मुख्य सामग्री पर जाएँ

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

माँ बागेश्वरी देवी मंदिर, कुदरगढ़ (सूरजपुर)

Maa Bagheshwari Devi Temple, Kudargarh (Surajpur)

सूरजपुर, छत्तीसगढ़ माँ बागेश्वरी देवी (कुदरगढ़ी देवी) निःशुल्क प्रवेश

माँ बागेश्वरी देवी मंदिर, जिसे कुदरगढ़ी देवी का मंदिर भी कहा जाता है, छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड में कुदरगढ़ की पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में यह देवी का एक प्रमुख तीर्थ है, जहाँ नवरात्रि में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं।

इतिहास

मंदिर का इतिहास स्पष्ट नहीं है। ब्रिटिश लेखक डाल्टन के अनुसार इसका निर्माण बालंद राजपूत राजाओं ने करवाया था, जो 17वीं शताब्दी में कोरिया क्षेत्र के मूल शासक माने जाते हैं। स्थानीय परंपरा में भी बालंद राजवंश को ही मंदिर से जोड़ा जाता है।

पहाड़ी की चढ़ाई

देवी के दर्शन के लिए लगभग 900 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं (कुछ स्रोतों में संख्या 893 बताई गई है)। रास्ते में विश्राम स्थल और पेयजल की व्यवस्था की गई है। जंगल से घिरी पहाड़ी की यह चढ़ाई भक्तों के लिए तपस्या भी है और प्रकृति का आनंद भी।

मान्यताएँ और उत्सव

माना जाता है कि माँ बागेश्वरी भक्तों की मनोकामनाएँ पूरी करती हैं। मन्नत पूरी होने पर कुछ भक्त यहाँ बलि की पुरानी परंपरा निभाते हैं, और लोकमान्यता है कि मंदिर का एक छोटा कुंड कभी नहीं भरता।

  • चैत्र और शारदीय नवरात्रि: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और मेला।
  • कुदरगढ़ महोत्सव: जिला प्रशासन द्वारा आयोजित सांस्कृतिक आयोजन।
  • दशहरा और दीपावली भी श्रद्धा से मनाए जाते हैं।

यात्रा क्रम

कुदरगढ़ सूरजपुर जिला मुख्यालय से सड़क मार्ग द्वारा पहुँचा जा सकता है; अलग-अलग स्रोतों में दूरी अलग बताई गई है, इसलिए स्थानीय रूप से मार्ग की जानकारी ले लें। अंबिकापुर इस क्षेत्र का बड़ा नगर है, जहाँ से सरगुजा अंचल के अन्य देवी स्थलों की यात्रा भी की जा सकती है।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सामान्यतः सुबह से संध्या तक (लगभग 6:00 से 18:00)

पहाड़ी की चढ़ाई के कारण दिन के उजाले में यात्रा करना बेहतर है। नवरात्रि में भीड़ बहुत अधिक रहती है।

मुख्य आकर्षण

  • माँ बागेश्वरी (कुदरगढ़ी) देवी – पहाड़ी की चोटी पर।
  • सीढ़ी मार्ग – लगभग 900 सीढ़ियाँ, रास्ते में विश्राम स्थल और पेयजल।
  • छोटा कुंड – जिसके कभी न भरने की लोकमान्यता है।
  • कुदरगढ़ महोत्सव – जिला प्रशासन द्वारा आयोजित।

कैसे पहुँचें

  • सड़क मार्ग: सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड में; सूरजपुर जिला मुख्यालय से सड़क द्वारा।
  • रेल मार्ग: सूरजपुर और अंबिकापुर क्षेत्र के रेलवे स्टेशन।
  • हवाई मार्ग: निकटतम बड़ा हवाई अड्डा रायपुर; अंबिकापुर (दरिमा) हवाई अड्डा भी पास है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुदरगढ़ मंदिर कहाँ है?
माँ बागेश्वरी देवी का यह मंदिर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड में कुदरगढ़ की पहाड़ी की चोटी पर स्थित है।
कुदरगढ़ मंदिर तक कितनी सीढ़ियाँ हैं?
पहाड़ी की चोटी तक लगभग 900 सीढ़ियाँ हैं (कुछ स्रोतों में 893)। रास्ते में विश्राम स्थल और पेयजल की व्यवस्था है।
कुदरगढ़ मंदिर किसने बनवाया?
मंदिर का इतिहास स्पष्ट नहीं है। ब्रिटिश लेखक डाल्टन के अनुसार इसे बालंद राजपूत राजाओं ने बनवाया था, जो 17वीं शताब्दी में कोरिया क्षेत्र के शासक थे।
कुदरगढ़ में कौन सी परंपरा प्रसिद्ध है?
मनोकामना पूरी होने पर कुछ भक्त यहाँ बलि की परंपरा निभाते हैं। लोकमान्यता है कि मंदिर का एक छोटा कुंड कभी नहीं भरता।
कुदरगढ़ में सबसे अधिक भीड़ कब होती है?
चैत्र और शारदीय नवरात्रि में माँ बागेश्वरी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है। इसके अलावा जिला प्रशासन यहाँ कुदरगढ़ महोत्सव भी आयोजित करता है।

दर्शन की जानकारी साझा करें

WhatsApp Facebook