मुख्य सामग्री पर जाएँ

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

वेदपुरीश्वरर मंदिर, पुदुच्चेरी

Sri Vedapureeswarar Tripurasundari Temple, Puducherry

पुदुच्चेरी भगवान शिव (श्री वेदपुरीश्वरर), देवी त्रिपुरसुंदरी निःशुल्क प्रवेश

श्री वेदपुरीश्वरर मंदिर (वेदपुरीश्वरर-त्रिपुरसुंदरी मंदिर) पुदुच्चेरी शहर का प्रमुख शिव मंदिर है। यहाँ भगवान शिव वेदपुरीश्वरर के रूप में गर्भगृह के शिवलिंग में और देवी पार्वती त्रिपुरसुंदरी के रूप में अलग सन्निधि में पूजी जाती हैं। फ्रांसीसी काल में ध्वस्त होकर फिर से बना यह मंदिर पुदुच्चेरी के इतिहास का एक महत्वपूर्ण साक्षी है।

विध्वंस और पुनर्निर्माण

पुदुच्चेरी में फ्रांसीसी बस्ती की नींव 1674 ई. में फ्रांस्वा मार्तें ने रखी थी। 1748 ई. में धार्मिक दंगों के दौरान, जिनमें फ्रांसीसी सैनिक भी शामिल थे, मूल मंदिर नष्ट कर दिया गया। इस घटना का उल्लेख उस समय के प्रसिद्ध दुभाषिए आनंद रंगा पिल्लै की डायरी में मिलता है। विध्वंस और पुनर्निर्माण के बीच देवताओं की मूर्तियाँ वरदराज पेरुमल मंदिर में सुरक्षित रखी गईं। 1788 ई. में दीवान कंदप्पा मुदलियार ने जन सहयोग से मंदिर का पुनर्निर्माण कराया।

मंदिर और विग्रह

द्रविड़ शैली का यह मंदिर ग्रेनाइट की दीवार से घिरा है और इसका राजगोपुरम लगभग 75 फुट ऊँचा है। प्रवेश के बाद ध्वजस्तंभ मंडपम, महामंडपम और अर्धमंडपम से होकर गर्भगृह तक पहुँचते हैं। नंदी गर्भगृह की ओर मुख किए हैं और महामंडपम के सामने गणेश व कार्तिकेय की सन्निधियाँ हैं। दोनों गर्भगृहों के चारों ओर शनि, दुर्गा, चंडेश्वर, दक्षिणामूर्ति और नवग्रह की सन्निधियाँ हैं। परिसर के भीतर एक आयताकार सरोवर भी है।

प्रमुख उत्सव

  • ब्रह्मोत्सव – मंदिर का वार्षिक मुख्य उत्सव।
  • अन्नाभिषेकम – शिवलिंग का अन्न से अभिषेक।
  • महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा।

आसपास के दर्शन

  • मनकुला विनायगर मंदिर – 1 किमी से कम दूरी पर।
  • वरदराज पेरुमल मंदिर – पुदुच्चेरी शहर में।
  • श्री अरविंद आश्रम और प्रोमेनेड बीच।

दर्शन का समय

  • सुबह: लगभग 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक
  • शाम: लगभग 4:30 से रात 9:00 बजे तक

मुख्य आकर्षण

  • वेदपुरीश्वरर – गर्भगृह में शिवलिंग।
  • देवी त्रिपुरसुंदरी – अलग सन्निधि में।
  • राजगोपुरम – लगभग 75 फुट ऊँचा।
  • शनि, दुर्गा, दक्षिणामूर्ति और नवग्रह सन्निधियाँ।
  • मंदिर सरोवर – परिसर के भीतर आयताकार कुंड।

कैसे पहुँचें

  • रेल मार्ग: पुदुच्चेरी रेलवे स्टेशन (लगभग 2 किमी); विल्लुपुरम जंक्शन से जुड़ा।
  • सड़क मार्ग: चेन्नई से ईस्ट कोस्ट रोड द्वारा लगभग 150 किमी; शहर में ऑटो उपलब्ध।
  • हवाई मार्ग: चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 140 किमी); पुदुच्चेरी में छोटा घरेलू हवाई अड्डा भी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वेदपुरीश्वरर मंदिर में कौन से देवता हैं?
मंदिर में भगवान शिव वेदपुरीश्वरर के रूप में शिवलिंग में और उनकी शक्ति देवी पार्वती त्रिपुरसुंदरी के रूप में अलग सन्निधि में पूजी जाती हैं।
वेदपुरीश्वरर मंदिर को कब नष्ट किया गया था?
1748 ई. में फ्रांसीसी शासनकाल के धार्मिक दंगों में, जिनमें फ्रांसीसी सैनिक शामिल थे, मूल मंदिर नष्ट कर दिया गया। इस घटना का उल्लेख आनंद रंगा पिल्लै की प्रसिद्ध डायरी में है।
मंदिर का पुनर्निर्माण किसने कराया?
दीवान कंदप्पा मुदलियार ने जन सहयोग से 1788 ई. में मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। विध्वंस और पुनर्निर्माण के दौरान देवताओं की मूर्तियाँ वरदराज पेरुमल मंदिर में रखी गई थीं।
वेदपुरीश्वरर मंदिर के प्रमुख उत्सव कौन से हैं?
मंदिर के प्रमुख उत्सव ब्रह्मोत्सव, अन्नाभिषेकम और महाशिवरात्रि हैं।
मनकुला विनायगर मंदिर से वेदपुरीश्वरर मंदिर कितनी दूर है?
दोनों मंदिर पुदुच्चेरी शहर के भीतर हैं और एक-दूसरे से 1 किमी से भी कम दूरी पर हैं। ऑटो या पैदल आसानी से पहुँचा जा सकता है।

दर्शन की जानकारी साझा करें

WhatsApp Facebook