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कार्तिक कृष्ण अमावस्या

भक्तिरस – BhaktiRas

स्वयंभू गणपति मंदिर, रेडी (सिंधुदुर्ग)

Swayambhu Ganapati Temple, Redi (Sindhudurg)

सिंधुदुर्ग, महाराष्ट्र स्वयंभू श्री गणपति (द्विभुज, बैठी मूर्ति) निःशुल्क प्रवेश

रेडी का गणपति मंदिर महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के वेंगुर्ला तालुका में, गोवा सीमा के पास बसे रेडी गाँव में स्थित है। यहाँ की गणेश मूर्ति 1976 में रेडी बंदरगाह के पास लौह-अयस्क खनन क्षेत्र की खुदाई में मिली थी, इसलिए श्रद्धालु इसे स्वयंभू मानते हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि यह दो भुजाओं वाली (द्विभुज) बैठी मूर्ति है, जबकि अधिकांश गणेश मूर्तियाँ चार भुजाओं वाली होती हैं।

मूर्ति प्रकट होने की कथा

स्थानीय वृत्तांतों के अनुसार अप्रैल 1976 में खनन कंपनी का एक ट्रक चालक (नाम कांबळी / कांबळे बताया जाता है) रात में खराब ट्रक में सो गया। स्वप्न में गणेश ने उससे कहा कि उन्हें धरती से बाहर निकाला जाए। ग्रामवासियों ने ग्रामदेवी श्री माउली देवी का कौल लिया, जिसका उत्तर था – मूर्ति मिलने तक खोदते रहो। खुदाई में पहले मुख और कान दिखे, और 1 मई 1976 तक पूरी मूर्ति बाहर आ गई। देवी के कौल के अनुसार मूर्ति वहीं स्थापित की गई। कुछ सप्ताह बाद आगे की खुदाई में गणेश के वाहन मूषक की पत्थर की मूर्ति भी मिली।

मंदिर और विग्रह

मूर्ति लगभग 6 फुट ऊँची है और एक ही जांभा (लैटराइट) पत्थर से बनी बताई जाती है। गणेश एक पैर मोड़कर बैठे हैं – एक हाथ आशीर्वाद मुद्रा में और दूसरे में मोदक। बाद में मूर्ति पर लेप और रंग किया गया। आज यहाँ बड़े सभामंडप वाला मंदिर बना है। कुछ स्थानीय मान्यताएँ मूर्ति को पांडव काल से जोड़ती हैं, पर इसका कोई पुरातात्विक प्रमाण नहीं है।

प्रमुख उत्सव

  • हर संकष्टी चतुर्थी पर भारी भीड़।
  • गणेश चतुर्थी पर विशेष पूजा।

आसपास के दर्शन

पास ही ग्रामदेवी माउली देवी का मंदिर, समुद्र किनारे का यशवंतगढ़ (रेडी) किला और कन्याळे का नवदुर्गा मंदिर है। रेडी वेंगुर्ला से लगभग 30 किमी दक्षिण में है, और उत्तर गोवा से भी आसानी से पहुँचा जा सकता है।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से रात 8:00 बजे तक
  • आरती: सुबह और संध्या

हर संकष्टी चतुर्थी पर भारी भीड़ रहती है।

मुख्य आकर्षण

  • लगभग 6 फुट ऊँची द्विभुज गणेश मूर्ति – एक हाथ आशीर्वाद मुद्रा में, दूसरे में मोदक।
  • बाद में मिली मूषक की पत्थर की मूर्ति।
  • रेडी की ग्रामदेवी श्री माउली देवी का मंदिर।
  • पास का यशवंतगढ़ (रेडी) किला और रेडी समुद्र तट।
  • कन्याळे का नवदुर्गा मंदिर।

कैसे पहुँचें

  • रेल मार्ग: कोंकण रेलवे के सावंतवाडी रोड या मडुरे स्टेशन से टैक्सी/बस।
  • सड़क मार्ग: वेंगुर्ला से लगभग 30 किमी दक्षिण, शिरोडा होकर; गोवा सीमा के बहुत पास।
  • हवाई मार्ग: उत्तर गोवा का मोपा (मनोहर अंतरराष्ट्रीय) हवाई अड्डा सबसे निकट है; दाबोलिम (गोवा) भी विकल्प।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रेडी की गणपति मूर्ति कब और कैसे मिली?
1976 में रेडी बंदरगाह के पास खनन क्षेत्र में एक ट्रक चालक को स्वप्न में गणेश ने बाहर निकालने को कहा। ग्रामदेवी माउली देवी का कौल लेकर खुदाई शुरू हुई और 1 मई 1976 तक पूरी मूर्ति बाहर आ गई।
रेडी के गणपति की क्या विशेषता है?
अधिकांश गणेश मूर्तियाँ चार भुजाओं वाली होती हैं, पर रेडी की मूर्ति दो भुजाओं (द्विभुज) वाली है। यह लगभग 6 फुट ऊँची बैठी मूर्ति है, जो एक ही जांभा पत्थर से बनी बताई जाती है।
क्या मूषक की मूर्ति भी मिली थी?
हाँ, मूर्ति मिलने के कुछ सप्ताह बाद आगे की खुदाई में गणेश के वाहन मूषक की पत्थर की मूर्ति भी मिली। स्रोतों में इसका समय पाँच सप्ताह से दो महीने तक बताया गया है।
रेडी गणपति मंदिर कहाँ है?
मंदिर महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के वेंगुर्ला तालुका में रेडी गाँव में है, जो वेंगुर्ला से लगभग 30 किमी दक्षिण और गोवा सीमा के पास है।
रेडी गणपति के दर्शन कब करें?
मंदिर साल भर खुला रहता है। संकष्टी चतुर्थी और गणेश चतुर्थी पर सबसे अधिक श्रद्धालु आते हैं; मानसून में कोंकण की हरियाली के बीच यात्रा सुंदर होती है।

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