बर्फानी धाम, जिसे पाताल भैरवी मंदिर भी कहा जाता है, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव नगर में स्थित एक अनोखा आधुनिक मंदिर है। यह दुर्ग से नागपुर की ओर लगभग 40 किमी दूर है। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी तीन तलों वाली रचना है – हर तल पर अलग देवता विराजते हैं, मानो पाताल से कैलास तक की यात्रा एक ही परिसर में हो जाए।
तीन तलों का मंदिर
- निचला तल – पाताल भैरवी: भूमि के नीचे बने गर्भगृह में माँ पाताल भैरवी की विशाल प्रतिमा है, जिसके आसपास हनुमान जी, भैरव बाबा और गणेश जी की प्रतिमाएँ बताई जाती हैं।
- मध्य तल – देवी लोक: यहाँ नवदुर्गा या त्रिपुर सुंदरी का स्थान है और दस महाविद्याओं सहित अनेक देवियों की प्रतिमाएँ हैं।
- ऊपरी तल – शिव: सबसे ऊपर भगवान शिव का स्थान है। शिखर पर बना विशाल शिवलिंग और उसके सामने नंदी की बड़ी प्रतिमा दूर से ही दिखती है।
प्रमुख उत्सव
चैत्र और शारदीय नवरात्रि में पाताल भैरवी और देवी लोक में विशेष भीड़ रहती है, जबकि महाशिवरात्रि पर ऊपरी तल के शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालु आते हैं। दशहरा, दीपावली और शरद पूर्णिमा भी यहाँ धूमधाम से मनाए जाते हैं।
आसपास के दर्शन
राजनांदगांव जिले में ही डोंगरगढ़ की माँ बम्लेश्वरी का प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर है, इसलिए अधिकांश यात्री दोनों तीर्थों के दर्शन एक साथ करते हैं। राजनांदगांव मुंबई–हावड़ा रेल लाइन पर है और रायपुर, दुर्ग व नागपुर से सड़क मार्ग से भी अच्छी तरह जुड़ा है।
दर्शन का समय
- दर्शन: सामान्यतः सुबह से रात तक (लगभग 6:00 से 21:00)
- आरती: सुबह और संध्या
नवरात्रि और महाशिवरात्रि पर समय और भीड़ दोनों बढ़ जाते हैं।
मुख्य आकर्षण
- पाताल भैरवी – सबसे निचले, भूमिगत तल पर देवी की विशाल प्रतिमा।
- देवी लोक – बीच के तल पर नवदुर्गा / त्रिपुर सुंदरी और दस महाविद्याओं की प्रतिमाएँ।
- शिव तल – सबसे ऊपर विशाल शिवलिंग और उसके सामने नंदी की बड़ी प्रतिमा।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: राजनांदगांव स्टेशन (मुंबई–हावड़ा रेल लाइन)।
- सड़क मार्ग: दुर्ग से नागपुर की ओर लगभग 40 किमी; डोंगरगढ़ भी पास में है।
- हवाई मार्ग: स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा, रायपुर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बर्फानी धाम को पाताल भैरवी मंदिर क्यों कहते हैं?
बर्फानी धाम में कितने तल हैं?
बर्फानी धाम के शिखर पर क्या है?
बर्फानी धाम कहाँ है?
बर्फानी धाम में कौन से उत्सव मनाए जाते हैं?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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सूरजपुर, छत्तीसगढ़ माँ बागेश्वरी देवी मंदिर, कुदरगढ़ (सूरजपुर) माँ बागेश्वरी देवी (कुदरगढ़ी देवी)
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Dongragarh, छत्तीसगढ़ माँ बम्लेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ माँ बम्लेश्वरी (माँ दुर्गा का स्वरूप)
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Kawardha, छत्तीसगढ़ भोरमदेव मंदिर, कवर्धा भगवान शिव (शिवलिंग रूप में)
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दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ माँ दंतेश्वरी मंदिर, दंतेवाड़ा माँ दंतेश्वरी (शक्ति स्वरूपा, बस्तर की कुलदेवी)
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Raipur, छत्तीसगढ़ दूधाधारी मठ एवं मंदिर, रायपुर हनुमान जी (मठ के अधिष्ठाता), भगवान राम-जानकी और श्री बालाजी
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