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कार्तिक कृष्ण अमावस्या

भक्तिरस – BhaktiRas

खंडोबा मंदिर, बीड

Khandoba Temple, Beed

Beed, महाराष्ट्र श्री खंडोबा (मल्हारी मार्तंड, शिव स्वरूप) और म्हालसा निःशुल्क प्रवेश

खंडोबा मंदिर महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में बीड नगर की एक पहाड़ी पर स्थित श्री खंडोबा का मंदिर है। खंडोबा, जिन्हें मल्हारी मार्तंड भी कहते हैं, भगवान शिव का लोक स्वरूप माने जाते हैं और महाराष्ट्र के अनेक परिवारों के कुलदेवता हैं। मंदिर के सामने खड़े दो ऊँचे दीपमाळ इसकी पहचान हैं, और इसे बीड नगर का प्रतीक माना जाता है।

मंदिर का इतिहास

मंदिर में कोई शिलालेख नहीं मिला है, इसलिए इसका निर्माण काल निश्चित नहीं है। स्थापत्य शैली के आधार पर इसे लगभग 17वीं शताब्दी का माना जाता है, जबकि स्थानीय परंपरा इसे इससे भी प्राचीन बताती है। एक स्थानीय मान्यता के अनुसार खंडोबा उपासना से पहले इस पहाड़ी पर नृसिंह की पूजा होती थी।

मंदिर और विग्रह

मंदिर के तीन ओर दीर्घाएँ हैं और चौथी ओर गर्भगृह। शिखर हेमाडपंती शैली में है, जिसकी छत के कोनों पर छोटे मंडप बने हैं। गर्भगृह के द्वार के ऊपर गणेश जी की प्रतिमा है। मूल प्रतिमा अब उपलब्ध नहीं है; गर्भगृह में घोड़े पर सवार पुरुष और स्त्री का शिल्प है, जिसे खंडोबा और म्हालसा के रूप में पूजा जाता है।

दो दीपमाळ

मंदिर के पूर्व में दो दीपमाळ (दीपस्तंभ) हैं, प्रत्येक लगभग 45 फुट ऊँचा। ये चौकोर आधार पर अष्टकोणीय और पाँच मंज़िला हैं, हर स्तर पर मेहराबदार खिड़कियाँ हैं और भीतर एक संकरी सीढ़ी ऊपर तक जाती है। बाहरी भाग पर चूने (स्टक्को) की सजावट है। परंपरा के अनुसार विशेष पर्वों पर इन दीपमाळों को दीपों से सजाया जाता है।

आसपास के दर्शन

बीड जिले में ही परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग है। खंडोबा का प्रमुख तीर्थ जेजुरी पुणे जिले में है, जबकि बीड का मंदिर मराठवाड़ा में खंडोबा उपासना का स्थानीय केंद्र है।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से रात लगभग 8:30 बजे तक
  • आरती: प्रातः और संध्या

रविवार और खंडोबा के पर्वों पर अधिक भीड़ रहती है।

मुख्य आकर्षण

  • गर्भगृह में अश्वारूढ़ खंडोबा और म्हालसा का शिल्प।
  • मंदिर के पूर्व में लगभग 45 फुट ऊँचे दो दीपमाळ।
  • गर्भगृह द्वार के ऊपर गणेश की प्रतिमा।
  • पहाड़ी से बीड नगर का दृश्य।
  • परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग (बीड जिले में ही)।

कैसे पहुँचें

  • रेल मार्ग: निकटतम प्रमुख स्टेशन छत्रपति संभाजीनगर और परली वैजनाथ; वहाँ से बस या टैक्सी।
  • सड़क मार्ग: छत्रपति संभाजीनगर से लगभग 130 किमी; पुणे, अहिल्यानगर और लातूर से राज्य परिवहन की बसें।
  • हवाई मार्ग: छत्रपति संभाजीनगर हवाई अड्डा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बीड का खंडोबा मंदिर कितना पुराना है?
मंदिर में कोई शिलालेख नहीं मिला है। उसकी स्थापत्य शैली के आधार पर इसे लगभग 17वीं शताब्दी का माना जाता है, जबकि स्थानीय परंपरा इसे इससे भी प्राचीन बताती है।
खंडोबा कौन हैं?
खंडोबा, जिन्हें मल्हारी मार्तंड भी कहते हैं, भगवान शिव का एक लोक स्वरूप हैं। वे महाराष्ट्र और कर्नाटक के अनेक परिवारों के कुलदेवता हैं और प्रायः घोड़े पर सवार, पत्नी म्हालसा के साथ दिखाए जाते हैं।
बीड खंडोबा मंदिर के दीपमाळ कैसे हैं?
मंदिर के पूर्व में दो दीपमाळ हैं, प्रत्येक लगभग 45 फुट ऊँची। ये चौकोर आधार पर अष्टकोणीय, पाँच मंज़िला हैं, जिनमें हर स्तर पर मेहराबदार खिड़कियाँ और भीतर संकरी सीढ़ी है।
गर्भगृह में कौन सी प्रतिमा है?
मूल प्रतिमा अब उपलब्ध नहीं है। गर्भगृह में घोड़े पर सवार पुरुष और स्त्री का एक शिल्प है, जिसे खंडोबा और म्हालसा के रूप में पूजा जाता है।
क्या बीड का खंडोबा मंदिर जेजुरी जैसा है?
दोनों खंडोबा के मंदिर हैं, पर जेजुरी (पुणे जिला) खंडोबा का प्रमुख तीर्थ है। बीड का मंदिर एक स्थानीय रूप से महत्वपूर्ण मंदिर है, जिसे नगर का प्रतीक माना जाता है।

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