अंबरेश्वर शिव मंदिर, जिसे स्थानीय लोग “पुरातन शिवालय” भी कहते हैं, महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ नगर में वालधुनी नदी के तट पर स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है। मंदिर के शिलालेख के अनुसार यह 1060 ई. (शक संवत 982) में शिलाहार राजाओं के समय बना। मुंबई महानगर क्षेत्र के सबसे पुराने मंदिरों में गिना जाने वाला यह मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा राष्ट्रीय महत्व के स्मारक के रूप में संरक्षित है।
इतिहास
उत्तर कोंकण पर शासन करने वाले शिलाहार वंश के राजा छित्तराज को इस मंदिर का निर्माता माना जाता है। उनके उत्तराधिकारी मुम्मुणि (मम्वाणिराज) द्वारा इसे पूर्ण या पुनर्निर्मित किए जाने का उल्लेख भी मिलता है; उत्तराधिकार के विवरण पर स्रोतों में कुछ अंतर है। मंदिर के उत्तरी द्वार की चौखट पर उत्कीर्ण शिलालेख इसके काल का प्रमाण है।
मंदिर और विग्रह
काले बेसाल्ट पत्थर से बना यह मंदिर भूमिज शैली का है। इसकी सबसे अनोखी विशेषता इसका गर्भगृह है, जो मंडप के भूमितल से नीचे है – लगभग 20 सीढ़ियाँ उतरकर शिवलिंग के दर्शन होते हैं। मंडप में तीन मुखमंडप (पोर्च) हैं। बाहरी दीवारों की अधिकांश मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त हैं, फिर भी कई देव-मूर्तियाँ और स्त्री आकृतियाँ बची हुई हैं।
मंदिर का शिखर मंडप की ऊँचाई से कुछ ही ऊपर जाकर रुक जाता है और माना जाता है कि यह कभी पूरा नहीं हुआ। विद्वानों के अनुसार पूरा होने पर यह उदयपुर (मध्य प्रदेश) के उदयेश्वर मंदिर और सिन्नर के गोंडेश्वर मंदिर जैसा दिखता।
प्रमुख उत्सव
- महाशिवरात्रि: सबसे बड़ा पर्व – मंदिर परिसर में मेला लगता है और दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से रात 9:00 बजे तक
महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ रहती है।
मुख्य आकर्षण
- भूमितल से लगभग 20 सीढ़ियाँ नीचे स्थित गर्भगृह और शिवलिंग।
- तीन मुखमंडपों वाला मंडप और बाहरी दीवारों की नक्काशी।
- मंडप से कुछ ऊपर रुका हुआ अधूरा शिखर।
- उत्तरी द्वार की चौखट पर शिलाहार कालीन शिलालेख।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: अंबरनाथ लोकल स्टेशन (मध्य रेलवे) से पूर्व दिशा में लगभग 2 किमी।
- सड़क मार्ग: कल्याण और ठाणे से सड़क द्वारा; स्टेशन से ऑटो।
- हवाई मार्ग: मुंबई हवाई अड्डा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अंबरनाथ शिव मंदिर कितना पुराना है?
अंबरनाथ मंदिर किसने बनवाया?
अंबरनाथ मंदिर का गर्भगृह नीचे क्यों है?
क्या अंबरनाथ मंदिर का शिखर अधूरा है?
अंबरनाथ स्टेशन से मंदिर कितनी दूर है?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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Solapur, महाराष्ट्र श्री स्वामी समर्थ महाराज वटवृक्ष मंदिर, अक्कलकोट श्री स्वामी समर्थ महाराज (दत्तात्रेय परंपरा के संत, दत्त अवतार माने जाते हैं)
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सिंधुदुर्ग, महाराष्ट्र स्वयंभू गणपति मंदिर, रेडी (सिंधुदुर्ग) स्वयंभू श्री गणपति (द्विभुज, बैठी मूर्ति)
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पुणे, महाराष्ट्र श्री खंडोबा मंदिर (मल्हारी मार्तंड), जेजुरी श्री खंडोबा (मल्हारी मार्तंड, शिव का अवतार) और देवी म्हालसा
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पुणे, महाराष्ट्र पळसनाथ मंदिर (उजनी जलाशय), पळसदेव, इंदापुर भगवान शिव (पळसनाथ)
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पुणे, महाराष्ट्र तुलशीबाग राम मंदिर, पुणे श्रीराम, सीता और लक्ष्मण; परिसर में हनुमान, गणेश, विट्ठल-रुक्मिणी, दत्तात्रेय, शिव
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Ahmednagar, महाराष्ट्र अमृतेश्वर मंदिर, रतनवाड़ी भगवान शिव (अमृतेश्वर)