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कार्तिक कृष्ण अमावस्या

भक्तिरस – BhaktiRas

इस्कॉन मंदिर (श्री श्री राधा पार्थसारथी), दिल्ली

ISKCON Temple (Sri Sri Radha Parthasarathi Mandir), Delhi

दक्षिण-पूर्व दिल्ली, दिल्ली श्री श्री राधा पार्थसारथी (राधा-कृष्ण) निःशुल्क प्रवेश

इस्कॉन मंदिर, दिल्ली, जिसे श्री श्री राधा पार्थसारथी मंदिर भी कहते हैं, दक्षिण-पूर्व दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश क्षेत्र में नेहरू प्लेस के पास हरे कृष्ण हिल्स पर स्थित राधा-कृष्ण का भव्य मंदिर है। 1998 में खुला यह परिसर भारत के बड़े मंदिर परिसरों में गिना जाता है और भक्ति के साथ-साथ वैदिक संस्कृति की प्रदर्शनियों के लिए भी जाना जाता है।

मंदिर का निर्माण

मंदिर अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) ने बनवाया। 1993 में प्रसिद्ध वास्तुकार अच्युत कानविंदे ने इस परिसर की रूपरेखा बनाने और निर्माण का दायित्व निःशुल्क स्वीकार किया। 5 अप्रैल 1998 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मंदिर का उद्घाटन किया।

मंदिर और विग्रह

मुख्य मंदिर में श्री श्री राधा पार्थसारथी विराजते हैं – पार्थसारथी अर्थात कुरुक्षेत्र में अर्जुन (पार्थ) के सारथी बने श्रीकृष्ण, जिन्होंने उन्हें गीता का उपदेश दिया। परिसर में पुजारियों और सेवकों के आवास, लगभग 375 आसनों वाला सभागार तथा प्रशासनिक और संगोष्ठी कक्ष हैं।

विशाल भगवद्गीता और वैदिक संग्रहालय

मंदिर में रखी विशाल भगवद्गीता लगभग 800 किलो वज़नी और 2.8 मीटर से अधिक बड़ी है, जिसे इटली में छापा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 फरवरी 2019 को इसका अनावरण किया। परिसर का ग्लोरी ऑफ इंडिया वैदिक सांस्कृतिक केंद्र मल्टीमीडिया के माध्यम से धर्मग्रंथों को प्रस्तुत करता है:

  • भगवद्गीता एनिमेट्रॉनिक्स – कथन, लेज़र और प्रोजेक्शन से गीता के मूल सिद्धांत, प्रकृति के तीन गुण और योग।
  • महाभारत पर लाइट एंड साउंड शो।
  • रामायण चित्र दीर्घा – विभिन्न देशों के इस्कॉन कलाकारों के 30 से अधिक तैल चित्र।
  • श्रीमद्भागवत पर प्रदर्शनी।

प्रमुख उत्सव

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी यहाँ का सबसे बड़ा उत्सव है, जब विशेष श्रृंगार, कीर्तन और दर्शन के लिए भारी भीड़ होती है। मंदिर में गीता आराधना महोत्सव जैसे आयोजन भी होते रहे हैं। पास ही कालकाजी मंदिर भी है, इसलिए श्रद्धालु दोनों के दर्शन एक साथ कर सकते हैं।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह लगभग 4:30 (मंगला आरती) से दोपहर तक और संध्या से रात लगभग 9:00 बजे तक
  • दोपहर में कुछ समय पट बंद रहते हैं।

जन्माष्टमी पर समय बदल जाता है और भारी भीड़ होती है।

मुख्य आकर्षण

  • श्री श्री राधा पार्थसारथी – मुख्य विग्रह।
  • विशाल भगवद्गीता – लगभग 800 किलो वज़न और 2.8 मीटर से अधिक आकार की मुद्रित पुस्तक।
  • ग्लोरी ऑफ इंडिया वैदिक सांस्कृतिक केंद्र – भगवद्गीता की एनिमेट्रॉनिक्स प्रस्तुति, महाभारत लाइट एंड साउंड शो, रामायण चित्र दीर्घा।
  • सभागार और प्रवचन कक्ष।

कैसे पहुँचें

  • मेट्रो: नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन (वायलेट लाइन), लगभग 500 मीटर; कैलाश कॉलोनी स्टेशन भी पास है।
  • सड़क मार्ग: ईस्ट ऑफ कैलाश, नेहरू प्लेस के पास; बस, ऑटो और टैक्सी से।
  • रेल मार्ग: हज़रत निज़ामुद्दीन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन।
  • हवाई मार्ग: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में कौन से विग्रह हैं?
मंदिर में श्री श्री राधा पार्थसारथी विराजते हैं। पार्थसारथी का अर्थ है अर्जुन (पार्थ) के सारथी श्रीकृष्ण।
इस्कॉन मंदिर दिल्ली का उद्घाटन कब हुआ?
मंदिर का उद्घाटन 5 अप्रैल 1998 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। इसकी रूपरेखा प्रसिद्ध वास्तुकार अच्युत कानविंदे ने बनाई थी।
इस्कॉन मंदिर की विशाल भगवद्गीता क्या है?
यह लगभग 800 किलो वज़न और 2.8 मीटर से अधिक आकार की मुद्रित भगवद्गीता है, जिसे इटली में छापा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 फरवरी 2019 को इसका अनावरण किया।
इस्कॉन मंदिर दिल्ली का निकटतम मेट्रो स्टेशन कौन सा है?
निकटतम स्टेशन वायलेट लाइन का नेहरू प्लेस है, जहाँ से मंदिर लगभग 500 मीटर दूर है। कैलाश कॉलोनी स्टेशन भी पास का विकल्प है।
इस्कॉन मंदिर में कौन सा उत्सव सबसे बड़ा होता है?
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी यहाँ का सबसे बड़ा उत्सव है, जब दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। गीता आराधना महोत्सव जैसे आयोजन भी यहाँ होते हैं।

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