पद्मालय गणेश मंदिर महाराष्ट्र के जलगाँव जिले के एरंडोल तालुका में, एरंडोल से लगभग 10 किमी और जलगाँव से लगभग 30 किमी दूर एक पहाड़ी पर स्थित भगवान गणेश का प्राचीन मंदिर है। यहाँ की विशेषता है गणेश जी की दो स्वयंभू प्रतिमाएँ, जिन्हें आमोद और प्रमोद कहा जाता है। परंपरा में पद्मालय को भारत के ढाई गणपति पीठों में अर्धपीठ माना जाता है, इसलिए खानदेश क्षेत्र में इसका विशेष स्थान है।
नाम और स्थल
“पद्मालय” संस्कृत के पद्म (कमल) और आलय (घर) से बना है – अर्थात कमल का घर। मंदिर के पास एक सरोवर है, जो कभी कमल के फूलों से भरा रहता था। पहाड़ी के आसपास अनेक औषधीय वनस्पतियाँ उगती हैं, और मंदिर के चारों ओर कई छोटे मंदिर हैं।
मंदिर और विग्रह
मंदिर पत्थर से बना है और हेमाडपंती शैली का बताया जाता है। गर्भगृह में दो स्वयंभू गणेश प्रतिमाएँ हैं – एक की सूंड दाईं ओर और दूसरी की बाईं ओर मुड़ी है – और इन्हें प्रवाल (मूंगे) की माना जाता है। मंदिर के सामने संत गोविंद महाराज की पादुकाएँ हैं, जिन्हें मंदिर के जीर्णोद्धार का श्रेय दिया जाता है, और उनके पास एक विशाल घंटा टँगा है।
भीमकुंड की कथा
मंदिर से कुछ किमी दूर वन में भीमकुंड है। कथा है कि बकासुर का वध करने के बाद भीम को प्यास लगी और उन्होंने भूमि पर प्रहार करके यह कुंड बना दिया। मान्यता है कि वनवास के समय पांडवों ने यहाँ स्नान किया था। पद्मालय आने वाले श्रद्धालु प्रायः भीमकुंड भी देखने जाते हैं।
दर्शन और यात्रा
जलगाँव, एरंडोल और पारोला से पद्मालय के लिए बसें मिलती हैं; निकटतम रेलवे स्टेशन जलगाँव और धरणगाँव हैं। चतुर्थी तिथियों और गणेशोत्सव के दिनों में यहाँ अधिक श्रद्धालु आते हैं।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से रात लगभग 8:00 बजे तक
चतुर्थी तिथियों और गणेशोत्सव के दिनों में अधिक भीड़ रहती है।
मुख्य आकर्षण
- आमोद और प्रमोद – दाईं और बाईं ओर मुड़ी सूंड वाली दो स्वयंभू प्रतिमाएँ।
- मंदिर के पास कमल सरोवर, जिससे नाम पद्मालय पड़ा।
- गोविंद महाराज की पादुकाएँ और विशाल घंटा।
- कुछ किमी दूर वन में भीमकुंड।
- आसपास औषधीय वनस्पतियों वाला पहाड़ी क्षेत्र।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: जलगाँव जंक्शन (लगभग 30 किमी) या धरणगाँव।
- सड़क मार्ग: एरंडोल से लगभग 10 किमी; जलगाँव, एरंडोल और पारोला से बसें।
- हवाई मार्ग: जलगाँव हवाई अड्डा या छत्रपति संभाजीनगर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पद्मालय नाम का क्या अर्थ है?
पद्मालय में गणेश की कितनी प्रतिमाएँ हैं?
क्या पद्मालय गणपति पीठ है?
भीमकुंड की क्या कथा है?
जलगाँव से पद्मालय कितनी दूर है?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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Solapur, महाराष्ट्र श्री स्वामी समर्थ महाराज वटवृक्ष मंदिर, अक्कलकोट श्री स्वामी समर्थ महाराज (दत्तात्रेय परंपरा के संत, दत्त अवतार माने जाते हैं)
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रायगढ़, महाराष्ट्र एलिफेंटा गुफाएँ (घारापुरी) – शिव गुफा मंदिर, मुंबई के पास भगवान शिव – गर्भगृह में शिवलिंग; सदाशिव (त्रिमूर्ति) स्वरूप
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Beed, महाराष्ट्र खंडोबा मंदिर, बीड श्री खंडोबा (मल्हारी मार्तंड, शिव स्वरूप) और म्हालसा
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पुणे, महाराष्ट्र पळसनाथ मंदिर (उजनी जलाशय), पळसदेव, इंदापुर भगवान शिव (पळसनाथ)
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पुणे, महाराष्ट्र तुलशीबाग राम मंदिर, पुणे श्रीराम, सीता और लक्ष्मण; परिसर में हनुमान, गणेश, विट्ठल-रुक्मिणी, दत्तात्रेय, शिव
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Ambarnath, महाराष्ट्र अंबरेश्वर शिव मंदिर, अंबरनाथ भगवान शिव (अंबरेश्वर)