नंदिकेश्वरी मंदिर पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में सैंथिया नगर में स्थित नंदीपुर शक्तिपीठ है। तंत्र चूड़ामणि के अनुसार नंदीपुर में सती का कंठहार (गले का हार) गिरा था। यहाँ की शक्ति नंदिनी और भैरव नंदिकेश्वर हैं। मंदिर सैंथिया रेलवे स्टेशन के बहुत पास है, इसलिए यह बीरभूम के सबसे आसानी से पहुँचने वाले शक्तिपीठों में से एक है।
वट वृक्ष के नीचे देवी
मंदिर एक विशाल प्राचीन वट (बरगद) वृक्ष के नीचे बना है, जिसकी जटाएँ पूरे परिसर पर छाया करती हैं। गर्भगृह में देवी की मानवाकार प्रतिमा के स्थान पर सिंदूर से रंगी एक पवित्र शिला की पूजा होती है। भक्त वृक्ष की शाखाओं पर मन्नत के धागे बाँधते हैं और मनोकामना पूरी होने पर उन्हें खोलने आते हैं। परिसर में भैरव नंदिकेश्वर का शिव मंदिर और अन्य देवी-देवताओं के छोटे मंदिर भी हैं।
नंदीपुर नाम
प्राचीन ग्रंथों में वर्णित नंदीपुर को आज का सैंथिया माना जाता है। शक्ति के नाम “नंदिनी” और भैरव “नंदिकेश्वर” से ही देवी को नंदिकेश्वरी कहा जाता है। नगर के बीच होने के कारण यहाँ रोज़ स्थानीय श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, और ट्रेन से गुज़रने वाले बहुत से यात्री भी रुककर दर्शन करते हैं।
प्रमुख उत्सव
- काली पूजा (कार्तिक अमावस्या): रात भर पूजा, सबसे बड़ा उत्सव।
- दुर्गा पूजा और नवरात्रि में विशेष आराधना।
- हर अमावस्या और मंगलवार-शनिवार को अधिक भीड़।
आसपास के दर्शन
सैंथिया से तारापीठ लगभग 40 किमी और लाभपुर का फुल्लरा (अट्टहास) शक्तिपीठ लगभग 30 किमी दूर है। सिउड़ी होकर बक्रेश्वर और बोलपुर होकर कंकालीतला भी पहुँचा जा सकता है।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से दोपहर 1:00 बजे और शाम 4:00 से रात 8:30 बजे तक
काली पूजा और अमावस्या पर मंदिर देर रात तक खुला रहता है।
मुख्य आकर्षण
- माँ नंदिकेश्वरी – सिंदूर से रंगी पवित्र शिला।
- विशाल वट वृक्ष – मंदिर के ऊपर छाया देता प्राचीन पेड़।
- नंदिकेश्वर भैरव का शिव मंदिर।
- मयूराक्षी नदी – सैंथिया के पास।
- तारापीठ (लगभग 40 किमी) और फुल्लरा (लगभग 30 किमी)।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: सैंथिया जंक्शन (लगभग 500 मीटर) – हावड़ा और सियालदह से कई ट्रेनें।
- सड़क मार्ग: सिउड़ी से लगभग 20 किमी, बोलपुर से लगभग 35 किमी।
- हवाई मार्ग: काज़ी नज़रुल इस्लाम हवाई अड्डा, दुर्गापुर (लगभग 100 किमी) या कोलकाता (लगभग 200 किमी)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नंदीपुर शक्तिपीठ में सती का कौन सा अंग गिरा था?
नंदिकेश्वरी मंदिर कहाँ है?
सैंथिया स्टेशन से नंदिकेश्वरी मंदिर कितनी दूर है?
नंदिकेश्वरी मंदिर में देवी का स्वरूप क्या है?
नंदिकेश्वरी मंदिर का प्रमुख उत्सव कौन सा है?
नंदिकेश्वरी शक्तिपीठ (नंदीपुर), सैंथिया बीरभूम इन तीर्थ यात्राओं में शामिल है
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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कोलकाता, पश्चिम बंगाल कालीघाट काली मंदिर, कोलकाता माँ काली (कालिका); भैरव – नकुलेश्वर
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बीरभूम, पश्चिम बंगाल बक्रेश्वर (वक्रेश्वर) शक्तिपीठ, बीरभूम पश्चिम बंगाल माँ महिषमर्दिनी; भैरव – वक्रनाथ (बक्रेश्वर शिव)
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बीरभूम, पश्चिम बंगाल कंकालीतला शक्तिपीठ, बोलपुर बीरभूम माँ कंकाली (देवगर्भा); भैरव – रुरु
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पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल बर्गभीमा मंदिर (विभाष शक्तिपीठ), तमलुक माँ बर्गभीमा (कपालिनी / भीमरूपा); भैरव – सर्वानंद
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मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल किरीटेश्वरी शक्तिपीठ, मुर्शिदाबाद माँ किरीटेश्वरी (विमला); भैरव – संवर्त
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बीरभूम, पश्चिम बंगाल नलातेश्वरी शक्तिपीठ, नलहाटी बीरभूम माँ नलातेश्वरी (कालिका); भैरव – योगेश