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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

दीन दयाल भरोसे तेरे

Deen Dayal Bharose Tere – Lyrics in Hindi

गुरुदेव अपडेट:

दीन दयाल भरोसे तेरे – लिरिक्स

पाठ

दीन दयाल भरोसे तेरे,
दीन दयाल भरोसे तेरे,
सब परिवर चढ़ाया बेड़े,
सब परिवर चढ़ाया बेड़े……

राम जपोजी ऐसे ऐसे,
राम जपोजी ऐसे ऐसे,
द्रु प्रलहद जपो हर जैसे,
द्रु प्रलहद जपो हर जैसे,
दीन दयाल भरोसे तेरे,
दीन दयाल भरोसे तेरे,
सब परिवर चढ़ाया बेड़े,
सब परिवर चढ़ाया बेड़े…….

जाट गौरव ता हुक्म मानावे,
जाट गौरव ता हुक्म मानावे,
है बेड़े को पैर लंगावे,
है बेड़े को पैर लंगावे,
दीन दयाल भरोसे तेरे,
दीन दयाल भरोसे तेरे,
सब परिवर चढ़ाया बेड़े,
सब परिवर चढ़ाया बेड़े….

गुर परसाद असि बुद्ध समानी,
गुर परसाद असि बुद्ध समानी,
छुक गइ फेर अवान जानी,
छुक गइ फेर अवान जानी,
दीन दयाल भरोसे तेरे,
दीन दयाल भरोसे तेरे,
सब परिवर चढ़ाया बेड़े,
सब परिवर चढ़ाया बेड़े…..

कहो कबीर पज सरंग पाणि,
कहो कबीर पज सरंग पाणि,
गुर वार पार सब एको दानी,
या युद्ध परा सब एको दानी,
दीन दयाल भरोसे तेरे,
दीन दयाल भरोसे तेरे,
सब परिवर चढ़ाया बेड़े,
सब परिवर चढ़ाया बेड़े…….

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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