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कार्तिक कृष्ण अमावस्या

भक्तिरस – BhaktiRas

माता कौशल्या मंदिर, चंदखुरी (रायपुर)

Mata Kaushalya Temple, Chandkhuri

Raipur, छत्तीसगढ़ माता कौशल्या (गोद में बालक श्रीराम) निःशुल्क प्रवेश

माता कौशल्या मंदिर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास चंदखुरी गाँव में स्थित है और भगवान राम की माता कौशल्या को समर्पित है। इसे माता कौशल्या का दुनिया में एकमात्र (या अत्यंत दुर्लभ) मंदिर कहा जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार चंदखुरी माता कौशल्या का जन्मस्थान है, इसलिए छत्तीसगढ़ को श्रीराम का ननिहाल माना जाता है।

कौशल्या और दक्षिण कोसल

छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम दक्षिण कोसल था। परंपरा के अनुसार माता कौशल्या कोसल के राजा की पुत्री थीं और उनका नाम भी इसी क्षेत्र से जुड़ा माना जाता है। इसी विश्वास के कारण छत्तीसगढ़ में श्रीराम को “भांचा” (भांजा) मानकर विशेष स्नेह दिया जाता है।

तालाब के बीच मंदिर

मंदिर गाँव के एक बड़े तालाब के बीच बना है। मंदिर तक पहुँचने के लिए हनुमान पुल से होकर जाना पड़ता है, जिस पर हनुमान जी की प्रतिमा है। गर्भगृह में माता कौशल्या की प्रतिमा है, जिनकी गोद में बालक राम विराजमान हैं। मान्यता है कि मूल मंदिर लगभग 8वीं शताब्दी का है; समय के साथ यह कई बार क्षतिग्रस्त हुआ और फिर बना, और 1973 में इसका जीर्णोद्धार हुआ।

जीर्णोद्धार और राम वन गमन पथ

2020 में राज्य सरकार ने मंदिर के विस्तार और सौंदर्यीकरण की नींव रखी, जिसमें मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने की बात कही गई। अक्टूबर 2021 में नवरात्रि के दौरान नवीनीकृत परिसर का लोकार्पण हुआ और प्रवेश पर बलुआ पत्थर से बनी श्रीराम की विशाल प्रतिमा का अनावरण किया गया। चंदखुरी राम वन गमन पथ नामक पर्यटन परिपथ का पहला विकसित स्थल है, जो छत्तीसगढ़ में श्रीराम के वनवास से जुड़े माने जाने वाले स्थानों को जोड़ता है।

यात्रा सुझाव

चंदखुरी रायपुर से लगभग 22-27 किमी दूर है, इसलिए आधे दिन में आराम से दर्शन किए जा सकते हैं। राम नवमी और नवरात्रि में यहाँ श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से रात लगभग 8:00 बजे तक

राम नवमी और नवरात्रि में अधिक भीड़ रहती है।

मुख्य आकर्षण

  • माता कौशल्या की प्रतिमा – गोद में बालक राम।
  • तालाब के बीच मंदिर – हनुमान पुल से पहुँच, पुल पर हनुमान जी की प्रतिमा।
  • श्रीराम की विशाल प्रतिमा – मंदिर परिसर के प्रवेश पर, 2021 में स्थापित।
  • राम वन गमन पथ – इस पर्यटन परिपथ का पहला विकसित स्थल।

कैसे पहुँचें

  • सड़क मार्ग: रायपुर से लगभग 22-27 किमी; टैक्सी या निजी वाहन सुविधाजनक।
  • रेल मार्ग: रायपुर जंक्शन निकटतम बड़ा स्टेशन।
  • हवाई मार्ग: स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा, रायपुर।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

माता कौशल्या का मंदिर कहाँ है?
माता कौशल्या का प्रसिद्ध मंदिर छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के चंदखुरी गाँव में है, जो रायपुर से लगभग 22-27 किमी दूर है। इसे माता कौशल्या को समर्पित दुर्लभ (प्रायः एकमात्र कहा जाने वाला) मंदिर माना जाता है।
चंदखुरी को राम का ननिहाल क्यों कहते हैं?
स्थानीय मान्यता के अनुसार चंदखुरी माता कौशल्या का जन्मस्थान है और प्राचीन दक्षिण कोसल ही उनका मायका था। इसी कारण छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल कहा जाता है।
मंदिर में कौन सी प्रतिमा है?
गर्भगृह में माता कौशल्या की प्रतिमा है, जिनकी गोद में बालक राम विराजमान हैं। मंदिर तालाब के बीच स्थित है और वहाँ तक हनुमान पुल से पहुँचते हैं।
चंदखुरी मंदिर का जीर्णोद्धार कब हुआ?
मंदिर का 1973 में जीर्णोद्धार हुआ था। 2020 में विस्तार कार्य की नींव रखी गई और अक्टूबर 2021 में नवरात्रि के दौरान नवीनीकृत परिसर का लोकार्पण हुआ, साथ ही श्रीराम की विशाल प्रतिमा का अनावरण भी हुआ।
राम वन गमन पथ से चंदखुरी का क्या संबंध है?
राम वन गमन पथ छत्तीसगढ़ में उन स्थानों को जोड़ने वाला पर्यटन परिपथ है, जहाँ मान्यता के अनुसार श्रीराम वनवास में रहे। चंदखुरी इस परिपथ का पहला विकसित स्थल है।

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