योग नृसिंह स्वामी मंदिर, जिसे परंपरा में तिरुक्कडिगै कहा जाता है, तमिलनाडु के राणिपेट ज़िले के नगर शोलिंगर में एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। यहाँ भगवान विष्णु योग नृसिंह के रूप में और देवी लक्ष्मी अमृतवल्ली थायार के रूप में पूजी जाती हैं। यह 108 दिव्य देशमों में से एक है, जिसकी स्तुति पेयाऴ्वार और तिरुमंगै आलवार ने की है। पास की छोटी पहाड़ी पर योग आंजनेय (हनुमान) का मंदिर है।
स्थल पुराण – एक घटिका की तपस्या
प्रचलित मान्यता है कि सप्तर्षियों को इस पहाड़ी पर केवल एक घटिका (कडिगै) की तपस्या में भगवान नृसिंह के दर्शन हुए। इसी से इस धाम का नाम तिरुक्कडिगै पड़ा, और भक्त मानते हैं कि यहाँ थोड़ी देर की सच्ची प्रार्थना भी फल देती है। एक अन्य कथा के अनुसार विश्वामित्र को यहीं ब्रह्मर्षि का पद प्राप्त हुआ। नगर का पुराना नाम चोलसिंहपुरम बताया जाता है।
मंदिर – बड़ी और छोटी पहाड़ी
यह धाम तीन भागों में है। बड़ी पहाड़ी (पेरिय मलै) पर पूर्वमुखी योग नृसिंह और अमृतवल्ली थायार के सन्निधि हैं; यहाँ तक लगभग 1305 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। छोटी पहाड़ी (चिन्न मलै) पर योग आंजनेय विराजते हैं, और नगर में तलहटी पर भक्तवत्सल पेरुमाल का मंदिर है। मंदिर में कुलोत्तुंग चोल तृतीय सहित कई राजाओं के दान के शिलालेख मिलते हैं। सितंबर 2010 में मंदिर का कुंभाभिषेक हुआ था।
प्रमुख उत्सव
- कार्तिकै उत्सव (नवंबर-दिसंबर): सबसे बड़ा समय; इस मास के रविवारों को चक्र तीर्थम में स्नान कर दर्शन की परंपरा है।
- ब्रह्मोत्सवम और नृसिंह जयंती।
- पुरट्टासि के शनिवार और पूर्णिमा पर पहाड़ी की गिरिवलम (परिक्रमा)।
यात्रा सुझाव
चढ़ाई लंबी है, इसलिए सुबह जल्दी शुरू करें, साथ में पानी रखें। दोनों पहाड़ियों के दर्शन एक ही दिन में करने हों तो पूरा दिन रखकर चलें। शोलिंगर चेन्नई से लगभग 110 किमी दूर है और अरक्कोणम या वेल्लोर होकर पहुँचा जा सकता है।
दर्शन का समय
- सुबह: लगभग 8:00 से दोपहर 12:00 बजे तक
- दोपहर/शाम: लगभग 3:00 से शाम 5:30 बजे तक
पहाड़ी मंदिर होने के कारण समय मौसम और उत्सव के अनुसार बदल सकता है; कार्तिकै मास में भीड़ बहुत अधिक रहती है।
मुख्य आकर्षण
- योग नृसिंह – बड़ी पहाड़ी (पेरिय मलै) पर योग मुद्रा में पूर्वमुखी भगवान।
- अमृतवल्ली थायार का अलग सन्निधि।
- योग आंजनेय – छोटी पहाड़ी (चिन्न मलै) पर।
- बड़ी पहाड़ी की लगभग 1305 सीढ़ियों की चढ़ाई।
- तलहटी में भक्तवत्सल पेरुमाल का मंदिर।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: शोलिंगर (बाणावरम) स्टेशन और अरक्कोणम जंक्शन पास के प्रमुख स्टेशन हैं।
- सड़क मार्ग: चेन्नई से लगभग 110 किमी; अरक्कोणम, वेल्लोर और राणिपेट से बसें मिलती हैं।
- हवाई मार्ग: चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इस धाम को तिरुक्कडिगै क्यों कहते हैं?
बड़ी पहाड़ी पर कितनी सीढ़ियाँ हैं?
किन आलवारों ने तिरुक्कडिगै की स्तुति की?
शोलिंगर कब जाना अच्छा है?
शोलिंगर किस ज़िले में है?
योग नृसिंह स्वामी मंदिर (तिरुक्कडिगै), शोलिंगर इन तीर्थ यात्राओं में शामिल है
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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कांचीपुरम, तमिलनाडु श्री आदि वराह पेरुमाळ सन्निधि (तिरुक्कळ्वनूर), कांचीपुरम भगवान श्री आदि वराह पेरुमाळ, देवी अंजिलैवल्ली नाच्चियार
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तंजावुर, तमिलनाडु गजेन्द्र वरद पेरुमाल मंदिर, कपिस्थलम (तिरुक्कवित्तलम) भगवान गजेन्द्र वरद पेरुमाल, देवी रमामणिवल्ली थायार
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तूतुकुड़ी, तमिलनाडु श्री मायक्कूत्तर (श्रीनिवास) पेरुमाळ मंदिर, तिरुक्कुळन्दै (पेरुंगुलम) भगवान श्रीनिवास (मायक्कूत्तर); देवी अलर्मेलमंगै, कुळन्दैवल्ली
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मयिलाडुतुरै, तमिलनाडु श्री पुरुषोत्तम पेरुमाल मंदिर, तिरुवण्पुरुषोत्तमम (तिरुनांगूर) भगवान पुरुषोत्तम पेरुमाल, देवी पुरुषोत्तम नायकी थायार
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कल्लकुरिच्चि, तमिलनाडु उलगळन्द पेरुमाळ (त्रिविक्रम) मंदिर, तिरुक्कोयिलूर भगवान त्रिविक्रम (उलगळन्द पेरुमाळ), देवी पूंगोवल नाच्चियार (पुष्पवल्ली)
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मयिलाडुतुरै, तमिलनाडु श्री अमृतघटेश्वरर-अभिरामी मंदिर, तिरुक्कडैयूर भगवान शिव (अमृतघटेश्वरर, कालसंहारमूर्ति), देवी अभिरामी