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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

श्री राधा रमण मंदिर, कांचीपुर (इंफाल, मणिपुर)

Shri Radha Raman Temple, Kanchipur (Imphal)

इंफाल, मणिपुर श्री राधा रमण (भगवान कृष्ण) निःशुल्क प्रवेश

श्री राधा रमण मंदिर मणिपुर की राजधानी इंफाल के दक्षिणी छोर पर कांचीपुर (कैंचीपुर) में स्थित भगवान कृष्ण का ऐतिहासिक वैष्णव मंदिर है। यह लांगथाबाल की उस पहाड़ी पर है जहाँ कभी मणिपुर के राजाओं का एक राजमहल था और आज मणिपुर विश्वविद्यालय का परिसर है। मंदिर को महाराजा चूड़ाचाँद सिंह ने 1917 में भगवान राधा रमण को समर्पित किया था।

लांगथाबाल और राजवंश

कांचीपुर उन्नीसवीं शताब्दी में कुछ समय मणिपुर की राजधानी रहा। मणिपुरी राजवंश के वैष्णव इतिहास में लांगथाबाल का विशेष स्थान है – यहाँ अठारहवीं शताब्दी में गोविंदजी के विग्रह की स्थापना और बाद में मंदिर बनने का उल्लेख भी राजकीय वृत्तांतों में मिलता है, हालाँकि वे पुराने मंदिर अब नहीं बचे। बीसवीं शताब्दी में महाराजा चूड़ाचाँद ने यहाँ राधा रमण मंदिर बनवाया और 1918 में इसके पीछे एक मंडप जोड़ा गया।

मंदिर का स्थापत्य

ईंट और सीमेंट से बना यह मंदिर वर्गाकार योजना पर ऊँचे चबूतरे पर खड़ा है। वर्गाकार गर्भगृह चारों ओर खुले बरामदों से घिरा है, जिनमें नुकीली मेहराबें और जालीदार वेदिकाएँ हैं। ऊपर का अष्टकोणीय गुंबद और फूल-पत्तियों के अलंकरण मुगल प्रभाव दिखाते हैं, जबकि रेलिंग और तिहरे द्वार नागर शैली की याद दिलाते हैं। पीछे बने मंडप की छत अब नहीं बची है।

दर्शन से पहले

यह मंदिर आज मुख्यतः एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में जाना जाता है और यहाँ नियमित पूजा की वर्तमान स्थिति को लेकर जानकारी स्पष्ट नहीं है, इसलिए जाने से पहले स्थानीय स्तर पर पूछ लेना अच्छा रहेगा।

आसपास के दर्शन

इंफाल में श्रद्धालु राजमहल परिसर के श्री गोविंदजी मंदिर के दर्शन अवश्य करते हैं, और दक्षिण में बिष्णुपुर जिले का निंगथौखोंग गोपीनाथ मंदिर भी प्रसिद्ध है।

दर्शन का समय

  • दर्शन: निश्चित समय-सारणी उपलब्ध नहीं; दिन के उजाले में जाना उचित है।

यहाँ नियमित पूजा की वर्तमान स्थिति के बारे में स्थानीय स्तर पर पूछ लें।

मुख्य आकर्षण

  • 1917 का ऐतिहासिक राधा रमण मंदिर।
  • अष्टकोणीय गुंबद और मेहराबदार बरामदे।
  • लांगथाबाल का पुराना राजमहल स्थल (मणिपुर विश्वविद्यालय परिसर)।
  • इंफाल का श्री गोविंदजी मंदिर।

कैसे पहुँचें

  • सड़क मार्ग: कांचीपुर इंफाल शहर से लगभग 7 किमी दक्षिण में, मणिपुर विश्वविद्यालय के पास है; ऑटो और टैक्सी मिलती हैं।
  • हवाई मार्ग: इंफाल हवाई अड्डा, कुछ ही किलोमीटर दूर।
  • रेल मार्ग: निकटतम बड़ा रेलवे स्टेशन दीमापुर (नागालैंड), इंफाल होकर पहुँचना होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कांचीपुर का राधा रमण मंदिर किसने बनवाया?
यह मंदिर मणिपुर के महाराजा चूड़ाचाँद सिंह ने 1917 में भगवान राधा रमण को समर्पित किया था। राजकीय वृत्तांत में 1918 में यहाँ एक मंडप बनने का भी उल्लेख है।
राधा रमण कौन हैं?
राधा रमण भगवान कृष्ण का एक नाम है, जिसका अर्थ है राधा को आनंद देने वाले। मणिपुरी वैष्णव परंपरा में कृष्ण के इस रूप की विशेष भक्ति है।
लांगथाबाल क्या है?
लांगथाबाल कांचीपुर की वह पहाड़ी है जहाँ मणिपुर के राजाओं का एक पुराना राजमहल (लांगथाबाल कोनुंग) था। आज यहीं मणिपुर विश्वविद्यालय का परिसर है।
मंदिर का स्थापत्य कैसा है?
ईंट और सीमेंट से बना यह मंदिर वर्गाकार योजना पर है। इसका गर्भगृह खुले बरामदों से घिरा है, ऊपर अष्टकोणीय गुंबद है और मेहराबों व जालीदार वेदिकाओं में मुगल तथा नागर शैली का मेल दिखता है।
इंफाल से कांचीपुर कैसे पहुँचें?
कांचीपुर इंफाल शहर से लगभग 7 किमी दक्षिण में मणिपुर विश्वविद्यालय के पास है। शहर से ऑटो या टैक्सी द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।

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