शेरावाली मैया तेरी ज्योत कैसी,
जिसने जगाई उसका मंगल करती………..

ज्योत जलाई पांडव ने माँ मनमोहन को पाया था,
महाभारत युद्ध जीता और नारी का मान बढ़ाया था,
देके दर्शन मैया सबकी लाज रखती,
जिसने जगाई उसका मंगल करती,
शेरावाली मैया तेरी ज्योत कैसी,
जिसने जगाई उसका मंगल करती………..

ज्योत जलाई अकबर ने माँ मन का वहम मिटाया था,
उसने में का छत्र चढाया माँ ने जलवा दिखाया था,
मैया तू सब पे मेहरबान रहती,
जिसने जगाई उसका मंगल करती,
शेरावाली मैया तेरी ज्योत कैसी,
जिसने जगाई उसका मंगल करती………..

ज्योत जलाई ध्यानू ने माँ भक्ति में शक्ति दिखाई थी,
शीश काट चरणों में चढाया उसको जिन्दा कर दिया था,
तेरी जय जयकर सारे जग में फैली,
जिसने जगाई उसका मंगल करती,
शेरावाली मैया तेरी ज्योत कैसी,
जिसने जगाई उसका मंगल करती………

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