श्री गजानन महाराज मंदिर इंदौर के पालीवाल नगर में स्थित महाराष्ट्र के शेगाँव के प्रसिद्ध संत श्री गजानन महाराज का मंदिर है। इसका संचालन श्री सद्गुरु गजानन महाराज सेवाश्रम, इंदौर करता है। यह मंदिर विशेष रूप से हर गुरुवार के महाप्रसाद के लिए जाना जाता है, जिसमें इंदौर और आसपास से बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं।
मंदिर की स्थापना
इंदौर में गजानन महाराज की भक्ति को संगठित करने में गुरुबाबा श्री अनंत बेहरे की प्रमुख भूमिका रही। मंदिर बनने से पहले भक्त जानकीनगर में एक भक्त के घर पर पूजा करते थे। 1988 में बसंत पंचमी के दिन श्री पालीवाल द्वारा दान की गई भूमि पर भूमिपूजन हुआ। पहले दो कमरों में महाराज के चित्र की पूजा होती थी, और 1994 में संगमरमर की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा चार दिवसीय उत्सव के साथ हुई। सेवाश्रम का ध्येय वाक्य है – “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय”।
मंदिर और विग्रह
मंदिर मुख्य रूप से धौलपुरी पत्थर और संगमरमर से बना है और इसके तीन तल हैं – तलघर, सभामंडप और महाराज की पोथी (ग्रंथ) के वाचन के लिए ऊपरी तल। इन्हें क्रमशः योगमार्ग, भक्तिमार्ग और कर्ममार्ग का प्रतीक माना जाता है। अष्टकोणीय गर्भगृह आठ सिद्धियों का प्रतीक है। यहाँ गजानन महाराज की लगभग पाँच फुट ऊँची संगमरमर की प्रतिमा विराजमान है, जिसके दाहिने हाथ में चिलम है – जैसा शेगाँव की परंपरा में महाराज का स्वरूप दिखाया जाता है।
गुरुवार महाप्रसाद और उत्सव
- गुरुवार: आरती, भजन और महाप्रसाद – 1992 में 13 भक्तों से शुरू हुई यह परंपरा आज हजारों भक्तों तक पहुँच गई है।
- प्रकट उत्सव: गजानन महाराज के प्राकट्य दिवस पर विशेष आयोजन।
- निर्वाण उत्सव: महाराज की पुण्यतिथि पर पूजन और भंडारा।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से रात लगभग 9:00 बजे तक
- गुरुवार: आरती, भजन और संध्या को महाप्रसाद
समय स्थानीय रूप से पुष्टि कर लें।
मुख्य आकर्षण
- संगमरमर की प्रतिमा – लगभग 5 फुट ऊँची, दाहिने हाथ में चिलम।
- अष्टकोणीय गर्भगृह – आठ सिद्धियों का प्रतीक।
- गुरुवार महाप्रसाद – हजारों भक्तों का सामूहिक प्रसाद।
- पोथी वाचन के लिए ऊपरी तल।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: इंदौर जंक्शन से ऑटो या टैक्सी।
- सड़क मार्ग: पालीवाल नगर, एबी रोड के पास; शहर में सिटी बस और ऑटो।
- हवाई मार्ग: देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, इंदौर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गजानन महाराज कौन थे?
इंदौर का गजानन महाराज मंदिर कब बना?
गुरुवार का महाप्रसाद क्या है?
मंदिर की बनावट की क्या विशेषता है?
मंदिर में कौन-से उत्सव मनाए जाते हैं?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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उज्जैन, मध्य प्रदेश काल भैरव मंदिर, उज्जैन भगवान काल भैरव (शिव का उग्र स्वरूप)
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Chhatarpur, मध्य प्रदेश कंदारिया महादेव मंदिर, खजुराहो भगवान शिव (महादेव), शिवलिंग रूप में
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Murwara, मध्य प्रदेश कंकाली देवी मंदिर, तिगवाँ (कटनी) कंकाली देवी (चामुंडा); मंदिर मूलतः भगवान विष्णु (नरसिंह) को समर्पित माना जाता है
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अमरकंटक, मध्य प्रदेश नर्मदा उद्गम मंदिर (शोणदेश शक्तिपीठ), अमरकंटक माँ नर्मदा; भैरव – भद्रसेन
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Indore, मध्य प्रदेश खजराना गणेश मंदिर, इंदौर श्री गणेश (खजराना गणेश)
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उज्जैन, मध्य प्रदेश हरसिद्धि माता मंदिर, उज्जैन माँ हरसिद्धि (अन्नपूर्णा स्वरूप), महालक्ष्मी और महासरस्वती