श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर तिरुपति से लगभग 12 किमी पश्चिम में श्रीनिवासमंगापुरम में स्थित है। यहाँ भगवान वेंकटेश्वर चार भुजाओं के साथ खड़ी मुद्रा में, पूर्वमुखी विराजते हैं। मान्यता है कि विवाह के बाद भगवान श्रीनिवास और देवी पद्मावती ने अपने पहले छह महीने यहीं बिताए थे। भक्त इस मंदिर को तिरुमला के बाद सबसे पवित्र वेंकटेश्वर मंदिरों में गिनते हैं। मंदिर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अधीन है।
अगस्त्य आश्रम की कथा
स्थल कथा के अनुसार नारायणवनम में विवाह के बाद भगवान और देवी पद्मावती तिरुमला की ओर चले। परंपरा थी कि नवविवाहित दंपती विवाह के तुरंत बाद पर्वत पर नहीं चढ़ते, इसलिए अगस्त्य मुनि ने उनसे अपने आश्रम में छह महीने रुकने का आग्रह किया। यह आश्रम कल्याणी नदी के तट पर बताया जाता है। छह महीने बाद दंपती श्रीवारी मेट्टु के पैदल मार्ग से तिरुमला गए। इसी कथा के कारण नवविवाहित जोड़े यहाँ विशेष रूप से दर्शन करने आते हैं।
इतिहास और संरक्षण
मंदिर के शिलालेखों के आधार पर बताया जाता है कि 16वीं शताब्दी में पद-कवि अन्नमाचार्य के पौत्र ताल्लपाक चिन्न तिरुमलाचार्य ने इसका जीर्णोद्धार कराया। यह मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक है। विकिपीडिया के अनुसार 1967 से 1981 तक इसकी देखरेख पुरातत्व विभाग के पास रही, और 1981 से TTD यहाँ पूजा-उत्सवों का संचालन करता है। मंदिर में लक्ष्मीनारायण और रंगनाथ के सन्निधि भी हैं।
प्रमुख उत्सव
- वार्षिक ब्रह्मोत्सव – विभिन्न वाहनों पर भगवान की शोभा यात्रा।
- वैकुंठ एकादशी पर विशेष दर्शन।
आसपास के दर्शन
मंदिर से लगभग 6 किमी उत्तर में श्रीवारी मेट्टु पैदल मार्ग शुरू होता है, जिससे बहुत से भक्त तिरुमला चढ़ते हैं। तिरुपति नगर में गोविंदराज स्वामी और कोदंडराम स्वामी के मंदिर, तथा तिरुचानूर में देवी पद्मावती का मंदिर दर्शन योग्य हैं।
दर्शन का समय
- सुबह: लगभग 6:00 बजे से
- रात: लगभग 8:00 बजे तक
- उत्सवों के दिनों में समय बदल सकता है।
मुख्य आकर्षण
- श्री कल्याण वेंकटेश्वर – चार भुजाओं वाले, खड़ी मुद्रा में।
- लक्ष्मीनारायण और रंगनाथ के सन्निधि।
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक।
- पास ही श्रीवारी मेट्टु – तिरुमला जाने वाला पैदल मार्ग।
कैसे पहुँचें
- सड़क मार्ग: तिरुपति से लगभग 12 किमी पश्चिम; बस, ऑटो और टैक्सी उपलब्ध।
- रेल मार्ग: तिरुपति रेलवे स्टेशन (लगभग 12 किमी)।
- हवाई मार्ग: तिरुपति (रेणिगुंटा) हवाई अड्डा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
श्रीनिवासमंगापुरम का क्या महत्व है?
नवविवाहित जोड़े यहाँ दर्शन क्यों करते हैं?
मंदिर का जीर्णोद्धार किसने किया?
श्रीवारी मेट्टु क्या है?
तिरुपति से श्रीनिवासमंगापुरम कितनी दूर है?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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तिरुपति, आंध्र प्रदेश श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, नारायणवनम भगवान श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी, देवी पद्मावती
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Kakinada, आंध्र प्रदेश श्री श्रृंगार वल्लभ स्वामी मंदिर, तोलि तिरुपति (चदलाड) श्री श्रृंगार वल्लभ स्वामी (भगवान वेंकटेश्वर का स्वरूप), श्रीदेवी और भूदेवी सहित
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श्रीकालहस्ती, आंध्र प्रदेश श्रीकालहस्तीश्वर मंदिर, श्रीकालहस्ती भगवान शिव (श्रीकालहस्तीश्वर) – वायु लिंगम; देवी ज्ञानप्रसूनाम्बा
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Kakinada, आंध्र प्रदेश श्री सूर्यनारायण स्वामी मंदिर, गोल्लल मामिडाडा भगवान श्री सूर्यनारायण स्वामी
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