगै आऴ्वार ने पेरिय तिरुमोऴि में इस मंदिर पर पाशुरम रचे हैं।
आडि अमावस्या पर यहाँ क्या होता है?
तीर्थवारी उत्सव में भगवान की उत्सव मूर्ति को पूम्पुहार के समुद्र तट पर ले जाया जाता है।
तिरुनांगूर गरुड़ सेवै में क्या होता है?
तै मास में ग्यारह तिरुनांगूर मंदिरों के उत्सव विग्रह गरुड़ वाहन पर एक साथ दर्शन देते हैं और तिरुमंगै आऴ्वार उनका मंगलाशासन करते हैं।

श्री वरदराज पेरुमाल मंदिर, तिरुमणिक्कूडम (तिरुनांगूर) इन तीर्थ यात्राओं में शामिल है

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