बहुला देवी मंदिर पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान ज़िले में कटवा के पास केतुग्राम गाँव में स्थित शक्तिपीठ है। तंत्र चूड़ामणि के अनुसार यहाँ सती का बायाँ हाथ गिरा था। यहाँ की शक्ति बहुला और भैरव भीरुक हैं। “बहुला” नाम का अर्थ है – जो बहुत रूपों वाली और सबका पालन करने वाली हों। यह बर्धमान ज़िले के तीन शक्तिपीठों में से एक है।
मंदिर और पूजा
केतुग्राम का यह मंदिर बंगाल के ग्रामीण शक्ति मंदिरों की परंपरा में बना है। गर्भगृह में माँ बहुला की पूजा होती है और पास में भैरव भीरुक का शिव मंदिर है। शक्तिपीठ की परंपरा के अनुसार देवी के दर्शन के बाद भैरव के दर्शन करने से ही यात्रा पूर्ण मानी जाती है। गाँव के लोग माँ बहुला को अपनी रक्षक देवी मानते हैं, और हर शुभ कार्य से पहले यहाँ पूजा की जाती है।
बंगाल में शक्ति उपासना
पश्चिम बंगाल में 51 में से सबसे अधिक शक्तिपीठ माने जाते हैं – बीरभूम, बर्धमान, मुर्शिदाबाद, हुगली, मेदिनीपुर और कोलकाता में फैले ये पीठ बंगाल की गहरी शाक्त परंपरा के केंद्र हैं। बर्धमान के तीनों शक्तिपीठ – बहुला, युगाद्या और मंगलचंडी – अजय और भागीरथी नदियों के क्षेत्र में कुछ ही दूरी पर स्थित हैं।
प्रमुख उत्सव
- दुर्गा पूजा: गाँव का सबसे बड़ा उत्सव।
- काली पूजा (कार्तिक अमावस्या) पर रात भर पूजा।
- नवरात्रि में शक्तिपीठ की विशेष आराधना।
यात्रा सुझाव
केतुग्राम एक छोटा गाँव है, इसलिए ठहरने के लिए कटवा या बर्धमान नगर अच्छे रहते हैं। कटवा से सुबह निकलकर एक ही दिन में बहुला, युगाद्या (क्षीरग्राम) और मंगलचंडी (उजानी) के दर्शन किए जा सकते हैं। गाँव के रास्ते संकरे हैं, इसलिए स्थानीय टैक्सी लेना सुविधाजनक रहता है।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से दोपहर 1:00 बजे और शाम 4:00 से रात 8:00 बजे तक
गाँव का मंदिर होने के कारण समय स्थानीय रूप से बदल सकता है।
मुख्य आकर्षण
- माँ बहुला का मंदिर।
- भीरुक भैरव का शिव मंदिर।
- बंगाल का शांत ग्रामीण परिवेश।
- पास के शक्तिपीठ – युगाद्या (क्षीरग्राम) और मंगलचंडी (उजानी)।
- कटवा – गंगा (भागीरथी) और अजय नदी का संगम।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: कटवा जंक्शन – हावड़ा से ट्रेनें; वहाँ से बस या टैक्सी द्वारा केतुग्राम।
- सड़क मार्ग: कटवा से लगभग 25 किमी; कोलकाता से लगभग 180 किमी।
- हवाई मार्ग: कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 180 किमी)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बहुला शक्तिपीठ में सती का कौन सा अंग गिरा था?
बहुला शक्तिपीठ कहाँ है?
कटवा से केतुग्राम कितनी दूर है?
बर्धमान ज़िले में कितने शक्तिपीठ हैं?
बहुला मंदिर में कौन से उत्सव मनाए जाते हैं?
बहुला शक्तिपीठ, केतुग्राम पूर्व बर्धमान इन तीर्थ यात्राओं में शामिल है
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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कोलकाता, पश्चिम बंगाल कालीघाट काली मंदिर, कोलकाता माँ काली (कालिका); भैरव – नकुलेश्वर
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बीरभूम, पश्चिम बंगाल बक्रेश्वर (वक्रेश्वर) शक्तिपीठ, बीरभूम पश्चिम बंगाल माँ महिषमर्दिनी; भैरव – वक्रनाथ (बक्रेश्वर शिव)
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बीरभूम, पश्चिम बंगाल कंकालीतला शक्तिपीठ, बोलपुर बीरभूम माँ कंकाली (देवगर्भा); भैरव – रुरु
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पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल बर्गभीमा मंदिर (विभाष शक्तिपीठ), तमलुक माँ बर्गभीमा (कपालिनी / भीमरूपा); भैरव – सर्वानंद
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मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल किरीटेश्वरी शक्तिपीठ, मुर्शिदाबाद माँ किरीटेश्वरी (विमला); भैरव – संवर्त
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बीरभूम, पश्चिम बंगाल नलातेश्वरी शक्तिपीठ, नलहाटी बीरभूम माँ नलातेश्वरी (कालिका); भैरव – योगेश