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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

अहमदाबाद काली बाड़ी (माँ काली मंदिर), अहमदाबाद

Ahmedabad Kali Bari

Ahmedabad, गुजरात माँ काली (साथ में शिव, राम-सीता, हनुमान और श्रीकृष्ण) निःशुल्क प्रवेश

अहमदाबाद काली बाड़ी गुजरात के अहमदाबाद नगर के पश्चिमी हिस्से में स्थित माँ काली का मंदिर है। इसे शहर के बंगाली समाज की पुरानी संस्था बंगाल कल्चरल एसोसिएशन ने बनवाया है। बंगाली कुटीर शैली में बना यह मंदिर गुजरात में बसे बंगाली परिवारों के लिए आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है, और दुर्गा पूजा के दिनों में पूरे शहर से श्रद्धालु यहाँ आते हैं।

मंदिर का इतिहास

बंगाल कल्चरल एसोसिएशन अहमदाबाद में बंगाली संस्कृति को सहेजने वाली सबसे पुरानी संस्थाओं में गिनी जाती है। वर्तमान मंदिर भवन 2014 में बनकर तैयार हुआ और इसका उद्घाटन द्वारका शारदा पीठ से जुड़े स्वामी सदानंद सरस्वती जी ने किया। लगभग 2,000 वर्ग गज के परिसर में मंदिर बना है।

मंदिर और विग्रह

मंदिर का मुख्य भवन बंगाल की पारंपरिक कुटीर (झोपड़ी) शैली में बना है। गर्भगृह में माँ काली की प्रतिमा कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर की प्रसिद्ध प्रतिमा की प्रतिकृति है, जिसे मूर्तिकार सनातन रुद्र पाल ने गढ़ा। एक ही छत के नीचे भगवान शिव, श्रीराम-सीता, हनुमान जी और श्रीकृष्ण के भी दर्शन होते हैं।

प्रमुख उत्सव

  • दुर्गा पूजा: मंदिर के पास के मैदान में हर वर्ष भव्य पूजा होती है। इसी संस्था ने अहमदाबाद की पहली दुर्गा पूजा शुरू की थी, और 2022 में यहाँ 85वीं दुर्गा पूजा मनाई गई।
  • काली पूजा: बंगाली परंपरा के अनुसार दीपावली की अमावस्या की रात माँ काली की विशेष आराधना।
  • पूजा के दिनों में बंगाली भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह और संध्या के समय; दोपहर में कुछ घंटे पट बंद रहते हैं
  • संध्या आरती: सूर्यास्त के आसपास

दुर्गा पूजा और काली पूजा के दिनों में समय बदल सकता है।

मुख्य आकर्षण

  • माँ काली की प्रतिमा – कोलकाता के दक्षिणेश्वर मंदिर की प्रसिद्ध प्रतिमा की प्रतिकृति।
  • बंगाली कुटीर शैली का मंदिर भवन – गुजरात में बंगाल की झलक।
  • एक ही छत के नीचे शिव, राम-सीता, हनुमान और श्रीकृष्ण के विग्रह।
  • दुर्गा पूजा – मंदिर के पास के मैदान में हर वर्ष।

कैसे पहुँचें

  • सड़क मार्ग: मंदिर पश्चिम अहमदाबाद में एस.जी. रोड क्षेत्र के पास है; शहर के हर हिस्से से ऑटो, टैक्सी और बसें मिलती हैं।
  • रेल मार्ग: अहमदाबाद जंक्शन (कालूपुर) लगभग 15 किमी।
  • हवाई मार्ग: सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अहमदाबाद (लगभग 20 किमी)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अहमदाबाद काली बाड़ी किसने बनवाई?
यह मंदिर अहमदाबाद के बंगाली समाज की पुरानी संस्था बंगाल कल्चरल एसोसिएशन ने बनवाया। वर्तमान मंदिर भवन वर्ष 2014 में बना।
काली बाड़ी में माँ काली की प्रतिमा कैसी है?
मुख्य प्रतिमा कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर की प्रसिद्ध प्रतिमा की प्रतिकृति है, जिसे बंगाल के मूर्तिकार ने गढ़ा है।
अहमदाबाद काली बाड़ी की दुर्गा पूजा क्यों प्रसिद्ध है?
मंदिर चलाने वाली संस्था ने अहमदाबाद में सबसे पहली दुर्गा पूजा शुरू की थी। 2022 में यहाँ 85वीं दुर्गा पूजा मनाई गई। पूजा मंदिर के पास के मैदान में होती है।
काली बाड़ी में किन-किन देवताओं के दर्शन होते हैं?
माँ काली के साथ यहाँ भगवान शिव, श्रीराम-सीता, हनुमान जी और श्रीकृष्ण के विग्रह भी एक ही परिसर में हैं।
मंदिर का उद्घाटन किसने किया?
मंदिर का उद्घाटन द्वारका शारदा पीठ से जुड़े स्वामी सदानंद सरस्वती जी ने किया था।

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