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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

ऐसा लगन लिखाया गुरुजी मारा

Aisa Lagan Likhaya Guruji Mara – Lyrics in Hindi

गुरुदेव अपडेट:

ऐसा लगन लिखाया गुरुजी मारा – लिरिक्स

पाठ

ऐसा लगन लिखाया गुरुजी मारा

ऐसा ऐसा लगन लिखाया गुरुजी मारा,
ऐसा ऐसा लगन लिखाया रे,
जनम जनम से कुवारी मारी सुरता,
अबके ब्याह रचाया रे……

अरे हरी नाम की हल्दी लगाई,
चित का चन्दन लगाया है,
दया धरम की मेहंदी लगाई,
लाल लाल रंग आया है,
ऐसा ऐसा लगन लिखाया गुरुजी मारा,
अबके ब्याह रचाया रे……

आला लीला बाँस कटाया,
मोतिया सु मण्डप सजाया हे,
अरे पांच पच्चीसा सहेल्यां मिल कर,
मंगला गितड़ा गाया है,
ऐसा ऐसा लगन लिखाया गुरुजी मारा,
अबके ब्याह रचाया रे……

अरे धूम धड़ाका सु चली रे बराता,
आछा बेण्ड बजाया हे,
आगे आगे बेंड बजत हे,
बारातियो को नचाया हे,
ऐसा ऐसा लगन लिखाया गुरुजी मारा,
अबके ब्याह रचाया रे……

अरे सूरत नुरत दोई फेरा फरिया,
कन्या दान कराया है,
अरे सतगुरु शरण रबी दास बोल्या,
बींद परण ने आया है,
ऐसा ऐसा लगन लिखाया गुरुजी मारा,
अबके ब्याह रचाया रे……

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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