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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

कपिलेश्वर स्थान (कपिलेश्वरनाथ महादेव), मधुबनी

Kapileshwar Sthan (Kapileshwarnath Mahadev), Madhubani

मधुबनी, बिहार भगवान शिव (बाबा कपिलेश्वरनाथ); परिसर में माता पार्वती और हनुमान जी निःशुल्क प्रवेश

कपिलेश्वर स्थान बिहार के मिथिला क्षेत्र में मधुबनी ज़िले के रहिका प्रखंड में स्थित भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर है। यहाँ महादेव बाबा कपिलेश्वरनाथ के नाम से पूजे जाते हैं। मान्यता है कि यह शिवलिंग सांख्य दर्शन के प्रवर्तक कपिल मुनि ने स्वयं स्थापित किया था। मधुबनी ज़िले के प्रमुख शिवालयों में इसकी गिनती होती है।

कपिल मुनि और सांख्य शास्त्र

परंपरा के अनुसार महर्षि कर्दम और देवहूति के पुत्र कपिल मुनि भगवान शिव के उपासक थे। कहा जाता है कि रहिका क्षेत्र में उनका आश्रम था, जहाँ उन्होंने सांख्य शास्त्र की रचना की और वर्षों तक शिष्यों को पढ़ाया। मिथिला के राजा सीरध्वज जनक भी यहाँ सांख्य शास्त्र का अध्ययन करने आए थे, ऐसी मान्यता है। इसी आश्रम-परंपरा से जुड़ा शिवलिंग आज कपिलेश्वर स्थान के रूप में पूजित है।

मंदिर परिसर

मंदिर एक बड़ी चारदीवारी से घिरा है, जिसके बीच में भगवान शिव का मुख्य मंदिर है। परिसर में माता पार्वती और हनुमान जी के मंदिर भी हैं, और यहाँ कई पुरानी मूर्तियाँ देखी जा सकती हैं। मंदिर के बाहर दरभंगा राज की सहायता से एक बड़ा तालाब खुदवाया गया था, जिससे जल लेकर भक्त जलाभिषेक करते रहे हैं। आसपास खरौआ, रामपुर और जगत जैसे गाँव बसे हैं।

प्रमुख उत्सव

  • श्रावण मास: बिहार के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं; सावन की सोमवारी पर सुबह से देर रात तक कतारें लगती हैं।
  • महाशिवरात्रि: विशेष पूजा और रात्रि जागरण।

नाम को लेकर ध्यान दें

कपिलेश्वर नाम के और भी शिव मंदिर हैं – जैसे सुपौल ज़िले के गढ़ बरुआरी का कपिलेश्वर महादेव मंदिर और नेपाल के जनकपुर का कपिलेश्वर मंदिर। ये अलग स्थान हैं। यात्रा से पहले मधुबनी-रहिका वाला कपिलेश्वर स्थान ही चुनें। मधुबनी आने वाले यात्री पास के उगना महादेव (भवानीपुर) और उच्चैठ भगवती के दर्शन भी कर सकते हैं।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह लगभग 5:00 से रात लगभग 9:00 बजे तक

सावन की सोमवारी पर भोर से देर रात तक जलाभिषेक के लिए कतारें लगती हैं; समय स्थानीय रूप से बदल सकता है।

मुख्य आकर्षण

  • बाबा कपिलेश्वरनाथ – कपिल मुनि द्वारा स्थापित माना जाने वाला शिवलिंग।
  • बड़ा तालाब – दरभंगा राज की सहायता से खुदवाया गया, जिसके जल से जलाभिषेक की परंपरा रही है।
  • परिसर के पार्वती और हनुमान मंदिर तथा पुरानी मूर्तियाँ।
  • मिथिला की मधुबनी चित्रकला का क्षेत्र।

कैसे पहुँचें

  • सड़क मार्ग: मधुबनी शहर से लगभग 8–9 किमी, रहिका होकर; ऑटो और टैक्सी उपलब्ध।
  • रेल मार्ग: मधुबनी रेलवे स्टेशन (सबसे निकट); वहाँ से सड़क मार्ग।
  • हवाई मार्ग: दरभंगा हवाई अड्डा (सबसे निकट); पटना हवाई अड्डा भी विकल्प।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कपिलेश्वर स्थान का शिवलिंग किसने स्थापित किया?
मान्यता है कि सांख्य दर्शन के प्रवर्तक कपिल मुनि भगवान शिव के भक्त थे और उन्होंने ही यहाँ शिवलिंग स्थापित किया। इसी कारण भगवान शिव यहाँ कपिलेश्वर या कपिलेश्वरनाथ कहलाते हैं।
कपिलेश्वर स्थान कहाँ है?
कपिलेश्वर स्थान बिहार के मधुबनी ज़िले के रहिका प्रखंड में है, जो मधुबनी शहर से लगभग 8–9 किमी दूर है। आसपास खरौआ, रामपुर और जगत जैसे गाँव बसे हैं।
कपिल आश्रम का इस मंदिर से क्या संबंध है?
परंपरा के अनुसार रहिका क्षेत्र में कपिल मुनि का आश्रम था, जहाँ उन्होंने सांख्य शास्त्र की रचना की और शिष्यों को शिक्षा दी। कहा जाता है कि मिथिला के राजा सीरध्वज जनक भी यहाँ सांख्य शास्त्र पढ़ने आए थे।
सावन में कपिलेश्वर स्थान में क्या होता है?
श्रावण मास में बिहार के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु बाबा कपिलेश्वरनाथ का जलाभिषेक करने आते हैं। सावन की सोमवारी पर विशेष भीड़ रहती है और मंदिर में भव्य तैयारियाँ की जाती हैं।
क्या सुपौल का कपिलेश्वर मंदिर यही है?
नहीं। सुपौल ज़िले के गढ़ बरुआरी में और नेपाल के जनकपुर में भी कपिलेश्वर नाम के अलग शिव मंदिर हैं। यह पृष्ठ मधुबनी ज़िले के रहिका प्रखंड वाले कपिलेश्वर स्थान के बारे में है।

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