श्री केशवरायजी मंदिर गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में बेट द्वारका टापू पर स्थित भगवान श्रीकृष्ण के केशवराय स्वरूप का मंदिर है। यह पवित्र शंख सरोवर के पास है और बेट द्वारका के मुख्य द्वारकाधीश मंदिर से लगभग 1 किमी दूर बताया जाता है। श्री केशवरायजी समस्त पुष्करणा ब्राह्मण ज्ञाति के इष्टदेव माने जाते हैं, इसलिए इस समाज के लिए बेट द्वारका की यात्रा विशेष महत्व रखती है।
पुष्करणा समाज के इष्टदेव
परंपरा के अनुसार इस मंदिर की स्थापना पुष्करणा ब्राह्मण समाज ने की। सिंध, राजस्थान, कच्छ, गुजरात और पंजाब से जुड़े पुष्करणा ब्राह्मण और भाटिया समाज के भक्त यहाँ बार-बार दर्शन के लिए आते हैं। कुछ स्रोत केशवराय को वल्लभाचार्य जी के अनुयायियों द्वारा पूजित श्रीकृष्ण स्वरूप भी बताते हैं। मंदिर के निर्माण की निश्चित तिथि उपलब्ध नहीं है, इसका इतिहास मुख्यतः समाज की परंपरा पर आधारित है।
यात्रियों के पुराने रजिस्टर
मंदिर की एक विशेषता इसके यात्री रजिस्टर हैं। बताया जाता है कि इनमें पुष्करणा भक्तों के नाम और कुलनाम लगभग 250 वर्ष पहले से हाथ से दर्ज होते आए हैं। इस प्रकार यह मंदिर समाज के पारिवारिक इतिहास का भी एक जीवित अभिलेख बन गया है।
यात्रा क्रम और आसपास के दर्शन
- द्वारका से ओखा पहुँचकर सुदर्शन सेतु या नाव से बेट द्वारका जाएँ।
- बेट द्वारका में द्वारकाधीश मंदिर, शंख सरोवर और वल्लभाचार्य जी की बैठक के दर्शन करें।
- लौटते समय नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और द्वारका का रुक्मिणी मंदिर इसी मार्ग पर हैं।
दर्शन का समय
- दर्शन: सुबह से संध्या तक, दोपहर में विश्राम
मंदिर के निश्चित समय प्रकाशित नहीं मिलते; बेट द्वारका के अन्य मंदिरों की तरह दोपहर में पट बंद रह सकते हैं, इसलिए स्थानीय रूप से पुष्टि कर लें।
मुख्य आकर्षण
- श्री केशवरायजी – पुष्करणा ब्राह्मण समाज के इष्टदेव।
- यात्रियों के रजिस्टर – जिनमें लगभग 250 वर्ष पुराने हस्तलिखित नाम दर्ज बताए जाते हैं।
- शंख सरोवर – मंदिर के पास पवित्र सरोवर।
- बेट द्वारका का द्वारकाधीश मंदिर (लगभग 1 किमी)।
कैसे पहुँचें
- रेल मार्ग: ओखा रेलवे स्टेशन (अंतिम स्टेशन), द्वारका स्टेशन भी पास।
- सड़क मार्ग: द्वारका से ओखा होकर बेट द्वारका (लगभग 30 किमी); ओखा से सुदर्शन सेतु द्वारा या नाव से टापू पर पहुँचा जा सकता है।
- हवाई मार्ग: जामनगर या पोरबंदर हवाई अड्डा, वहाँ से सड़क मार्ग।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
केशवरायजी किस समाज के इष्टदेव हैं?
केशवरायजी मंदिर में कौन से भक्त अधिक आते हैं?
केशवरायजी मंदिर के रजिस्टर का क्या महत्व है?
केशवरायजी मंदिर बेट द्वारका में कहाँ है?
बेट द्वारका कैसे पहुँचें?
अन्य प्रसिद्ध मंदिर
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Panchmahal, गुजरात कालिका माता मंदिर, पावागढ़ माँ कालिका (महाकाली); साथ में भद्रकाली और बहुचरा माता
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Botad, गुजरात कष्टभंजन हनुमान मंदिर, सालंगपुर श्री कष्टभंजन देव हनुमानजी
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Kutch, गुजरात लखेश्वर शिव मंदिर, केरा (कच्छ) भगवान शिव (लखेश्वर महादेव)
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द्वारका, गुजरात श्री द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका भगवान श्रीकृष्ण (द्वारकाधीश)
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द्वारका, गुजरात नवलखा मंदिर, घुमली सूर्य देव (मंदिर अब खंडहर अवस्था में)
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बनासकांठा, गुजरात अंबाजी मंदिर, बनासकांठा माँ अंबा (श्री वीसा यंत्र); भैरव – बटुक