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कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी

भक्तिरस – BhaktiRas

श्री कोनेटिराय स्वामी मंदिर, कीलपटला

Sri Konetiraya Swamy Temple, Keelapatla

चित्तूर, आंध्र प्रदेश भगवान श्री वेंकटेश्वर (कोनेटिराय स्वामी) निःशुल्क प्रवेश

श्री कोनेटिराय स्वामी मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िले में पलमनेर कस्बे के पास बसे गाँव कीलपटला में स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर का प्राचीन मंदिर है। यहाँ भगवान को कोनेटिराय नाम से पूजा जाता है। यह मंदिर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) का उप-मंदिर है और आंध्र-कर्नाटक सीमा क्षेत्र के भक्तों के लिए विशेष श्रद्धा का केंद्र है।

कोनेटिराय नाम की कथा

तेलुगु में कोनेरु का अर्थ है सरोवर। स्थानीय मान्यता है कि यहाँ की श्री वेंकटेश्वर प्रतिमा एक सरोवर के तल से प्राप्त हुई थी, इसलिए भगवान कोनेटिराय – सरोवर के राजा – कहलाए। 15वीं शताब्दी के महान संत-कवि अन्नमाचार्य ने भी अपने कीर्तनों में श्री वेंकटेश्वर को कोनेटिराय नाम से संबोधित किया है। एक लोक मान्यता यह भी है कि तिरुमला पहुँचने से पहले भगवान ने पहला चरण कीलपटला में रखा था।

मंदिर और विग्रह

गर्भगृह में भगवान तिरुमला जैसी खड़ी मुद्रा में विराजते हैं और उनके वक्ष पर श्रीदेवी और भूदेवी के चिह्न अंकित हैं। मंदिर द्रविड़ शैली का है। परिसर में द्वारपाल जय-विजय, दोनों देवियों सहित एक प्राचीन चेन्नकेशव प्रतिमा, आलवार संत, भू वराह मूर्ति, गरुड़ाळ्वार और आंजनेय स्वामी की सन्निधियाँ हैं। बताया जाता है कि पुंगनूर के ज़मींदारों ने इस मंदिर के विकास में योगदान दिया। 2016 में TTD ने यहाँ महासंप्रोक्षण कराया।

प्रमुख उत्सव

  • वार्षिक ब्रह्मोत्सव – TTD द्वारा आयोजित, तिथियाँ हर वर्ष घोषित होती हैं।
  • वैकुंठ एकादशी पर विशेष दर्शन।
  • रथसप्तमी।

यात्रा

कीलपटला पलमनेर से लगभग 7 किमी दूर है। बेंगलुरु–चित्तूर मार्ग पर यात्रा करने वाले भक्त इसे आसानी से जोड़ सकते हैं। चित्तूर ज़िले के काणिपाकम और अर्धगिरि मंदिर भी इसी यात्रा में देखे जा सकते हैं।

दर्शन का समय

  • सुबह: लगभग 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक
  • शाम: लगभग 5:00 से रात 8:00 बजे तक

मुख्य आकर्षण

  • कोनेटिराय स्वामी – तिरुमला जैसी मुद्रा में खड़े श्री वेंकटेश्वर, वक्ष पर श्रीदेवी-भूदेवी के चिह्न।
  • प्राचीन चेन्नकेशव प्रतिमा दोनों देवियों सहित।
  • आलवार, भू वराह मूर्ति, गरुड़ाळ्वार और आंजनेय की सन्निधियाँ।

कैसे पहुँचें

  • सड़क मार्ग: पलमनेर से लगभग 7 किमी; तिरुपति से लगभग 100–120 किमी, बेंगलुरु से लगभग 140 किमी।
  • रेल मार्ग: निकटतम बड़े स्टेशन चित्तूर, कुप्पम या तिरुपति, फिर सड़क से।
  • हवाई मार्ग: बेंगलुरु या तिरुपति हवाई अड्डा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भगवान को यहाँ कोनेटिराय क्यों कहते हैं?
तेलुगु में 'कोनेरु' का अर्थ सरोवर (तालाब) है। स्थानीय मान्यता है कि यहाँ की श्री वेंकटेश्वर प्रतिमा एक सरोवर के तल से प्राप्त हुई थी, इसलिए भगवान को कोनेटिराय – सरोवर के राजा – कहा जाता है।
अन्नमाचार्य का इस मंदिर से क्या संबंध है?
15वीं शताब्दी के संत-कवि अन्नमाचार्य ने अपने कीर्तनों में श्री वेंकटेश्वर को 'कोनेटिराय' नाम से कई बार संबोधित किया है। इस मंदिर की परंपरा इसी नाम से जुड़ी है।
कीलपटला मंदिर का प्रबंधन कौन करता है?
यह तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) का उप-मंदिर है। 2016 में TTD ने यहाँ महासंप्रोक्षण कराया था।
कीलपटला में कौन से उत्सव होते हैं?
वार्षिक ब्रह्मोत्सव (2026 में यह अप्रैल-मई में हुआ), वैकुंठ एकादशी और रथसप्तमी प्रमुख उत्सव हैं। सटीक तिथियाँ हर वर्ष TTD घोषित करता है।
कीलपटला कहाँ है?
कीलपटला आंध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िले में पलमनेर कस्बे से लगभग 7 किमी दूर है। बेंगलुरु से यह लगभग 140 किमी और तिरुपति से लगभग 100–120 किमी है।

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