श्रीमुखलिंगम आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम ज़िले में वंशधारा नदी के बाएँ तट पर बसा एक प्राचीन शैव तीर्थ है। यहाँ भगवान शिव के तीन प्रसिद्ध मंदिर हैं – मुख्य मधुकेश्वर (मुखलिंगेश्वर), सोमेश्वर और भीमेश्वर। ओडिशा सीमा के पास होने के कारण यहाँ आंध्र और ओडिशा दोनों के भक्त बड़ी श्रद्धा से आते हैं।
नाम और मुखयुक्त लिंग
भक्तों की मान्यता है कि मुख्य मंदिर के शिवलिंग पर भगवान का मुख अंकित है, इसी से स्थान का नाम “श्रीमुखलिंगम” पड़ा। एक अन्य व्याख्या के अनुसार यह नाम “मधुकलिंग” का बदला हुआ रूप है – मधुक अर्थात महुआ वृक्ष, जिससे मंदिर का नाम मधुकेश्वर जुड़ा है।
गंगों की राजधानी कलिंगनगर
यह गाँव कभी कलिंगनगर कहलाता था और लगभग 6वीं से 12वीं शताब्दी तक पूर्वी गंग राजवंश की राजधानी रहा। मुख्य मंदिर राजा कामार्णव द्वितीय के काल का माना जाता है। 1122 ई. के आसपास राजा अनंतवर्मन चोडगंग ने उत्कल पर विजय के बाद राजधानी कटक स्थानांतरित की। इतिहासकार इन मंदिरों को 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच अलग-अलग समय का मानते हैं। 17वीं शताब्दी में परलाखेमुंडी के महाराजा ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया।
स्थापत्य
तीनों मंदिर कलिंग शैली के रेखा देउल रूप में बने हैं। दीवारों और शिखर पर देवी-देवताओं, त्रिमूर्ति और अलंकरणों की बारीक नक्काशी है। इनके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इन्हें यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की माँग भी उठी है।
प्रमुख उत्सव
- महाशिवरात्रि: सबसे बड़ा उत्सव, जो कई दिनों तक चलता है; आंध्र और ओडिशा से बड़ी संख्या में भक्त।
- चक्रतीर्थ स्नान: वार्षिक पवित्र स्नान, वंशधारा नदी में।
दर्शन का समय
- सुबह: लगभग 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक
- शाम: लगभग 4:00 से रात 8:00 बजे तक
- महाशिवरात्रि पर समय बदल सकता है।
मुख्य आकर्षण
- मधुकेश्वर (मुखलिंगेश्वर) मंदिर – मुख्य मंदिर, जिसके लिंग पर मुख की आकृति मानी जाती है।
- भीमेश्वर मंदिर और सोमेश्वर मंदिर – कलिंग स्थापत्य के सुंदर नमूने।
- नक्काशी – शिखर पर त्रिमूर्ति और देवी-देवताओं की मूर्तियाँ।
- वंशधारा नदी – चक्रतीर्थ स्नान।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: श्रीकाकुलम रोड (आमदालवलसा) रेलवे स्टेशन।
- सड़क मार्ग: श्रीकाकुलम से लगभग 48 किमी, APSRTC बसें उपलब्ध; ओडिशा का परलाखेमुंडी पास में है।
- हवाई मार्ग: विशाखापत्तनम हवाई अड्डा (लगभग 160 किमी)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
श्रीमुखलिंगम नाम का क्या अर्थ है?
श्रीमुखलिंगम में कौन-कौन से मंदिर हैं?
श्रीमुखलिंगम का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
श्रीमुखलिंगम में महाशिवरात्रि कैसे मनाई जाती है?
श्रीकाकुलम से श्रीमुखलिंगम कितनी दूर है?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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तिरुपति, आंध्र प्रदेश श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, नारायणवनम भगवान श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी, देवी पद्मावती
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Kakinada, आंध्र प्रदेश श्री श्रृंगार वल्लभ स्वामी मंदिर, तोलि तिरुपति (चदलाड) श्री श्रृंगार वल्लभ स्वामी (भगवान वेंकटेश्वर का स्वरूप), श्रीदेवी और भूदेवी सहित
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श्रीकालहस्ती, आंध्र प्रदेश श्रीकालहस्तीश्वर मंदिर, श्रीकालहस्ती भगवान शिव (श्रीकालहस्तीश्वर) – वायु लिंगम; देवी ज्ञानप्रसूनाम्बा
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तिरुपति, आंध्र प्रदेश श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, श्रीनिवासमंगापुरम भगवान श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी (चतुर्भुज, पूर्वमुखी)
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Kakinada, आंध्र प्रदेश श्री सूर्यनारायण स्वामी मंदिर, गोल्लल मामिडाडा भगवान श्री सूर्यनारायण स्वामी
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तिरुपति, आंध्र प्रदेश श्री वेंकटेश्वर मंदिर (तिरुपति बालाजी), तिरुमला भगवान श्री वेंकटेश्वर (बालाजी / श्रीनिवास)