नीमच माता मंदिर उदयपुर में फतह सागर झील के किनारे, देवाली क्षेत्र की एक पहाड़ी पर स्थित देवी का मंदिर है। नीमच माता को देवी अंबा का स्वरूप माना जाता है। पहाड़ी की चोटी पर होने के कारण यहाँ से फतह सागर और उदयपुर शहर का मनोरम दृश्य दिखाई देता है, इसलिए श्रद्धालुओं के साथ पर्यटक भी बड़ी संख्या में आते हैं।
मंदिर की कथा
मान्यता है कि इसी पहाड़ी पर देवी ने एक भक्त को दर्शन दिए थे और उन्हीं की स्मृति में यहाँ मंदिर बना। यह कथा मंदिर के भीतर लगे एक चित्रपट पर लिखी गई है। नीमच माता भटनागर कायस्थों के डाकोत परिवार की कुलदेवी मानी जाती हैं, जो हर वर्ष हरियाली अमावस्या पर यहाँ पूजा के लिए एकत्र होते हैं।
मंदिर और विग्रह
गर्भगृह में नीमच माता की पत्थर की प्रतिमा विराजमान है। मंदिर में गणेश जी की प्रतिमा भी है और परिसर में पश्चिम की ओर मुख किए तीन पत्थर के सिंह स्थापित हैं। नवरात्रि और दीपावली यहाँ के प्रमुख उत्सव हैं।
पैदल मार्ग और रोपवे
मंदिर तक पहुँचने के लिए सीढ़ियों और ढलान वाले पैदल रास्ते से चढ़ाई करनी होती है। 22 जनवरी 2024 से यहाँ मोनोकेबल रोपवे शुरू हुआ है, जिसका निचला स्टेशन फतह सागर के सामने है और ऊपरी स्टेशन पर सूर्यास्त देखने का स्थान बनाया गया है। इससे बुज़ुर्ग और बच्चों के साथ आने वाले श्रद्धालु भी आसानी से दर्शन कर पाते हैं।
आसपास के दर्शन
मंदिर के नीचे फतह सागर झील का किनारा है, जहाँ शाम को बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं। उदयपुर के पुराने शहर में जगदीश मंदिर और लगभग 22 किमी दूर कैलाशपुरी में मेवाड़ के कुलदेवता एकलिंगजी के दर्शन भी किए जा सकते हैं।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से शाम लगभग 8:00 बजे तक
रोपवे का समय अलग है; यात्रा से पहले स्थानीय रूप से पुष्टि कर लें। सूर्यास्त के समय पहाड़ी से फतह सागर का दृश्य सुंदर होता है।
मुख्य आकर्षण
- नीमच माता की पत्थर की प्रतिमा।
- गणेश जी की प्रतिमा और पश्चिम की ओर मुख किए तीन पत्थर के सिंह।
- पहाड़ी से फतह सागर झील और उदयपुर शहर का दृश्य।
- रोपवे – ऊपरी स्टेशन पर सूर्यास्त दर्शन स्थल।
कैसे पहुँचें
- पैदल: फतह सागर के पास से सीढ़ियों और ढलान वाले रास्ते से चढ़ाई।
- रोपवे: फतह सागर के सामने निचले स्टेशन से (22 जनवरी 2024 से चालू)।
- रेल मार्ग: उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन; हवाई मार्ग: महाराणा प्रताप हवाई अड्डा, डबोक।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नीमच माता मंदिर कहाँ है?
नीमच माता मंदिर तक कैसे पहुँचें?
नीमच माता किसकी कुलदेवी हैं?
नीमच माता मंदिर की कथा क्या है?
नीमच माता मंदिर में कौन से उत्सव मनाए जाते हैं?
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