सर्वमंगला मंदिर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगर कोरबा में हसदेव नदी के तट पर स्थित माँ सर्वमंगला का प्रसिद्ध मंदिर है। माँ सर्वमंगला को देवी दुर्गा का स्वरूप माना जाता है – उनके नाम का अर्थ ही है “सबका मंगल करने वाली”। कोरबा और आसपास के लोगों के लिए यह सबसे प्रमुख देवी स्थलों में से एक है।
इतिहास
उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस मंदिर का निर्माण कोरबा के जमींदार राजेश्वर दयाल के पूर्वजों ने करवाया था। मंदिर की निश्चित निर्माण तिथि ज्ञात नहीं है। स्थानीय मान्यता है कि मंदिरों के पास एक गुफा है, जो नदी के नीचे से होकर दूसरी ओर निकलती है, और जमींदार परिवार की रानी धनराज कुंवर देवी इसी मार्ग से प्रतिदिन देवी के दर्शन को आती थीं।
मंदिर परिसर
मुख्य मंदिर में माँ सर्वमंगला विराजमान हैं। इसके पास त्रिलोकीनाथ मंदिर, काली मंदिर और ज्योति कलश भवन हैं, जहाँ नवरात्रि में श्रद्धालु मनोकामना के दीप जलवाते हैं।
प्रमुख उत्सव
- चैत्र और शारदीय नवरात्रि: ज्योति कलश, विशेष पूजा और भारी भीड़; शारदीय नवरात्रि में मेला भी लगता है।
- दशहरा: नवरात्रि के बाद उत्सव का माहौल।
यात्रा सुझाव
कोरबा रेल और सड़क मार्ग से बिलासपुर व रायपुर से जुड़ा है। नवरात्रि में दर्शन के लिए सुबह जल्दी पहुँचना सुविधाजनक रहता है।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से रात लगभग 9:00 बजे तक
नवरात्रि में दर्शन का समय बढ़ जाता है और भीड़ अधिक रहती है।
मुख्य आकर्षण
- माँ सर्वमंगला – कोरबा की प्रमुख देवी।
- हसदेव नदी का तट।
- त्रिलोकीनाथ मंदिर और काली मंदिर – मुख्य मंदिर के पास।
- ज्योति कलश भवन – नवरात्रि में मनोकामना दीपों के लिए।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: कोरबा रेलवे स्टेशन; बड़ा जंक्शन बिलासपुर।
- सड़क मार्ग: बिलासपुर और रायपुर से बस व टैक्सी; शहर में ऑटो।
- हवाई मार्ग: बिलासा देवी केवट हवाई अड्डा, बिलासपुर; बड़ा हवाई अड्डा रायपुर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सर्वमंगला मंदिर कोरबा में कहाँ है?
सर्वमंगला मंदिर किस देवी का है?
सर्वमंगला मंदिर किसने बनवाया?
सर्वमंगला मंदिर के पास कौन से मंदिर हैं?
सर्वमंगला मंदिर से जुड़ी गुफा की क्या मान्यता है?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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सूरजपुर, छत्तीसगढ़ माँ बागेश्वरी देवी मंदिर, कुदरगढ़ (सूरजपुर) माँ बागेश्वरी देवी (कुदरगढ़ी देवी)
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Dongragarh, छत्तीसगढ़ माँ बम्लेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ माँ बम्लेश्वरी (माँ दुर्गा का स्वरूप)
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Raj Nandgaon, छत्तीसगढ़ बर्फानी धाम (पाताल भैरवी मंदिर), राजनांदगांव माँ पाताल भैरवी, नवदुर्गा / त्रिपुर सुंदरी और भगवान शिव
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Kawardha, छत्तीसगढ़ भोरमदेव मंदिर, कवर्धा भगवान शिव (शिवलिंग रूप में)
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दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ माँ दंतेश्वरी मंदिर, दंतेवाड़ा माँ दंतेश्वरी (शक्ति स्वरूपा, बस्तर की कुलदेवी)
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Raipur, छत्तीसगढ़ दूधाधारी मठ एवं मंदिर, रायपुर हनुमान जी (मठ के अधिष्ठाता), भगवान राम-जानकी और श्री बालाजी