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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

अंबिका भवानी मंदिर (आमी मंदिर), दिघवारा, सारण

Ambika Bhawani Temple (Aami Mandir), Dighwara, Saran

Chapra, बिहार माँ अंबिका भवानी (सती), साथ में भगवान शिव निःशुल्क प्रवेश

अंबिका भवानी मंदिर, जिसे आम बोलचाल में आमी मंदिर कहा जाता है, बिहार के सारण जिले के दिघवारा प्रखंड के आमी गाँव में स्थित देवी सती का प्राचीन मंदिर है। स्थानीय परंपरा इसे शक्तिपीठ या सिद्धपीठ मानती है और इसे बिहार के प्रमुख शक्ति स्थलों में गिनती है। यहाँ माँ अंबिका भवानी के साथ भगवान शिव की भी पूजा होती है।

दक्ष यज्ञ से जुड़ी मान्यता

मंदिर की परंपरा इस स्थान को राजा दक्ष प्रजापति के यज्ञ से जोड़ती है, जिसमें अपमानित होकर सती ने देह त्याग किया था। इसी मान्यता के कारण गर्भगृह में स्थित यज्ञ कुंड को विशेष पवित्र माना जाता है। एक लोक-मान्यता यह भी है कि आमी काठमांडू के पशुपतिनाथ, वाराणसी के विश्वनाथ और देवघर के बैद्यनाथ धाम से लगभग समान दूरी पर है।

मंदिर और विग्रह

गर्भगृह में माँ अंबिका भवानी की पूजा पिंडी रूप में होती है। मंदिर की दीवारों पर भित्ति चित्र बने हैं। देवी के साथ यहाँ भगवान शिव की भी आराधना होती है।

स्थान को लेकर मत

शास्त्रीय ग्रंथों की 51 शक्तिपीठों की प्रचलित सूचियों में आमी का नाम अलग से नहीं मिलता। इसकी शक्तिपीठ के रूप में प्रतिष्ठा मुख्य रूप से स्थानीय परंपरा और श्रद्धालुओं की आस्था पर आधारित है।

प्रमुख उत्सव

  • नवरात्रि और दुर्गा पूजा: सबसे अधिक भीड़ और विशेष पूजा।
  • आमी मेला: मंदिर परिसर में लगने वाला पारंपरिक मेला।
  • शिवरात्रि और दशहरा पर भी दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।

यात्रा क्रम

आमी गाँव राष्ट्रीय राजमार्ग 19 के पास है और दिघवारा रेलवे स्टेशन से लगभग 2.5 किमी दूर है। पटना से सोनपुर होकर यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है; पटना का जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डा लगभग 57 किमी दूर है।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सामान्यतः सुबह लगभग 9:00 से दोपहर 12:30 तक और शाम लगभग 5:00 से रात 8:00 बजे तक

नवरात्रि और मेले के दिनों में समय बदल सकता है; यात्रा से पहले स्थानीय रूप से पुष्टि कर लें।

मुख्य आकर्षण

  • माँ अंबिका भवानी – पिंडी रूप में पूजित देवी।
  • यज्ञ कुंड – गर्भगृह में स्थित, जिसे दक्ष प्रजापति के यज्ञ से जोड़ा जाता है।
  • भित्ति चित्र – मंदिर की दीवारों पर बनी चित्रकारी।
  • आमी मेला – नवरात्रि के समय लगने वाला मेला।

कैसे पहुँचें

  • रेल मार्ग: दिघवारा रेलवे स्टेशन (लगभग 2.5 किमी), सोनपुर–छपरा रेलखंड पर।
  • सड़क मार्ग: आमी गाँव राष्ट्रीय राजमार्ग 19 के पास है; छपरा, सोनपुर और पटना से सड़क संपर्क।
  • हवाई मार्ग: जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना (लगभग 57 किमी)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आमी मंदिर कहाँ स्थित है?
आमी मंदिर (अंबिका भवानी मंदिर) बिहार के सारण जिले के दिघवारा प्रखंड के आमी गाँव में है। दिघवारा रेलवे स्टेशन यहाँ से लगभग 2.5 किमी दूर है।
क्या आमी मंदिर शक्तिपीठ है?
स्थानीय परंपरा और श्रद्धालु इसे शक्तिपीठ या सिद्धपीठ मानते हैं और सती की कथा से जोड़ते हैं। शास्त्रीय 51 शक्तिपीठों की प्रचलित सूचियों में इसका नाम अलग से नहीं मिलता, इसलिए इसे लोक-मान्य शक्ति स्थल कहना उचित है।
आमी मंदिर में देवी किस रूप में पूजी जाती हैं?
यहाँ माँ अंबिका भवानी की पूजा पिंडी रूप में होती है। गर्भगृह में एक यज्ञ कुंड भी है, जिसे राजा दक्ष प्रजापति के यज्ञ से जोड़ा जाता है।
आमी मेला कब लगता है?
आमी मेला मुख्य रूप से नवरात्रि और दुर्गा पूजा के समय लगता है। इसके अलावा शिवरात्रि और दशहरा पर भी यहाँ भारी भीड़ रहती है।
पटना से आमी मंदिर कैसे पहुँचें?
पटना से सोनपुर होते हुए सड़क मार्ग से या ट्रेन से दिघवारा स्टेशन पहुँचकर ऑटो से आमी गाँव जाया जा सकता है। पटना हवाई अड्डे से दूरी लगभग 57 किमी है।

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