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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

स्वामिनारायण अक्षरधाम, गांधीनगर

Swaminarayan Akshardham, Gandhinagar

Gandhinagar, गुजरात भगवान स्वामिनारायण (साथ में गुणातीतानंद स्वामी और गोपालानंद स्वामी) निःशुल्क प्रवेश

स्वामिनारायण अक्षरधाम गुजरात की राजधानी गांधीनगर में स्थित भगवान स्वामिनारायण को समर्पित विशाल मंदिर परिसर है। इसे BAPS स्वामिनारायण संस्था ने प्रमुख स्वामी महाराज के मार्गदर्शन में और योगीजी महाराज की प्रेरणा से बनवाया। लगभग 23 एकड़ में फैले इस परिसर में मंदिर के साथ प्रदर्शनी कक्ष, उद्यान और शोध केंद्र हैं। यह भारत के पहले अक्षरधाम परिसरों में से है।

निर्माण का इतिहास

प्रमुख स्वामी महाराज ने 14 दिसंबर 1979 को शिलान्यास किया। नींव 1981 तक और मंदिर का ढाँचा 1985 तक पूरा हुआ, जबकि प्रदर्शनी का काम 1988 में शुरू हुआ। मंदिर का उद्घाटन नवंबर 1992 में हुआ। इसके वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा थे।

मंदिर और विग्रह

मंदिर राजस्थान के लगभग 6,000 मीट्रिक टन गुलाबी बलुआ पत्थर से बना है और वैदिक वास्तु सिद्धांतों के अनुसार इसमें लोहे या स्टील का प्रयोग नहीं हुआ। यह 108 फुट ऊँचा, 131 फुट चौड़ा और 240 फुट लंबा है, जिसमें 97 नक्काशीदार स्तंभ और 17 गुंबद हैं। गर्भगृह में भगवान स्वामिनारायण की 7 फुट ऊँची स्वर्ण-पत्र मंडित प्रतिमा है, जिसके दोनों ओर गुणातीतानंद स्वामी और गोपालानंद स्वामी विराजते हैं। तलघर के प्रसादी मंडपम में स्वामिनारायण से जुड़ी पवित्र वस्तुएँ प्रदर्शित हैं।

परिसर के अन्य आकर्षण

  • अभिषेक मंडपम: यहाँ भक्त नीलकंठ वर्णी की प्रतिमा का अभिषेक करते हैं (2015 में उद्घाटित)।
  • प्रदर्शनी कक्ष: भगवान स्वामिनारायण के जीवन, शास्त्रों और भारतीय संस्कृति पर आधारित, साथ में मिस्टिक इंडिया फ़िल्म।
  • सत-चित-आनंद जल शो: कठोपनिषद की नचिकेता कथा पर आधारित, 2010 से।
  • सहजानंद वन: लगभग 15 एकड़ का उद्यान, झरने और फव्वारे।
  • AARSH: स्वामिनारायण परंपरा और हिंदू दर्शन पर शोध केंद्र व पुस्तकालय।

2002 का हमला

24 सितंबर 2002 को दो आतंकवादियों ने मंदिर परिसर पर हमला किया, जिसमें 33 लोगों की मृत्यु हुई और अनेक घायल हुए। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने दोनों हमलावरों को मार गिराया। 29 सितंबर को प्रमुख स्वामी महाराज ने शांति प्रार्थना सभा की और चौदह दिन बाद परिसर फिर से खोल दिया गया।

दर्शन का समय

  • दर्शन: मंगलवार से रविवार, लगभग सुबह 10:00 से शाम 7:30 बजे तक
  • आरती: लगभग सुबह 10:00 और संध्या 6:30 बजे
  • सोमवार: परिसर बंद रहता है

प्रदर्शनी और जल शो के लिए अलग टिकट होता है; मंदिर दर्शन निःशुल्क है। मोबाइल व कैमरा परिसर में ले जाने की अनुमति नहीं है।

मुख्य आकर्षण

  • अक्षरधाम मंदिर – राजस्थान के लगभग 6,000 मीट्रिक टन गुलाबी बलुआ पत्थर से बना, 108 फुट ऊँचा।
  • भगवान स्वामिनारायण की 7 फुट ऊँची स्वर्ण-पत्र मंडित प्रतिमा।
  • अभिषेक मंडपम – नीलकंठ वर्णी की प्रतिमा का अभिषेक।
  • प्रदर्शनी कक्ष और सत-चित-आनंद जल शो (नचिकेता की कथा)।
  • सहजानंद वन – विशाल उद्यान।

कैसे पहुँचें

  • सड़क मार्ग: मंदिर गांधीनगर के सेक्टर 20 में है; अहमदाबाद से लगभग 25-30 किमी, बसें और टैक्सी उपलब्ध।
  • रेल मार्ग: गांधीनगर कैपिटल स्टेशन पास है; अहमदाबाद जंक्शन लगभग 30 किमी।
  • हवाई मार्ग: सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अहमदाबाद (लगभग 20 किमी)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गांधीनगर अक्षरधाम कब बना?
प्रमुख स्वामी महाराज ने 14 दिसंबर 1979 को शिलान्यास किया और मंदिर का उद्घाटन नवंबर 1992 में हुआ।
अक्षरधाम मंदिर किस पत्थर से बना है?
मंदिर राजस्थान के लगभग 6,000 मीट्रिक टन गुलाबी बलुआ पत्थर से बना है और इसमें लोहे या स्टील का प्रयोग नहीं किया गया।
क्या अक्षरधाम सोमवार को खुला रहता है?
नहीं, गांधीनगर अक्षरधाम सोमवार को बंद रहता है। मंगलवार से रविवार तक दर्शन होते हैं।
अक्षरधाम में मुख्य प्रतिमा किसकी है?
गर्भगृह में भगवान स्वामिनारायण की 7 फुट ऊँची स्वर्ण-पत्र मंडित प्रतिमा है, जिसके दोनों ओर अक्षरब्रह्म गुणातीतानंद स्वामी और गोपालानंद स्वामी की प्रतिमाएँ हैं।
2002 में अक्षरधाम में क्या हुआ था?
24 सितंबर 2002 को दो आतंकवादियों ने मंदिर पर हमला किया, जिसमें 33 लोगों की जान गई। NSG ने दोनों हमलावरों को मार गिराया और चौदह दिन बाद परिसर फिर खोला गया।

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