श्री दामोदर मंदिर दक्षिण गोवा के जांबावली गाँव में कुशावती नदी के तट पर स्थित भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर है, जहाँ महादेव की दामोदर रूप में पूजा होती है। यह मंदिर मडगाँव से लगभग 22 किमी दूर, केपे और सांगे क्षेत्र की सीमा पर है और गौड़ सारस्वत ब्राह्मण समाज के प्रमुख देवस्थानों में गिना जाता है। शिगमो के समय होने वाला यहाँ का गुलालोत्सव पूरे गोवा में प्रसिद्ध है।
मडगाँव से जांबावली तक
परंपरा के अनुसार श्री दामोदर पहले मठग्राम, यानी आज के मडगाँव में विराजमान थे – उस स्थान पर जहाँ अब होली स्पिरिट चर्च है। 1560 के आसपास सासष्टी क्षेत्र में ईसाई धर्म पहुँचा और 1567 से पुर्तगाली शासन ने वहाँ के मंदिरों को तोड़ने का अभियान चलाया। तब महाजन दामोदर सहित स्थानीय देवताओं को पुर्तगाली सीमा से बाहर जांबावली ले आए। रिवण के देसाइयों ने मंदिर के लिए भूमि और वतन दिया, जो आज भी चलता है। स्थानांतरण के बारे में कई कथाएँ प्रचलित हैं, पर उस काल के लिखित दस्तावेज़ नष्ट हो जाने के कारण तिथियों पर स्रोतों में थोड़ा अंतर है।
मंदिर और देवता
गर्भगृह में दामोदर रूप में शिव पूजित हैं। मंदिर परिसर में चामुंडेश्वरी, महाकाली और महेश की भी पूजा होती है। परिसर में महाजनों के ठहरने की व्यवस्था है। पास बहने वाली कुशावती नदी को पवित्र माना जाता है और उत्सव के बाद भक्त इसमें स्नान करते हैं।
शिगमो और गुलालोत्सव
फाल्गुन पूर्णिमा के आसपास शुरू होने वाला सप्ताह भर का शिगमो यहाँ का सबसे बड़ा उत्सव है, जिसका चरम गुलालोत्सव है – भक्त एक-दूसरे पर गुलाल डालते हैं, पालकी निकलती है और लोक-कार्यक्रम होते हैं। परंपरा है कि इस सप्ताह मंदिर का आयोजन मडगाँव के लोगों को सौंपा जाता है, जो पुराने मूल स्थान से दामोदर के रिश्ते को जीवित रखता है। उस दिन मडगाँव के बहुत से व्यापारी दुकानें बंद कर जांबावली पहुँचते हैं।
अन्य उत्सव
- महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा।
- माघ पूर्णिमा की जत्रा।
- कार्तिक पूर्णिमा और आश्विन पूर्णिमा।
- रामनवमी, पाड़वा, नवरात्रि, दशहरा और दीपावली।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह से शाम तक, लगभग 6:00 से 20:00 बजे
- आरती: सुबह और संध्या
शिगमो और गुलालोत्सव के दिनों में भारी भीड़ रहती है।
मुख्य आकर्षण
- श्री दामोदर – दामोदर रूप में भगवान शिव।
- कुशावती नदी का तट, जिसका जल पवित्र माना जाता है।
- गुलालोत्सव – शिगमो के समय गोवा का सबसे बड़ा रंगोत्सव।
- मडगाँव (लगभग 22 किमी) के मंदिर और बाज़ार।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: मडगाँव रेलवे स्टेशन (लगभग 22 किमी) – कोंकण रेलवे का प्रमुख स्टेशन।
- सड़क मार्ग: मडगाँव से केपे-सांगे मार्ग पर बस और टैक्सी उपलब्ध।
- हवाई मार्ग: गोवा (डाबोलिम) हवाई अड्डा, मडगाँव होते हुए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जांबावली के दामोदर मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
दामोदर देवता मूल रूप से कहाँ विराजमान थे?
जांबावली का गुलालोत्सव क्या है?
गुलालोत्सव में मडगाँव के लोगों की क्या भूमिका है?
मडगाँव से जांबावली कितनी दूर है?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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दक्षिण गोवा, गोवा महादेव मंदिर, तांबडी सुरला (गोवा) भगवान शिव (महादेव)
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Ponda, गोवा श्री महालसा नारायणी मंदिर, म्हार्दोल (गोवा) देवी महालसा नारायणी (विष्णु का मोहिनी रूप)
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Ponda, गोवा श्री मंदोदरी मंदिर, बेतकी (गोवा) श्री मंदोदरी – बेतकी की ग्रामदेवी और जल देवी
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श्री गोविंद देव जी मंदिर
श्री राधा कृष्णा
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नाथद्वारा, राजस्थान
श्री नाथजी मंदिर
कृष्ण
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