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कार्तिक कृष्ण अमावस्या

भक्तिरस – BhaktiRas

नीली छतरी मंदिर, यमुना बाज़ार, दिल्ली

Nili Chhatri Temple, Yamuna Bazar, Delhi

मध्य दिल्ली, दिल्ली भगवान शिव निःशुल्क प्रवेश

नीली छतरी मंदिर पुरानी दिल्ली के यमुना बाज़ार क्षेत्र में, यमुना किनारे निगमबोध घाट के पास स्थित भगवान शिव का मंदिर है। यह रिंग रोड पर सलीमगढ़ किले के बहादुरशाही द्वार के निकट है। स्थानीय लोग इसे “प्राचीन नीली छतरी मंदिर, पांडवकालीन” के नाम से जानते हैं।

युधिष्ठिर और अश्वमेध यज्ञ की मान्यता

परंपरा के अनुसार महाभारत युद्ध के बाद पांडवों में सबसे बड़े धर्मराज युधिष्ठिर ने यहाँ शिव मंदिर और पास के निगमबोध घाट की स्थापना की, और इसी स्थान से अश्वमेध यज्ञ किया। यह मान्यता पीढ़ियों से चली आ रही है; इसका कोई ऐतिहासिक अभिलेख नहीं मिलता और दिल्ली के इतिहास-ग्रंथों में भी मंदिर का उल्लेख कम ही आता है। मंदिर के ऊपर बने नीले गुंबद (छतरी) से इसका नाम नीली छतरी पड़ा।

मंदिर परिसर

मुख्य गर्भगृह में शिवलिंग की पूजा होती है। परिसर में राधा-कृष्ण, गणेश सहित शिवलिंग, माँ दुर्गा, नवग्रह धाम, तुलसी माता और एक यज्ञशाला हैं। पीपल और बरगद के पुराने पेड़ भी यहाँ पूजे जाते हैं।

प्रमुख उत्सव

  • महाशिवरात्रि और सावन के सोमवार: जलाभिषेक के लिए भारी भीड़।
  • जन्माष्टमी और नवरात्रि।
  • मकर संक्रांति और वसंत पंचमी पर यमुना स्नान के बाद दर्शन।

नाम को लेकर भ्रम

दिल्ली में “नीली छतरी” नाम से अकबरकालीन एक अष्टकोणीय मकबरा भी जाना जाता है, जिसका गुंबद कभी नीली टाइलों से सजा था। कुछ स्रोत दोनों को मिला देते हैं, पर यमुना बाज़ार का यह शिव मंदिर एक अलग, जीवित पूजा-स्थल है।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह से रात तक खुला रहता है (सटीक समय स्थानीय रूप से पता करें)

सावन के सोमवार और महाशिवरात्रि पर भीड़ अधिक रहती है; पूजा कर रहे भक्तों की तस्वीर लेने से बचें।

मुख्य आकर्षण

  • शिवलिंग – मंदिर के मुख्य देव।
  • नीली छतरी – नीला गुंबद, जिससे मंदिर का नाम पड़ा।
  • राधा-कृष्ण, माँ दुर्गा और नवग्रह के छोटे मंदिर, यज्ञशाला।
  • निगमबोध घाट और यमुना नदी – बिल्कुल पास।

कैसे पहुँचें

  • मेट्रो: कश्मीरी गेट और चांदनी चौक स्टेशन सबसे पास।
  • रेल मार्ग: पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन (लगभग 2–3 किमी)।
  • सड़क मार्ग: रिंग रोड (महात्मा गांधी मार्ग) पर सलीमगढ़ किले के बहादुरशाही द्वार के पास; ऑटो और ई-रिक्शा उपलब्ध।
  • हवाई मार्ग: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नीली छतरी मंदिर किस देवता का है?
नीली छतरी मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। परिसर में राधा-कृष्ण, माँ दुर्गा और नवग्रह के छोटे मंदिर भी हैं।
नीली छतरी मंदिर किसने बनवाया था?
स्थानीय मान्यता के अनुसार पांडवों में सबसे बड़े धर्मराज युधिष्ठिर ने इस मंदिर की स्थापना की और यहीं से अश्वमेध यज्ञ किया था। इसका कोई ऐतिहासिक अभिलेख उपलब्ध नहीं है, यह परंपरा पर आधारित मान्यता है।
मंदिर का नाम नीली छतरी क्यों है?
मंदिर के ऊपर नीले रंग का गुंबद (छतरी) है, इसी से इसका नाम नीली छतरी पड़ा।
नीली छतरी मंदिर कहाँ स्थित है?
यह पुरानी दिल्ली के यमुना बाज़ार क्षेत्र में रिंग रोड पर, सलीमगढ़ किले के बहादुरशाही द्वार और निगमबोध घाट के पास यमुना किनारे स्थित है।
क्या दिल्ली में नीली छतरी नाम का कोई मकबरा भी है?
हाँ, दिल्ली में नीली छतरी नाम से अकबरकालीन एक अष्टकोणीय मकबरा भी जाना जाता है, जो नीली टाइलों के कारण इस नाम से प्रसिद्ध हुआ। यमुना बाज़ार का शिव मंदिर उससे अलग है।

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