पवित्रा श्री विट्ठलेश पहरावे।
व्रज नरेश गिरिधरन चंद्र को निरख निरख सचु पावे॥१॥
आसपास युवतिजन ठाडी हरखित मंगल गावे।
गोविंद प्रभु पर सकल देवता कुसुमांजलि बरखावे ॥२॥

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

महेश नवमी

शनिवार, 15 जून 2024

महेश नवमी
गंगा दशहरा

रविवार, 16 जून 2024

गंगा दशहरा
गायत्री जयंती

सोमवार, 17 जून 2024

गायत्री जयंती
निर्जला एकादशी

मंगलवार, 18 जून 2024

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

शनिवार, 22 जून 2024

ज्येष्ठ पूर्णिमा
संत कबीर दास जयंती

शनिवार, 22 जून 2024

संत कबीर दास जयंती

संग्रह