मेरे शिव हे भोले भाले, मेरे शिव हैं भोले भाले,
कि झोली तेरी भर देंगे सावन में…….

तुम हरिद्वार को जाना, गंगा में डुबकी लगाना,
हो..,, कि पाप सारे धुल जाएंगे, सावन में,
मेरे शिव हे भोले भाले, मेरे शिव हैं भोले भाले,
कि झोली तेरी भर देंगे सावन में…….

तुम काशी नगरी जाना, भोले के जयकारे लगाना,
कि भोले तुम्हें मिल जाएंगे सावन में,
मेरे शिव हे भोले भाले, मेरे शिव हैं भोले भाले,
कि झोली तेरी भर देंगे सावन में…….

तुम केदारनाथ को जाना, शिवलिंग को जल चढ़ाना,
हो..,, कष्ट सारे मिट जायेंगे सावन में,
मेरे शिव हे भोले भाले, मेरे शिव हैं भोले भाले,
कि झोली तेरी भर देंगे सावन में…….

तुम नीलकंठ को जाना, भोले को भोग लगाना,
भंडारे तेरे भर जायेंगे सावन में,
मेरे शिव हे भोले भाले, मेरे शिव हैं भोले भाले,
कि झोली तेरी भर देंगे सावन में…….

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