श्री राधा मदन मोहन जी मंदिर राजस्थान के करौली शहर में सिटी पैलेस के पास, भद्रावती नदी के किनारे स्थित श्रीकृष्ण का प्रसिद्ध मंदिर है। करौली ब्रज क्षेत्र से जुड़ा है, और यहाँ विराजमान मदन मोहन जी का विग्रह परंपरा से वृंदावन के मूल मदन मोहन मंदिर का माना जाता है। कैला देवी के साथ यह मंदिर करौली की धार्मिक पहचान है।
वृंदावन से करौली तक
मान्यता है कि मुगल बादशाह औरंगज़ेब के समय ब्रज के मंदिरों पर संकट आया, तब मदन मोहन जी का विग्रह सुरक्षा के लिए वृंदावन से जयपुर लाया गया। बाद में करौली के राजा गोपाल सिंह को स्वप्न में आदेश मिला, और वे विग्रह को करौली ले आए। प्रचलित कथा के अनुसार जयपुर नरेश ने तीन एक जैसे विग्रह रखकर आँखों पर पट्टी बाँधे गोपाल सिंह से असली विग्रह पहचानने को कहा। उन्होंने सही विग्रह छुआ, और फिर बड़ी शोभायात्रा के साथ मदन मोहन जी करौली पधारे।
तिथि को लेकर मत
विग्रह के करौली आने की तिथि को लेकर स्रोतों में मतभेद है – कुछ विवरण इसे 17वीं शताब्दी से जोड़ते हैं, तो कुछ 18वीं शताब्दी के मध्य से। कुछ परंपराएँ यह भी कहती हैं कि विग्रह आमेर से आया था। वृंदावन में आज भी मदन मोहन जी का प्राचीन मंदिर है, जहाँ प्रतिभू विग्रह की सेवा होती है।
मंदिर और विग्रह
मंदिर करौली के प्रसिद्ध लाल पत्थर से बना है। मुख्य वेदी पर मदन मोहन जी के साथ राधा जी और ललिता सखी विराजती हैं। पास में गोपाल जी का विग्रह भी है। यहाँ की संध्या आरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है। भक्तों में मान्यता है कि गोवर्धन यात्रा की पूर्णता के लिए करौली के मदन मोहन जी और जयपुर के गोविंद देव जी के दर्शन करने चाहिए।
प्रमुख उत्सव
- जन्माष्टमी – सबसे बड़ा उत्सव, भारी भीड़।
- राधाष्टमी और गोपाष्टमी।
- होली – फूलों और गुलाल के साथ।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह मंगला से दोपहर तक और शाम से रात तक, कई झाँकियों में (दोपहर में कुछ घंटे पट बंद)
- आरती: मंगला आरती और संध्या आरती विशेष मानी जाती हैं
झाँकियों का समय ऋतु के अनुसार बदलता है, इसलिए स्थानीय रूप से पुष्टि कर लें।
मुख्य आकर्षण
- श्री मदन मोहन जी – राधा जी और ललिता सखी के साथ।
- गोपाल जी का विग्रह – मदन मोहन जी के पास।
- संध्या आरती – श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों में प्रसिद्ध।
- करौली सिटी पैलेस – मंदिर के पास।
- भद्रावती नदी का तट।
कैसे पहुँचें
- सड़क मार्ग: करौली शहर के बीच; जयपुर, आगरा, हिंडौन और गंगापुर सिटी से बसें।
- रेल मार्ग: हिंडौन सिटी (लगभग 30 किमी) और गंगापुर सिटी निकटतम स्टेशन।
- हवाई मार्ग: जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 180 किमी)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
करौली के मदन मोहन जी का विग्रह कहाँ से आया?
राजा गोपाल सिंह मदन मोहन जी को करौली कैसे लाए?
मदन मोहन जी मंदिर में प्रमुख उत्सव कौन से हैं?
मदन मोहन जी मंदिर का गोवर्धन यात्रा से क्या संबंध है?
कैला देवी मंदिर यहाँ से कितनी दूर है?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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पुष्कर, राजस्थान ब्रह्मा मंदिर (जगतपिता ब्रह्मा मंदिर), पुष्कर भगवान ब्रह्मा (चतुर्मुख), साथ में गायत्री और सरस्वती
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झालावाड़, राजस्थान शीतलेश्वर महादेव मंदिर, झालरापाटन भगवान शिव (शीतलेश्वर महादेव) – शिवलिंग
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जयपुर, राजस्थान
श्री गोविंद देव जी मंदिर
श्री राधा कृष्णा
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बूंदी, राजस्थान चारभुजा नाथ मंदिर, बूंदी श्री चारभुजा नाथ (भगवान विष्णु का चतुर्भुज रूप)
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जालोर, राजस्थान सुंधा माता मंदिर, जालोर माँ चामुंडा (सुंधा माता / अघटेश्वरी)
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