शीतला माता मंदिर पटना के पुराने हिस्से में गुलज़ारबाग क्षेत्र के प्राचीन अगमकुआँ के ठीक पास स्थित माँ शीतला का प्रसिद्ध स्थान है। माँ शीतला को देवी दुर्गा का ही एक रूप माना जाता है, और भक्तों का विश्वास है कि वे चेचक, खसरा जैसे रोगों से रक्षा करती हैं। पटना के लोगों के लिए यह सदियों से आस्था का केंद्र रहा है।
मंदिर और पिंडियाँ
मंदिर की विशेषता यह है कि गर्भगृह में माँ शीतला के साथ सप्तमातृकाओं – सात मातृ देवियों – की पत्थर की पिंडियाँ पूजी जाती हैं। यहाँ भैरव और चंडी के विग्रह भी स्थापित हैं। महिलाएँ देवी को सोलह श्रृंगार अर्पित करती हैं, नवविवाहित जोड़े यहाँ चौठारी पूजा करने आते हैं, और संतान या स्वास्थ्य की कामना से भी लोग मन्नत माँगते हैं।
अगमकुआँ
मंदिर से सटा अगमकुआँ एक प्राचीन कुआँ है, जिसे परंपरा से मौर्य सम्राट अशोक के काल से जोड़ा जाता है। यह स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है। मंदिर और कुआँ एक ही परिसर के निकट होने से दर्शनार्थी दोनों को साथ देखते हैं।
प्रमुख उत्सव
- शीतला अष्टमी (चैत्र): मंदिर का सबसे बड़ा पर्व, जब दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
- नवरात्रि और दशहरा: विशेष पूजा और भीड़।
- मंगलवार: सबसे शुभ दिन; भक्त दीप जलाते हैं और विशेष प्रार्थना करते हैं।
आसपास के दर्शन
पटना सिटी में ही पटन देवी के मंदिर और तख्त श्री हरिमंदिर साहिब हैं। पटना जंक्शन के पास महावीर मंदिर के दर्शन के साथ यह यात्रा एक दिन में पूरी की जा सकती है।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से रात लगभग 8:00 बजे तक
- विशेष दिन: मंगलवार को अधिक भीड़ रहती है
मुख्य आकर्षण
- सप्तमातृकाओं की पिंडियाँ – माँ शीतला के साथ गर्भगृह में पूजित।
- भैरव और चंडी के विग्रह।
- अगमकुआँ – मौर्य काल से जोड़ा जाने वाला प्राचीन कुआँ, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: गुलज़ारबाग स्टेशन निकट; पटना जंक्शन लगभग 8 किमी।
- सड़क मार्ग: पटना शहर से ऑटो, टैक्सी और ई-रिक्शा।
- हवाई मार्ग: जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शीतला माता मंदिर पटना में कहाँ है?
इस मंदिर में किसकी पूजा होती है?
शीतला माता की पूजा क्यों की जाती है?
शीतला माता मंदिर में सबसे बड़ा पर्व कौन-सा है?
अगमकुआँ क्या है?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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Sasaram, बिहार माँ ताराचंडी मंदिर, सासाराम माँ ताराचंडी (देवी तारा / दुर्गा)
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मधुबनी, बिहार मिथिला शक्तिपीठ (उच्चैठ भगवती), मधुबनी माँ उच्चैठ भगवती (उमा / वनदुर्गा, छिन्नमस्तिका दुर्गा); भैरव – महोदर
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गोपालगंज, बिहार थावे भवानी मंदिर, गोपालगंज माँ थावेवाली (सिंहासिनी भवानी / रहषु भवानी) – देवी दुर्गा
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Gaya, बिहार मंगला गौरी मंदिर, गया माँ मंगला गौरी (सती / गौरी)
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मधुबनी, बिहार उगना महादेव मंदिर, भवानीपुर (मधुबनी) भगवान शिव (उगना महादेव / उग्रनाथ)
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Chapra, बिहार अंबिका भवानी मंदिर (आमी मंदिर), दिघवारा, सारण माँ अंबिका भवानी (सती), साथ में भगवान शिव