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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

श्री केशवरायजी मंदिर, बेट द्वारका

Shri Keshavraiji Temple, Bet Dwarka

द्वारका, गुजरात श्री केशवरायजी (भगवान श्रीकृष्ण) निःशुल्क प्रवेश

श्री केशवरायजी मंदिर गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में बेट द्वारका टापू पर स्थित भगवान श्रीकृष्ण के केशवराय स्वरूप का मंदिर है। यह पवित्र शंख सरोवर के पास है और बेट द्वारका के मुख्य द्वारकाधीश मंदिर से लगभग 1 किमी दूर बताया जाता है। श्री केशवरायजी समस्त पुष्करणा ब्राह्मण ज्ञाति के इष्टदेव माने जाते हैं, इसलिए इस समाज के लिए बेट द्वारका की यात्रा विशेष महत्व रखती है।

पुष्करणा समाज के इष्टदेव

परंपरा के अनुसार इस मंदिर की स्थापना पुष्करणा ब्राह्मण समाज ने की। सिंध, राजस्थान, कच्छ, गुजरात और पंजाब से जुड़े पुष्करणा ब्राह्मण और भाटिया समाज के भक्त यहाँ बार-बार दर्शन के लिए आते हैं। कुछ स्रोत केशवराय को वल्लभाचार्य जी के अनुयायियों द्वारा पूजित श्रीकृष्ण स्वरूप भी बताते हैं। मंदिर के निर्माण की निश्चित तिथि उपलब्ध नहीं है, इसका इतिहास मुख्यतः समाज की परंपरा पर आधारित है।

यात्रियों के पुराने रजिस्टर

मंदिर की एक विशेषता इसके यात्री रजिस्टर हैं। बताया जाता है कि इनमें पुष्करणा भक्तों के नाम और कुलनाम लगभग 250 वर्ष पहले से हाथ से दर्ज होते आए हैं। इस प्रकार यह मंदिर समाज के पारिवारिक इतिहास का भी एक जीवित अभिलेख बन गया है।

यात्रा क्रम और आसपास के दर्शन

  • द्वारका से ओखा पहुँचकर सुदर्शन सेतु या नाव से बेट द्वारका जाएँ।
  • बेट द्वारका में द्वारकाधीश मंदिर, शंख सरोवर और वल्लभाचार्य जी की बैठक के दर्शन करें।
  • लौटते समय नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और द्वारका का रुक्मिणी मंदिर इसी मार्ग पर हैं।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह से संध्या तक, दोपहर में विश्राम

मंदिर के निश्चित समय प्रकाशित नहीं मिलते; बेट द्वारका के अन्य मंदिरों की तरह दोपहर में पट बंद रह सकते हैं, इसलिए स्थानीय रूप से पुष्टि कर लें।

मुख्य आकर्षण

  • श्री केशवरायजी – पुष्करणा ब्राह्मण समाज के इष्टदेव।
  • यात्रियों के रजिस्टर – जिनमें लगभग 250 वर्ष पुराने हस्तलिखित नाम दर्ज बताए जाते हैं।
  • शंख सरोवर – मंदिर के पास पवित्र सरोवर।
  • बेट द्वारका का द्वारकाधीश मंदिर (लगभग 1 किमी)।

कैसे पहुँचें

  • रेल मार्ग: ओखा रेलवे स्टेशन (अंतिम स्टेशन), द्वारका स्टेशन भी पास।
  • सड़क मार्ग: द्वारका से ओखा होकर बेट द्वारका (लगभग 30 किमी); ओखा से सुदर्शन सेतु द्वारा या नाव से टापू पर पहुँचा जा सकता है।
  • हवाई मार्ग: जामनगर या पोरबंदर हवाई अड्डा, वहाँ से सड़क मार्ग।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

केशवरायजी किस समाज के इष्टदेव हैं?
श्री केशवरायजी समस्त पुष्करणा ब्राह्मण ज्ञाति के इष्टदेव माने जाते हैं। परंपरा के अनुसार यह मंदिर पुष्करणा ब्राह्मण समाज ने ही बनवाया।
केशवरायजी मंदिर में कौन से भक्त अधिक आते हैं?
सिंध, राजस्थान, कच्छ, गुजरात और पंजाब से जुड़े पुष्करणा ब्राह्मण और भाटिया समाज के भक्त यहाँ विशेष रूप से दर्शन के लिए आते हैं।
केशवरायजी मंदिर के रजिस्टर का क्या महत्व है?
बताया जाता है कि मंदिर के रजिस्टरों में पुष्करणा भक्तों के नाम और कुलनाम लगभग 250 वर्ष पहले से हाथ से लिखे गए हैं, जिससे परिवार अपने पूर्वजों की यात्रा का रिकॉर्ड देख पाते हैं।
केशवरायजी मंदिर बेट द्वारका में कहाँ है?
मंदिर बेट द्वारका टापू पर शंख सरोवर के पास है और बेट द्वारका के मुख्य द्वारकाधीश मंदिर से लगभग 1 किमी दूर बताया जाता है।
बेट द्वारका कैसे पहुँचें?
द्वारका से ओखा (लगभग 30 किमी) पहुँचकर सुदर्शन सेतु के रास्ते सड़क से या नाव द्वारा बेट द्वारका टापू पर पहुँचा जा सकता है।

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