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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

ठाकुरबाड़ी मंदिर, गंगटोक (सिक्किम)

Thakurbari Temple, Gangtok

गंगटोक, सिक्किम भगवान शिव; साथ में अनेक प्रमुख हिंदू देवी-देवता निःशुल्क प्रवेश

ठाकुरबाड़ी मंदिर सिक्किम की राजधानी गंगटोक के बीचोंबीच स्थित हिंदू मंदिर है, जिसे राज्य के सबसे पुराने हिंदू मंदिरों में गिना जाता है। मुख्य देवता भगवान शिव माने जाते हैं, और परिसर में लगभग सभी प्रमुख हिंदू देवी-देवताओं के विग्रह हैं। बौद्ध मठों के लिए प्रसिद्ध गंगटोक में यह मंदिर नेपाली और अन्य हिंदू समुदायों का प्रमुख धार्मिक और सामाजिक केंद्र है।

मंदिर का इतिहास

ठाकुरबाड़ी मंदिर 1935 में सिक्किम के तत्कालीन चोग्याल (राजा) द्वारा दान की गई भूमि पर बना। यह बौद्ध राजवंश और हिंदू प्रजा के बीच सौहार्द का उदाहरण माना जाता है। 1945 से 1947 के बीच मंदिर को एक बड़े परिसर का रूप दिया गया।

मंदिर परिसर

परिसर में शिव के साथ लगभग सभी प्रमुख हिंदू देवी-देवताओं के विग्रह हैं, इसलिए श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर अनेक देवताओं के दर्शन हो जाते हैं। 2011 में यहाँ बहुउद्देशीय सभा भवन और पुस्तकालय जोड़ने का काम शुरू हुआ। धार्मिक आयोजनों के साथ यह परिसर गंगटोक के हिंदू समाज के सामाजिक कार्यक्रमों का भी केंद्र है।

प्रमुख उत्सव

  • बाला चतुर्दशी: शिव की विशेष पूजा, बड़ी संख्या में श्रद्धालु।
  • महाशिवरात्रि: रात भर पूजा और भजन।
  • अन्य हिंदू पर्वों पर भी विशेष पूजा होती है।

आसपास के दर्शन

मंदिर शहर के बीच होने से गंगटोक घूमते समय आसानी से दर्शन हो जाते हैं। लगभग 11 किमी दूर ऊँची पहाड़ी पर भारतीय सेना द्वारा संचालित हनुमान टोक है। पश्चिम सिक्किम जाने वाले श्रद्धालु लेगशिप में रंगीत नदी तट पर किरातेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन भी करते हैं।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से दोपहर 12:00 बजे और शाम लगभग 4:00 से 8:00 बजे तक
  • आरती: प्रातः और संध्या

महाशिवरात्रि और अन्य पर्वों पर समय बढ़ सकता है।

मुख्य आकर्षण

  • भगवान शिव और अन्य देवताओं के विग्रह।
  • गंगटोक के हिंदू समाज का प्रमुख धार्मिक केंद्र।
  • पास में एमजी मार्ग का बाज़ार क्षेत्र।
  • हनुमान टोक (लगभग 11 किमी)।

कैसे पहुँचें

  • सड़क मार्ग: मंदिर गंगटोक शहर के बीच है; शहर के किसी भी भाग से टैक्सी या पैदल पहुँचा जा सकता है।
  • हवाई मार्ग: पाक्योंग हवाई अड्डा (सिक्किम) या बागडोगरा (पश्चिम बंगाल)।
  • रेल मार्ग: न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) रेलवे स्टेशन, वहाँ से सड़क द्वारा गंगटोक।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ठाकुरबाड़ी मंदिर कब बना?
ठाकुरबाड़ी मंदिर 1935 में सिक्किम के तत्कालीन चोग्याल (राजा) द्वारा दान की गई भूमि पर बना। 1945 से 1947 के बीच इसे एक बड़े मंदिर परिसर का रूप दिया गया।
ठाकुरबाड़ी मंदिर में किसकी पूजा होती है?
मंदिर के मुख्य देवता भगवान शिव माने जाते हैं, और परिसर में लगभग सभी प्रमुख हिंदू देवी-देवताओं के विग्रह हैं।
क्या ठाकुरबाड़ी सिक्किम का सबसे पुराना मंदिर है?
ठाकुरबाड़ी को सिक्किम के सबसे पुराने हिंदू मंदिरों में गिना जाता है और यह गंगटोक के हिंदू समाज का प्रमुख केंद्र है।
ठाकुरबाड़ी मंदिर के प्रमुख उत्सव कौन से हैं?
बाला चतुर्दशी और महाशिवरात्रि यहाँ बड़े उत्साह से मनाई जाती हैं। इसके अलावा अन्य हिंदू पर्वों पर भी विशेष पूजा होती है।
ठाकुरबाड़ी मंदिर कहाँ है?
ठाकुरबाड़ी मंदिर गंगटोक शहर के बीचोंबीच है। एमजी मार्ग क्षेत्र से यहाँ टैक्सी या पैदल आसानी से पहुँचा जा सकता है।

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