श्री कोदंडराम स्वामी मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुपति नगर के बीच, चहल-पहल वाले बाज़ार क्षेत्र में स्थित भगवान श्रीराम का प्राचीन मंदिर है। यहाँ कोदंड धनुष धारण किए श्रीराम, देवी सीता और लक्ष्मण के साथ विराजते हैं। मंदिर पश्चिममुखी है और इसके ठीक सामने आंजनेय स्वामी का मंदिर है, जो इसी मंदिर का उप-मंदिर माना जाता है। मंदिर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अधीन है।
स्थल पुराण
वराह पुराण के अनुसार त्रेता युग में लंका विजय के बाद अयोध्या लौटते समय श्रीराम, सीता और लक्ष्मण ने इस स्थान पर निवास किया था। एक स्थानीय परंपरा यह भी कहती है कि यहाँ के विग्रहों की स्थापना जांबवान ने की थी और बाद में राजा जनमेजय ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया – इसे परंपरा की कथा के रूप में ही देखा जाता है।
मंदिर का इतिहास
TTD के अनुसार यह मंदिर 10वीं शताब्दी में चोल राजाओं ने बनवाया और विजयनगर काल में इसका और विकास हुआ। बाहरी मंडपों की चट्टानी दीवारों पर विजयनगर राजवंश के चिह्न दिखाई देते हैं। पूजा वैखानस आगम के अनुसार होती है। मंदिर का सरोवर श्रीरामचंद्र पुष्करिणी कहलाता है।
प्रमुख उत्सव
- वार्षिक ब्रह्मोत्सव (मार्च-अप्रैल): नौ दिनों का सबसे बड़ा उत्सव।
- श्रीराम नवमी: नवमी को हनुमंत वाहन सेवा, दशमी को श्री सीताराम कल्याणम और एकादशी को श्रीराम पट्टाभिषेक।
- तेप्पोत्सव: तीन दिनों तक श्रीरामचंद्र पुष्करिणी में नौका पर भगवान की सवारी।
आसपास के दर्शन
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड दोनों से यह मंदिर कुछ ही दूरी पर है। पास में गोविंदराज स्वामी मंदिर, उत्तर में कपिल तीर्थम और लगभग 5 किमी दूर तिरुचानूर का पद्मावती मंदिर है।
दर्शन का समय
- सुबह: लगभग 5:30 बजे से
- रात: लगभग 8:30 बजे तक
- उत्सवों के दिनों में समय बदल सकता है।
मुख्य आकर्षण
- श्री कोदंडराम – धनुषधारी श्रीराम, सीता और लक्ष्मण सहित।
- मंदिर के ठीक सामने आंजनेय स्वामी मंदिर।
- श्रीरामचंद्र पुष्करिणी – मंदिर सरोवर।
- बाहरी मंडपों की दीवारों पर विजयनगर काल के चिह्न।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: तिरुपति रेलवे स्टेशन लगभग 1-2 किमी।
- सड़क मार्ग: तिरुपति बस स्टैंड से लगभग 1-2 किमी; ऑटो उपलब्ध।
- हवाई मार्ग: तिरुपति (रेणिगुंटा) हवाई अड्डा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कोदंडराम नाम का क्या अर्थ है?
इस मंदिर से कौन-सी कथा जुड़ी है?
मंदिर कितना पुराना है?
कोदंडराम मंदिर में श्रीराम नवमी कैसे मनाई जाती है?
मंदिर का ब्रह्मोत्सव कब होता है?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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तिरुपति, आंध्र प्रदेश श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, नारायणवनम भगवान श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी, देवी पद्मावती
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