बाबा पातालेश्वरनाथ मंदिर बिहार के वैशाली ज़िले के मुख्यालय हाजीपुर का प्रमुख शिव मंदिर है। शहर के लोग बाबा पातालेश्वरनाथ को आदर से “नगर महादेव” कहते हैं। स्थानीय समाचारों के अनुसार मंदिर मस्जिद चौक और चौहट्टा के बीच भरत राउत कटरा मोहल्ले में स्थित है और हाजीपुर के शिवभक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र है।
पाताल से प्रकट शिवलिंग की मान्यता
लोक परंपरा के अनुसार यह स्थान बहुत प्राचीन काल से पूजित है। मान्यता है कि यहाँ का शिवलिंग स्वयंभू है – यानी उसे किसी ने स्थापित नहीं किया, बल्कि वह धरती के भीतर से स्वयं प्रकट हुआ। पाताल से प्रकट होने के कारण ही भगवान शिव यहाँ पातालेश्वर नाम से पूजे जाते हैं। मंदिर की स्थापना की कोई निश्चित तिथि ज्ञात नहीं है।
महाशिवरात्रि की शिव बारात
हाजीपुर की महाशिवरात्रि का सबसे बड़ा आयोजन यहीं से होता है। इस दिन नगर महादेव बाबा पातालेश्वरनाथ के मंदिर से भव्य शिव बारात निकलती है, जिसमें झाँकियाँ और बैंड पार्टियाँ शामिल होती हैं। बारात पूरे शहर में घूमकर अक्षयवट राय स्टेडियम तक पहुँचती है और अच्छी झाँकियों को पुरस्कृत भी किया जाता है।
सावन में जलाभिषेक
श्रावण मास, विशेषकर सावन की सोमवारी, पर भोर से ही हज़ारों श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से पूरा मोहल्ला गूँज उठता है।
आसपास के दर्शन
- रामचौरा मंदिर – जहाँ श्रीराम के चरण-चिह्नों की पूजा होती है।
- कौनहारा घाट – गंगा और गंडक के संगम क्षेत्र का प्रसिद्ध घाट।
- हाजीपुर के अन्य शिवालय, जहाँ सावन में भक्तों की भीड़ रहती है।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह लगभग 4:00–5:00 बजे से रात लगभग 8:30–9:00 बजे तक
सावन की सोमवारी और महाशिवरात्रि पर भोर से ही जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगती हैं; समय स्थानीय रूप से बदल सकता है।
मुख्य आकर्षण
- बाबा पातालेश्वरनाथ – शिवलिंग, जिसे धरती से स्वयं प्रकट माना जाता है।
- महाशिवरात्रि की शिव बारात – मंदिर से निकलकर पूरे शहर में घूमने वाली झाँकियाँ।
- सावन सोमवारी – हज़ारों श्रद्धालुओं का जलाभिषेक।
- पास में रामचौरा मंदिर और गंगा-गंडक संगम क्षेत्र का कौनहारा घाट।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: हाजीपुर जंक्शन – शहर के भीतर, वहाँ से ऑटो या ई-रिक्शा।
- सड़क मार्ग: पटना से महात्मा गांधी सेतु होकर हाजीपुर; शहर में ऑटो और ई-रिक्शा।
- हवाई मार्ग: जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना (लगभग 20–25 किमी)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पातालेश्वरनाथ मंदिर कहाँ है?
मंदिर का नाम पातालेश्वर क्यों पड़ा?
पातालेश्वरनाथ को 'नगर महादेव' क्यों कहते हैं?
महाशिवरात्रि पर यहाँ क्या होता है?
पटना से पातालेश्वरनाथ मंदिर कैसे पहुँचें?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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Sasaram, बिहार माँ ताराचंडी मंदिर, सासाराम माँ ताराचंडी (देवी तारा / दुर्गा)
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मधुबनी, बिहार मिथिला शक्तिपीठ (उच्चैठ भगवती), मधुबनी माँ उच्चैठ भगवती (उमा / वनदुर्गा, छिन्नमस्तिका दुर्गा); भैरव – महोदर
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गोपालगंज, बिहार थावे भवानी मंदिर, गोपालगंज माँ थावेवाली (सिंहासिनी भवानी / रहषु भवानी) – देवी दुर्गा
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Gaya, बिहार मंगला गौरी मंदिर, गया माँ मंगला गौरी (सती / गौरी)
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मधुबनी, बिहार उगना महादेव मंदिर, भवानीपुर (मधुबनी) भगवान शिव (उगना महादेव / उग्रनाथ)
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Chapra, बिहार अंबिका भवानी मंदिर (आमी मंदिर), दिघवारा, सारण माँ अंबिका भवानी (सती), साथ में भगवान शिव