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कार्तिक कृष्ण अमावस्या

भक्तिरस – BhaktiRas

स्वामीनारायण अक्षरधाम, दिल्ली

Swaminarayan Akshardham, Delhi

पूर्वी दिल्ली, दिल्ली भगवान स्वामीनारायण; साथ में सीता-राम, राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती और लक्ष्मी-नारायण निःशुल्क प्रवेश

स्वामीनारायण अक्षरधाम पूर्वी दिल्ली में यमुना किनारे, पांडव नगर और नोएडा सीमा के पास स्थित भगवान स्वामीनारायण का विशाल मंदिर परिसर है। इसे बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था ने प्रमुख स्वामी महाराज के नेतृत्व में, उनके गुरु योगीजी महाराज की प्रेरणा से बनवाया। “अक्षरधाम” का अर्थ है भगवान का दिव्य धाम। मंदिर के साथ यह परिसर भारतीय कला, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को प्रदर्शनियों के माध्यम से भी प्रस्तुत करता है।

निर्माण और प्रतिष्ठा

निर्माण 8 नवंबर 2000 को शुरू हुआ और पाँच वर्ष से कम समय में पूरा हुआ। 6 नवंबर 2005 को प्रमुख स्वामी महाराज ने मंदिर की प्रतिष्ठा की; समर्पण समारोह में राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लालकृष्ण आडवाणी उपस्थित थे। दिसंबर 2007 में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसे उस समय का “विश्व का सबसे बड़ा व्यापक हिंदू मंदिर” माना।

मंदिर और विग्रह

मुख्य मंदिर राजस्थानी गुलाबी बलुआ पत्थर और इतालवी कैरारा संगमरमर से पारंपरिक वास्तु के अनुसार बना है, और इसकी संरचना में स्टील या कंक्रीट का सहारा नहीं लिया गया। यह लगभग 43 मीटर ऊँचा, 96 मीटर चौड़ा और 109 मीटर लंबा है, जिसमें 234 नक्काशीदार स्तंभ और नौ गुंबद हैं। केंद्रीय गुंबद के नीचे भगवान स्वामीनारायण की 3.4 मीटर ऊँची मूर्ति विराजमान है, और चारों ओर सीता-राम, राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती और लक्ष्मी-नारायण के विग्रह हैं। मंदिर के आधार पर गजेंद्र पीठ है, जिसमें 148 आदमकद हाथियों की नक्काशी है।

नारायण सरोवर और प्रदर्शनियाँ

मुख्य मंदिर के चारों ओर नारायण सरोवर है, जिसमें 151 नदियों और सरोवरों का जल लाया गया है और 108 गोमुखों से जलधारा गिरती है। परिसर की प्रदर्शनियाँ इस प्रकार हैं:

  • सहजानंद दर्शन (मूल्यों का हॉल): भगवान स्वामीनारायण के जीवन और उपदेशों पर 15 झाँकियाँ।
  • नीलकंठ दर्शन: बड़े पर्दे पर किशोर योगी नीलकंठ की यात्रा पर लगभग 40 मिनट की फिल्म।
  • संस्कृति विहार: लगभग 12 मिनट की नौका-यात्रा, जो वैदिक काल के भारत की झलक दिखाती है।
  • सहज आनंद जल प्रदर्शन: यज्ञपुरुष कुंड में संध्या के बाद संगीतमय जल प्रदर्शन।

यात्रा सुझाव

अक्षरधाम हर सोमवार बंद रहता है। मोबाइल फ़ोन, कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक सामान अंदर नहीं ले जा सकते, इसलिए क्लोकरूम में जमा करने का समय रखें। मंदिर में प्रवेश निःशुल्क है, प्रदर्शनियों और जल प्रदर्शन के टिकट अलग लगते हैं। पास ही मयूर विहार का उत्तर गुरुवायुरप्पन मंदिर भी दर्शन योग्य है।

दर्शन का समय

  • दर्शन: मंगलवार से रविवार, लगभग सुबह 10:00 से शाम 6:30 बजे तक प्रवेश
  • अवकाश: हर सोमवार बंद
  • जल प्रदर्शन: संध्या के बाद (अलग टिकट)

मोबाइल फ़ोन, कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक सामान अंदर ले जाना मना है – इन्हें क्लोकरूम में जमा करना होता है। मंदिर में प्रवेश निःशुल्क है, प्रदर्शनियों के लिए टिकट लगता है।

मुख्य आकर्षण

  • मुख्य मंदिर – 234 नक्काशीदार स्तंभ, नौ गुंबद और 3.4 मीटर ऊँची स्वामीनारायण मूर्ति।
  • गजेंद्र पीठ – मंदिर के आधार पर 148 आदमकद हाथियों की नक्काशी।
  • नारायण सरोवर – 151 नदियों और सरोवरों के जल वाला सरोवर, 108 गोमुख।
  • प्रदर्शनियाँ – सहजानंद दर्शन (मूल्यों का हॉल), नीलकंठ दर्शन फिल्म और संस्कृति विहार नौका-यात्रा।
  • सहज आनंद जल प्रदर्शन – यज्ञपुरुष कुंड में संध्या कार्यक्रम।

कैसे पहुँचें

  • मेट्रो: अक्षरधाम स्टेशन (ब्लू लाइन) – परिसर के बिल्कुल पास।
  • सड़क मार्ग: एनएच-24 पर, नोएडा मोड़ के पास; बस, ऑटो और कैब उपलब्ध।
  • रेल मार्ग: हज़रत निज़ामुद्दीन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन।
  • हवाई मार्ग: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्षरधाम मंदिर दिल्ली कब बना?
निर्माण 8 नवंबर 2000 को शुरू हुआ और पाँच वर्ष से कम समय में पूरा हुआ। 6 नवंबर 2005 को प्रमुख स्वामी महाराज ने इसकी प्रतिष्ठा की; समर्पण समारोह में राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उपस्थित थे।
अक्षरधाम के मुख्य देवता कौन हैं?
मुख्य देवता भगवान स्वामीनारायण हैं, जिनकी 3.4 मीटर ऊँची मूर्ति केंद्रीय गुंबद के नीचे है। साथ में सीता-राम, राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती और लक्ष्मी-नारायण के विग्रह भी हैं।
क्या अक्षरधाम सोमवार को खुला रहता है?
नहीं, अक्षरधाम हर सोमवार बंद रहता है। मंगलवार से रविवार तक लगभग सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक प्रवेश होता है।
क्या अक्षरधाम में मोबाइल ले जा सकते हैं?
नहीं, मोबाइल फ़ोन, कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान अंदर ले जाना मना है। इन्हें प्रवेश द्वार के पास निःशुल्क क्लोकरूम में जमा करना होता है।
अक्षरधाम का गिनीज़ रिकॉर्ड किस बारे में है?
दिसंबर 2007 में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दिल्ली अक्षरधाम को उस समय का 'विश्व का सबसे बड़ा व्यापक हिंदू मंदिर' माना था।

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