कोपिनेश्वर मंदिर (कौपीनेश्वर मंदिर) महाराष्ट्र के ठाणे शहर के बीचों-बीच स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है। भगवान कोपिनेश्वर को ठाणे नगर का ग्रामदेवता माना जाता है। मंदिर का शिवलिंग महाराष्ट्र के सबसे बड़े शिवलिंगों में गिना जाता है।
इतिहास
मूल मंदिर का संबंध उत्तर कोंकण के शिलाहार शासकों से जोड़ा जाता है, जिनकी राजधानी ठाणे (श्रीस्थानक) थी। पुर्तगालियों से साष्टी क्षेत्र मराठों के अधिकार में आने के बाद पेशवाओं के सरसूबेदार रामजी महादेव बिवलकर ने 1760 में मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। 1879 में श्रद्धालुओं के चंदे से गर्भगृह के सामने का सभामंडप फिर से बनाया गया और 1996 में भी मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ।
कभी यह मंदिर मासुंदा तालाब (तलाव पाली) के किनारे था; आज ठाणे स्टेशन की ओर जाने वाला शिवाजी पथ मंदिर और तालाब के बीच से गुज़रता है।
मंदिर और विग्रह
मंदिर के दो प्रवेश द्वार हैं – एक मासुंदा तालाब की ओर और दूसरा जांभली नाका बाज़ार की ओर। प्रवेश द्वार पर नंदी विराजमान हैं। गर्भगृह में विशाल शिवलिंग है। स्थानीय मान्यता है कि यह लिंग हर वर्ष थोड़ा बढ़ता है। परिसर में ब्रह्मा, राम, हनुमान, शीतला देवी, उत्तरेश्वर, दत्तात्रेय, गरुड़ और काली के छोटे मंदिर भी हैं।
प्रमुख उत्सव
- महाशिवरात्रि: सबसे बड़ा पर्व – इस दिन हज़ारों श्रद्धालु कोपिनेश्वर के दर्शन करते हैं।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह लगभग 5:30 से रात 10:00 बजे तक
महाशिवरात्रि पर मंदिर देर रात तक खुला रहता है।
मुख्य आकर्षण
- कोपिनेश्वर शिवलिंग – महाराष्ट्र के बड़े शिवलिंगों में गिना जाता है।
- प्रवेश द्वार पर नंदी।
- परिसर में ब्रह्मा, राम, हनुमान, शीतला देवी, उत्तरेश्वर, दत्तात्रेय, गरुड़ और काली के मंदिर।
- पास में मासुंदा तालाब (तलाव पाली)।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: ठाणे रेलवे स्टेशन से शिवाजी पथ होकर पैदल या ऑटो से कुछ ही मिनट।
- सड़क मार्ग: मुंबई से पूर्वी द्रुतगति मार्ग द्वारा; ठाणे शहर में बस और ऑटो।
- हवाई मार्ग: मुंबई हवाई अड्डा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कोपिनेश्वर मंदिर किस देवता को समर्पित है?
कोपिनेश्वर मंदिर कितना पुराना है?
क्या यहाँ का शिवलिंग बहुत बड़ा है?
कोपिनेश्वर परिसर में और कौन से मंदिर हैं?
ठाणे स्टेशन से कोपिनेश्वर मंदिर कैसे पहुँचें?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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Solapur, महाराष्ट्र श्री स्वामी समर्थ महाराज वटवृक्ष मंदिर, अक्कलकोट श्री स्वामी समर्थ महाराज (दत्तात्रेय परंपरा के संत, दत्त अवतार माने जाते हैं)
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रायगढ़, महाराष्ट्र एलिफेंटा गुफाएँ (घारापुरी) – शिव गुफा मंदिर, मुंबई के पास भगवान शिव – गर्भगृह में शिवलिंग; सदाशिव (त्रिमूर्ति) स्वरूप
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Beed, महाराष्ट्र खंडोबा मंदिर, बीड श्री खंडोबा (मल्हारी मार्तंड, शिव स्वरूप) और म्हालसा
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पुणे, महाराष्ट्र पळसनाथ मंदिर (उजनी जलाशय), पळसदेव, इंदापुर भगवान शिव (पळसनाथ)
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पुणे, महाराष्ट्र तुलशीबाग राम मंदिर, पुणे श्रीराम, सीता और लक्ष्मण; परिसर में हनुमान, गणेश, विट्ठल-रुक्मिणी, दत्तात्रेय, शिव
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Ambarnath, महाराष्ट्र अंबरेश्वर शिव मंदिर, अंबरनाथ भगवान शिव (अंबरेश्वर)