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कार्तिक कृष्ण अमावस्या

भक्तिरस – BhaktiRas

प्राचीन हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस, दिल्ली

Prachin Hanuman Temple, Connaught Place, New Delhi

नई दिल्ली, दिल्ली बाल हनुमान (श्री हनुमान जी महाराज) निःशुल्क प्रवेश

प्राचीन हनुमान मंदिर नई दिल्ली के हृदय कनॉट प्लेस के पास बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्थित बाल हनुमान का प्रसिद्ध मंदिर है। स्थानीय परंपरा इसे महाभारत काल से जुड़े दिल्ली के पाँच प्राचीन मंदिरों में गिनती है, हालाँकि वर्तमान संरचना बहुत बाद की है। यहाँ 1964 से निरंतर चल रहा अखंड राम नाम जप इस मंदिर की विशेष पहचान है।

इतिहास और कथा

कुछ वृत्तांतों के अनुसार इस स्थान पर पहला मंदिर अकबर के सेनापति आमेर के राजा मान सिंह प्रथम ने बनवाया था। वर्तमान मंदिर का पुनर्निर्माण 1724 में आमेर के सवाई जयसिंह द्वितीय ने कराया – लगभग उसी समय जब उन्होंने पास में जंतर-मंतर बनवाया।

मान्यता है कि रामचरितमानस और हनुमान चालीसा के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास भी यहाँ आए थे। एक परंपरा के अनुसार दिल्ली में उनके एक चमत्कार के बाद मुगल बादशाह ने मंदिर के शिखर के लिए अर्धचंद्र भेंट किया। इसी कारण यहाँ शिखर पर ओम या सूर्य के स्थान पर अर्धचंद्र है, और कुछ लोग मानते हैं कि इसी ने आक्रमणों के समय मंदिर की रक्षा की।

मंदिर और विग्रह

गर्भगृह उत्तरी दीवार पर है और बाल हनुमान का विग्रह दक्षिणमुखी है, जिनके बाएँ हाथ में गदा है। भक्त उन्हें “श्री हनुमान जी महाराज” कहते हैं और विग्रह को स्वयंभू मानते हैं। मंदिर के चाँदी मढ़े द्वारों पर रामायण के दृश्य अंकित हैं, खिड़कियों में हनुमान जी के चार रूप दिखते हैं, संगमरमर के पट्टों पर सुंदरकांड लिखा है और मंडप की छत पर रामायण का चित्रण है। परिसर में शिव-पार्वती, दुर्गा, लक्ष्मी-नारायण, गणेश और संतोषी माता के मंदिर भी हैं।

अखंड राम नाम जप

1 अगस्त 1964 से यहाँ “श्री राम जय राम जय जय राम” का अखंड जप चौबीसों घंटे चल रहा है। इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज होने का दावा भी किया जाता है। राम नाम की यह निरंतर ध्वनि मंदिर के वातावरण को विशेष बना देती है।

प्रमुख उत्सव

  • हनुमान जयंती (चैत्र पूर्णिमा): शोभायात्रा और विशेष पूजा।
  • मंगलवार और शनिवार: हनुमान उपासना के मुख्य दिन, जब भारी भीड़ उमड़ती है।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह लगभग 5:00 से रात लगभग 10:00 बजे तक
  • आरती: सुबह और संध्या को

मंगलवार और शनिवार को सबसे अधिक भीड़ रहती है।

मुख्य आकर्षण

  • बाल हनुमान – बाएँ हाथ में गदा लिए, दक्षिणमुखी विग्रह।
  • शिखर पर अर्धचंद्र – ओम या सूर्य के स्थान पर।
  • चाँदी मढ़े द्वार – रामायण के दृश्य अंकित।
  • सुंदरकांड के संगमरमर पट्ट और मंडप की छत पर रामायण चित्र।
  • अखंड राम नाम जप – 1964 से निरंतर।

कैसे पहुँचें

  • मेट्रो: राजीव चौक मेट्रो स्टेशन (येलो और ब्लू लाइन), पैदल दूरी पर; एयरपोर्ट एक्सप्रेस का शिवाजी स्टेडियम स्टेशन भी पास है।
  • सड़क मार्ग: बाबा खड़क सिंह मार्ग पर, कनॉट प्लेस से लगभग 250 मीटर।
  • रेल मार्ग: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (लगभग 2 किमी)।
  • हवाई मार्ग: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कनॉट प्लेस हनुमान मंदिर में कौन सा विग्रह है?
यहाँ बाल रूप में हनुमान जी विराजते हैं, जिन्हें भक्त 'श्री हनुमान जी महाराज' कहते हैं। विग्रह बाएँ हाथ में गदा लिए दक्षिण की ओर मुख किए है और स्वयंभू माना जाता है।
हनुमान मंदिर कनॉट प्लेस कितना पुराना है?
स्थानीय परंपरा इसे महाभारत काल से जुड़े दिल्ली के पाँच मंदिरों में गिनती है। वर्तमान संरचना बहुत बाद की है – 1724 में आमेर के सवाई जयसिंह द्वितीय ने इसका पुनर्निर्माण कराया था।
मंदिर के शिखर पर अर्धचंद्र क्यों है?
परंपरा के अनुसार तुलसीदास जी के दिल्ली में एक चमत्कार के बाद एक मुगल बादशाह ने शिखर के लिए अर्धचंद्र भेंट किया था। कुछ लोग मानते हैं कि इसी कारण आक्रमणों के समय मंदिर सुरक्षित रहा।
क्या यहाँ लगातार राम नाम का जप होता है?
हाँ, यहाँ 1 अगस्त 1964 से 'श्री राम जय राम जय जय राम' का अखंड जप चल रहा है। इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज होने का दावा किया जाता है।
हनुमान मंदिर कनॉट प्लेस का निकटतम मेट्रो स्टेशन कौन सा है?
निकटतम मेट्रो स्टेशन राजीव चौक है, जहाँ से मंदिर पैदल दूरी पर है। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का शिवाजी स्टेडियम स्टेशन भी पास है।

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