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कार्तिक कृष्ण अमावस्या

भक्तिरस – BhaktiRas

उत्तर गुरुवायुरप्पन मंदिर, मयूर विहार (दिल्ली)

Uttara Guruvayurappan Temple, Mayur Vihar (Delhi)

पूर्वी दिल्ली, दिल्ली श्री गुरुवायुरप्पन (श्रीकृष्ण/विष्णु), चोट्टानिक्करा भगवती निःशुल्क प्रवेश

उत्तर गुरुवायुरप्पन मंदिर पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज़-1 में स्थित श्रीकृष्ण का मंदिर है, जहाँ भगवान केरल के प्रसिद्ध गुरुवायूर मंदिर की तरह गुरुवायुरप्पन स्वरूप में पूजे जाते हैं। “उत्तर” का अर्थ है उत्तर भारत का गुरुवायूर। दिल्ली में बसे मलयाली और तमिल समाज के लिए यह प्रमुख आस्था-केंद्र है, और अन्य भक्त भी बड़ी संख्या में आते हैं।

मंदिर का इतिहास

1975 में दिल्ली विकास प्राधिकरण ने आर्ष धर्म परिषद से जुड़ी संस्था को जनकपुरी में भूमि दी थी, पर ज्योतिषीय कारणों से वहाँ निर्माण नहीं हुआ और भूमि मयूर विहार फेज़-1 में स्थानांतरित हुई। 8 अप्रैल 1983 को केरल से लाए गए गुरुवायुरप्पन विग्रह की बालालय में प्रतिष्ठा हुई। 1986 में कांची के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती ने गर्भगृह की आधारशिला रखी, और 17 मई 1989 को कुंभाभिषेक के साथ विग्रह नए मंदिर में स्थापित हुआ। 2014 में मंदिर की रजत जयंती मनाई गई और स्वर्ण-मंडित ध्वजस्तंभ (कोडिमरम) समर्पित किया गया।

मंदिर और विग्रह

मंदिर केरल शैली में बना है, जिसके पूर्व और पश्चिम में दो गोपुरम हैं। गर्भगृह के दो कक्षों में श्री गुरुवायुरप्पन और चोट्टानिक्करा भगवती विराजते हैं। इस मंदिर की एक विशेषता यह है कि गुरुवायुरप्पन का विग्रह पश्चिम की ओर, यमुना नदी की ओर मुख किए हुए है। परिसर में गणपति, शिव और अय्यप्पा के छोटे मंदिर और नाग देवताओं के लिए सर्प काव की प्रतिकृति है। तांत्रिक अधिकार केरल के पुलियन्नूर इल्लम के पास हैं।

प्रमुख उत्सव और पूजा

  • जन्माष्टमी – गुरुवायुरप्पन (श्रीकृष्ण) का प्रमुख पर्व।
  • अय्यप्पन विलक्कु – मंडल काल में अय्यप्पा की दीप-पूजा।
  • मन्नारशाला आयिल्यम – नाग देवताओं की विशेष पूजा।
  • विष्णु सहस्रनाम कोटि अर्चना जैसे बड़े यज्ञ समय-समय पर।

यात्रा सुझाव

मंदिर मयूर विहार फेज़-1 मेट्रो स्टेशन से थोड़ी दूरी पर है। यहाँ से स्वामीनारायण अक्षरधाम भी पास पड़ता है, इसलिए दोनों के दर्शन एक साथ किए जा सकते हैं।

दर्शन का समय

  • दर्शन: केरल मंदिरों की परंपरा के अनुसार सुबह और शाम दो सत्रों में; दोपहर में मंदिर बंद रहता है

पूजा केरल की तांत्रिक विधि से होती है; सटीक समय और वेशभूषा के नियम मंदिर से पता करें।

मुख्य आकर्षण

  • श्री गुरुवायुरप्पन – पश्चिम की ओर (यमुना की ओर) मुख वाला विग्रह।
  • चोट्टानिक्करा भगवती – गर्भगृह के दूसरे कक्ष में।
  • गणपति, शिव और अय्यप्पा के उप-मंदिर।
  • सर्प काव – नाग देवताओं का स्थान।
  • स्वर्ण-मंडित कोडिमरम (ध्वजस्तंभ)।

कैसे पहुँचें

  • मेट्रो: मयूर विहार फेज़-1 (ब्लू और पिंक लाइन) – कुछ मिनट की दूरी।
  • रेल मार्ग: नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन।
  • सड़क मार्ग: एनएच-24 / नोएडा लिंक रोड से मयूर विहार फेज़-1, सहकारिता मार्ग।
  • हवाई मार्ग: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

उत्तर गुरुवायुरप्पन मंदिर कहाँ है?
यह मंदिर पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज़-1 में सहकारिता मार्ग पर स्थित है।
इस मंदिर के मुख्य देवता कौन हैं?
मुख्य देवता श्री गुरुवायुरप्पन हैं – केरल के गुरुवायूर मंदिर में पूजे जाने वाले श्रीकृष्ण (विष्णु) का स्वरूप। साथ में चोट्टानिक्करा भगवती भी विराजती हैं।
मंदिर की प्रतिष्ठा कब हुई?
8 अप्रैल 1983 को बालालय में गुरुवायुरप्पन विग्रह की प्रतिष्ठा हुई और 17 मई 1989 को कुंभाभिषेक के साथ नए मंदिर में विग्रह स्थापित हुआ।
इस मंदिर की कौन सी बात अनोखी है?
यहाँ गुरुवायुरप्पन का विग्रह पारंपरिक पूर्वमुखी के बजाय पश्चिम की ओर, यमुना नदी की ओर मुख किए हुए है।
मंदिर के पास कौन सा मेट्रो स्टेशन है?
मयूर विहार फेज़-1 मेट्रो स्टेशन (ब्लू और पिंक लाइन) मंदिर के सबसे पास है।

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