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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

जगदीश मंदिर, उदयपुर

Jagdish Temple, Udaipur

उदयपुर, राजस्थान भगवान जगन्नाथ (विष्णु) – काले पत्थर की चतुर्भुज प्रतिमा निःशुल्क प्रवेश

जगदीश मंदिर राजस्थान के उदयपुर नगर के बीचोंबीच, सिटी पैलेस के पास स्थित भगवान जगन्नाथ (विष्णु) का प्रसिद्ध मंदिर है। मेवाड़ के महाराणा जगत सिंह द्वारा बनवाया गया यह मंदिर 1651 में पूरा हुआ और तब से यहाँ निरंतर पूजा होती आ रही है। इसे उदयपुर का सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है और पुराने शहर का जगदीश चौक इसी के नाम पर है।

मंदिर और विग्रह

मुख्य गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ की काले पत्थर की चतुर्भुज प्रतिमा विराजमान है, जिन्हें स्थानीय भक्त विष्णु या श्रीकृष्ण के रूप में पूजते हैं। मुख्य मंदिर के चारों ओर गणेश, सूर्य, शक्ति और शिव के चार छोटे मंदिर हैं – इस तरह यह पंचायतन शैली का मंदिर है।

स्थापत्य

मंदिर मारू-गुर्जर शैली में बना है। सड़क से 32 संगमरमर की सीढ़ियाँ चढ़कर मुख्य मंदिर तक पहुँचा जाता है। ऊँचे शिखर, दो मंज़िला मंडप और पत्थर पर की गई बारीक नक्काशी इसकी पहचान है। मुख्य मंदिर के ठीक सामने भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ की पीतल की प्रतिमा स्थापित है।

प्रमुख उत्सव

  • रथ यात्रा (आषाढ़): मंदिर का सबसे सुंदर और बड़ा उत्सव, जब भगवान की सवारी पुराने शहर में निकलती है।
  • जन्माष्टमी पर विशेष श्रृंगार और भजन।
  • प्रतिदिन संध्या आरती के समय भक्तों की भीड़ रहती है।

आसपास के दर्शन

मंदिर से पैदल दूरी पर सिटी पैलेस, पिछोला झील और गणगौर घाट हैं। उदयपुर से कुछ दूरी पर कैलाशपुरी का एकलिंगजी मंदिर और फतह सागर के पास नीमच माता मंदिर भी दर्शनीय हैं।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह लगभग 5:00 से दोपहर 1:00 बजे और शाम लगभग 5:00 से रात 10:00 बजे तक
  • आरती: सुबह और संध्या

दोपहर में कुछ घंटों के लिए पट बंद रहते हैं; समय की स्थानीय रूप से पुष्टि कर लें। गर्भगृह के भीतर फोटो न लें।

मुख्य आकर्षण

  • भगवान जगन्नाथ – काले पत्थर की चतुर्भुज प्रतिमा।
  • गरुड़ प्रतिमा – मुख्य मंदिर के सामने पीतल की।
  • गणेश, सूर्य, शक्ति और शिव के चार छोटे मंदिर।
  • बारीक नक्काशी वाला शिखर और मंडप।
  • सिटी पैलेस और गणगौर घाट (पैदल दूरी पर)।

कैसे पहुँचें

  • सड़क मार्ग: पुराने उदयपुर शहर के बीच, सिटी पैलेस के पास; ऑटो से आसानी से पहुँचा जा सकता है (पुरानी गलियाँ संकरी हैं)।
  • रेल मार्ग: उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन (लगभग 3 किमी)।
  • हवाई मार्ग: महाराणा प्रताप हवाई अड्डा, डबोक (लगभग 25 किमी)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जगदीश मंदिर उदयपुर किसने बनवाया?
जगदीश मंदिर मेवाड़ के महाराणा जगत सिंह ने बनवाया था। यह 1651 में पूरा हुआ और तब से यहाँ निरंतर पूजा होती आ रही है।
जगदीश मंदिर में किस भगवान की पूजा होती है?
मुख्य गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ की काले पत्थर की चतुर्भुज प्रतिमा है, जिन्हें विष्णु का स्वरूप माना जाता है। चारों ओर गणेश, सूर्य, शक्ति और शिव के छोटे मंदिर हैं।
जगदीश मंदिर में कितनी सीढ़ियाँ हैं?
मुख्य मंदिर तक पहुँचने के लिए संगमरमर की 32 सीढ़ियाँ चढ़नी होती हैं। यह उदयपुर का सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है।
जगदीश मंदिर का सबसे बड़ा उत्सव कौन सा है?
आषाढ़ मास की रथ यात्रा यहाँ का सबसे प्रमुख उत्सव है, जब भगवान जगन्नाथ की सवारी पुराने शहर में निकलती है।
सिटी पैलेस से जगदीश मंदिर कितनी दूर है?
जगदीश मंदिर सिटी पैलेस के मुख्य द्वार के बहुत पास है – पैदल कुछ ही मिनट में पहुँचा जा सकता है।

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