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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

बाबा पातालेश्वरनाथ मंदिर, हाजीपुर

Baba Pataleshwar Nath Temple, Hajipur

Hajipur, बिहार भगवान शिव (बाबा पातालेश्वरनाथ, शिवलिंग रूप) निःशुल्क प्रवेश

बाबा पातालेश्वरनाथ मंदिर बिहार के वैशाली ज़िले के मुख्यालय हाजीपुर का प्रमुख शिव मंदिर है। शहर के लोग बाबा पातालेश्वरनाथ को आदर से “नगर महादेव” कहते हैं। स्थानीय समाचारों के अनुसार मंदिर मस्जिद चौक और चौहट्टा के बीच भरत राउत कटरा मोहल्ले में स्थित है और हाजीपुर के शिवभक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र है।

पाताल से प्रकट शिवलिंग की मान्यता

लोक परंपरा के अनुसार यह स्थान बहुत प्राचीन काल से पूजित है। मान्यता है कि यहाँ का शिवलिंग स्वयंभू है – यानी उसे किसी ने स्थापित नहीं किया, बल्कि वह धरती के भीतर से स्वयं प्रकट हुआ। पाताल से प्रकट होने के कारण ही भगवान शिव यहाँ पातालेश्वर नाम से पूजे जाते हैं। मंदिर की स्थापना की कोई निश्चित तिथि ज्ञात नहीं है।

महाशिवरात्रि की शिव बारात

हाजीपुर की महाशिवरात्रि का सबसे बड़ा आयोजन यहीं से होता है। इस दिन नगर महादेव बाबा पातालेश्वरनाथ के मंदिर से भव्य शिव बारात निकलती है, जिसमें झाँकियाँ और बैंड पार्टियाँ शामिल होती हैं। बारात पूरे शहर में घूमकर अक्षयवट राय स्टेडियम तक पहुँचती है और अच्छी झाँकियों को पुरस्कृत भी किया जाता है।

सावन में जलाभिषेक

श्रावण मास, विशेषकर सावन की सोमवारी, पर भोर से ही हज़ारों श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से पूरा मोहल्ला गूँज उठता है।

आसपास के दर्शन

  • रामचौरा मंदिर – जहाँ श्रीराम के चरण-चिह्नों की पूजा होती है।
  • कौनहारा घाट – गंगा और गंडक के संगम क्षेत्र का प्रसिद्ध घाट।
  • हाजीपुर के अन्य शिवालय, जहाँ सावन में भक्तों की भीड़ रहती है।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह लगभग 4:00–5:00 बजे से रात लगभग 8:30–9:00 बजे तक

सावन की सोमवारी और महाशिवरात्रि पर भोर से ही जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगती हैं; समय स्थानीय रूप से बदल सकता है।

मुख्य आकर्षण

  • बाबा पातालेश्वरनाथ – शिवलिंग, जिसे धरती से स्वयं प्रकट माना जाता है।
  • महाशिवरात्रि की शिव बारात – मंदिर से निकलकर पूरे शहर में घूमने वाली झाँकियाँ।
  • सावन सोमवारी – हज़ारों श्रद्धालुओं का जलाभिषेक।
  • पास में रामचौरा मंदिर और गंगा-गंडक संगम क्षेत्र का कौनहारा घाट।

कैसे पहुँचें

  • रेल मार्ग: हाजीपुर जंक्शन – शहर के भीतर, वहाँ से ऑटो या ई-रिक्शा।
  • सड़क मार्ग: पटना से महात्मा गांधी सेतु होकर हाजीपुर; शहर में ऑटो और ई-रिक्शा।
  • हवाई मार्ग: जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना (लगभग 20–25 किमी)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पातालेश्वरनाथ मंदिर कहाँ है?
बाबा पातालेश्वरनाथ मंदिर बिहार के वैशाली ज़िले के मुख्यालय हाजीपुर शहर में है। स्थानीय समाचारों के अनुसार यह मस्जिद चौक और चौहट्टा के बीच भरत राउत कटरा मोहल्ले में स्थित है।
मंदिर का नाम पातालेश्वर क्यों पड़ा?
स्थानीय मान्यता है कि यहाँ का शिवलिंग किसी ने स्थापित नहीं किया, बल्कि धरती के भीतर से स्वयं प्रकट हुआ। पाताल (धरती के भीतर) से प्रकट होने के कारण ही भगवान शिव यहाँ पातालेश्वर कहलाए।
पातालेश्वरनाथ को 'नगर महादेव' क्यों कहते हैं?
हाजीपुर के लोग बाबा पातालेश्वरनाथ को अपने नगर का प्रमुख शिवधाम मानते हैं, इसलिए उन्हें 'नगर महादेव' कहा जाता है। शहर के बड़े शिव उत्सव, जैसे महाशिवरात्रि की शिव बारात, यहीं से निकलते हैं।
महाशिवरात्रि पर यहाँ क्या होता है?
महाशिवरात्रि पर बाबा पातालेश्वरनाथ मंदिर से भव्य शिव बारात निकलती है, जिसमें झाँकियाँ और बैंड पार्टियाँ शामिल होती हैं। बारात शहर में घूमकर अक्षयवट राय स्टेडियम तक पहुँचती है।
पटना से पातालेश्वरनाथ मंदिर कैसे पहुँचें?
पटना से महात्मा गांधी सेतु पार करके सड़क मार्ग से हाजीपुर पहुँचा जा सकता है। हाजीपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन भी पास है, जहाँ से ऑटो या ई-रिक्शा द्वारा मंदिर तक जाया जा सकता है।

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