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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

महावीर मंदिर, पटना

Mahavir Mandir, Patna

Patna, बिहार संकटमोचन हनुमान जी (महावीर) निःशुल्क प्रवेश

महावीर मंदिर बिहार की राजधानी पटना में पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के ठीक पास स्थित संकटमोचन हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर है। इसे उत्तर भारत के सबसे अधिक दर्शनार्थियों वाले हनुमान मंदिरों में गिना जाता है। मंदिर का प्रबंधन श्री महावीर स्थान न्यास समिति करती है, जो अस्पतालों और अनेक सेवा कार्यों के लिए भी जानी जाती है। यहाँ का नैवेद्यम लड्डू प्रसाद दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।

मंदिर का इतिहास

1948 के पटना उच्च न्यायालय के एक निर्णय में कहा गया कि यह मंदिर अनादि काल से विद्यमान है, जबकि ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार रामानंदी संप्रदाय के संत स्वामी बालानंद ने लगभग 1730 ई. में इसकी स्थापना की थी। 1947 के विभाजन के बाद जब बड़ी संख्या में शरणार्थी पटना आए, तब मंदिर की लोकप्रियता बहुत बढ़ी। बाद में यहाँ पक्का भवन बना, और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए 1987 में उसे हटाकर संगमरमर का नया भव्य मंदिर बनाया गया।

मंदिर और विग्रह

मंदिर नागर शैली में बना बहुमंज़िला भवन है। भूतल पर हनुमान जी के दो विग्रह विराजते हैं और भगवान शिव का स्थान भी है। प्रथम तल पर श्रीराम, श्रीकृष्ण, शिव सहित अनेक देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ हैं, साथ ही एक रामसेतु शिला भी रखी गई है। दूसरे तल पर संस्कारों के लिए संस्कार मंडप है। मंदिर की एक उल्लेखनीय परंपरा यह भी है कि 1993 से यहाँ दलित समाज से आने वाले सूर्यवंशी दास पुजारी के रूप में सेवा कर रहे हैं।

नैवेद्यम लड्डू

हनुमान जी को अर्पित होने वाला लड्डू यहाँ नैवेद्यम कहलाता है। इसे तिरुपति से आए कारीगर देसी घी में तैयार करते हैं। यह प्रसाद 1990 के दशक में शुरू हुआ और आज पटना आने वाले अधिकतर यात्री इसे अवश्य लेते हैं। रामनवमी पर इसके लिए मंदिर के बाहर कई काउंटर लगाए जाते हैं।

प्रमुख उत्सव

  • रामनवमी: मंदिर का सबसे बड़ा पर्व – कतारें एक किलोमीटर से भी लंबी हो जाती हैं और मंदिर तड़के खुलता है।
  • हनुमान जयंती: विशेष श्रृंगार और पूजा।
  • मंगलवार और शनिवार: हनुमान उपासना के पारंपरिक दिन, जब भीड़ अधिक रहती है।
  • नववर्ष: 1 जनवरी को भी बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं।

सेवा कार्य

मंदिर न्यास महावीर कैंसर संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल और महावीर आरोग्य अस्पताल जैसे संस्थान चलाता है। न्यास 1990 से धर्मायण नाम की पत्रिका प्रकाशित करता है और दिसंबर 2019 से अयोध्या में राम रसोई के माध्यम से निःशुल्क भोजन कराता है। पटना यात्रा में महावीर मंदिर के साथ पटन देवी और अगमकुआँ के पास शीतला माता मंदिर के दर्शन भी किए जा सकते हैं।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह लगभग 5:00 से रात लगभग 10:00 बजे तक
  • विशेष दिन: मंगलवार और शनिवार को अधिक भीड़ रहती है

रामनवमी पर मंदिर बहुत जल्दी खुलता है और लंबी कतारें लगती हैं; समय स्थानीय सूचना से जाँच लें।

मुख्य आकर्षण

  • संकटमोचन हनुमान – भूतल पर हनुमान जी के दो विग्रह।
  • प्रथम तल – श्रीराम, श्रीकृष्ण, शिव सहित अनेक देव-विग्रह और रामसेतु शिला।
  • नैवेद्यम लड्डू – तिरुपति के कारीगरों द्वारा तैयार प्रसाद।
  • संस्कार मंडप – पूजा और संस्कारों के लिए।

कैसे पहुँचें

  • रेल मार्ग: पटना जंक्शन – मंदिर स्टेशन के ठीक पास है।
  • सड़क मार्ग: पटना शहर के सभी हिस्सों से ऑटो, ई-रिक्शा और बसें।
  • हवाई मार्ग: जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पटना महावीर मंदिर किसने स्थापित किया?
ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार रामानंदी संप्रदाय के संत स्वामी बालानंद ने लगभग 1730 ई. में इसकी स्थापना की थी। 1948 के पटना उच्च न्यायालय के एक निर्णय में भी मंदिर को बहुत प्राचीन बताया गया है।
महावीर मंदिर का नैवेद्यम क्या है?
नैवेद्यम यहाँ का प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद है, जो हनुमान जी को अर्पित किया जाता है। इसे तिरुपति से आए कारीगर तैयार करते हैं। यह प्रसाद 1990 के दशक से चल रहा है।
महावीर मंदिर में सबसे अधिक भीड़ कब होती है?
रामनवमी और हनुमान जयंती पर सबसे अधिक भीड़ होती है। इसके अलावा हर मंगलवार और शनिवार तथा नववर्ष के दिन भी हज़ारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
पटना जंक्शन से महावीर मंदिर कितनी दूर है?
महावीर मंदिर पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के ठीक पास है। स्टेशन से बाहर निकलकर पैदल कुछ ही मिनट में पहुँचा जा सकता है।
महावीर मंदिर न्यास कौन-से सेवा कार्य करता है?
श्री महावीर स्थान न्यास समिति महावीर कैंसर संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल और महावीर आरोग्य अस्पताल जैसे अस्पताल चलाती है। अयोध्या में 'राम रसोई' के माध्यम से निःशुल्क भोजन की व्यवस्था भी न्यास करता है।

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