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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

श्री राधा दामोदर मंदिर, जूनागढ़

Shri Radha Damodar Temple, Junagadh

Junagadh, गुजरात श्री दामोदर जी (चतुर्भुज श्रीकृष्ण) और राधा रानी; बलराम-रेवती निःशुल्क प्रवेश

श्री राधा दामोदर मंदिर गुजरात के जूनागढ़ में गिरनार तलहटी जाने वाले मार्ग पर, पवित्र दामोदर कुंड के पास स्थित भगवान श्रीकृष्ण का प्राचीन मंदिर है। यहाँ श्रीकृष्ण दामोदर नाम से चतुर्भुज रूप में और उनके साथ राधा रानी विराजती हैं। वैष्णव परंपरा में दामोदर जी को गिरनार क्षेत्र का अधिपति माना जाता है। गुजराती भक्त कवि नरसिंह मेहता की स्मृति से जुड़ा यह स्थान जूनागढ़ आने वाले हर यात्री के लिए दर्शनीय है।

परंपरा और इतिहास

परंपरा के अनुसार यह मंदिर और इसके विग्रह श्रीकृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ ने स्थापित किए थे। इसे गुजरात के प्राचीनतम मंदिरों में गिना जाता है, यद्यपि वर्तमान ढाँचे की सटीक तिथि निश्चित नहीं है। मान्यता है कि नरसिंह मेहता प्रतिदिन दामोदर कुंड में स्नान कर दामोदर जी की पूजा करते थे। मंदिर गुजरात सरकार की विशेष देखरेख में है।

मंदिर और विग्रह

मंदिर गुलाबी बलुआ पत्थर से बना है और इसके दो मुख्य भाग हैं – निज मंदिर (गर्भगृह) और सभा मंडप, दोनों पर शिखर हैं। लगभग 84 नक्काशीदार स्तंभ इसकी शोभा बढ़ाते हैं और निज मंदिर के शिखर पर ध्वजा फहराती है। गर्भगृह में काले पत्थर के दामोदर जी और राधा रानी के विग्रह हैं। पास में बलराम और रेवती का मंदिर है और परिसर के दक्षिण-पश्चिम में गणेश मंदिर।

दामोदर कुंड और रेवती कुंड

मंदिर के उत्तर में स्थित दामोदर कुंड में स्नान को पापों का नाश करने वाला माना जाता है। यहाँ अस्थि विसर्जन और पितृ तर्पण भी होता है – भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर तर्पण के लिए बड़ी भीड़ जुटती है। मंदिर के पश्चिम में रेवती कुंड है, जिसका नाम बलराम जी की पत्नी रेवती के नाम पर पड़ा। यह कुंड बहुत गहरा है, इसलिए स्नान में सावधानी रखें।

प्रमुख उत्सव

  • जन्माष्टमी: विष्णु याग, विष्णु सहस्रनाम पाठ, शालिग्राम जी का अभिषेक, मध्यरात्रि जन्मोत्सव और मटकी फोड़।
  • राधाष्टमी, होली और कार्तिक पूर्णिमा पर विशेष श्रृंगार।

पास ही भवनाथ महादेव मंदिर और गिरनार की सीढ़ियाँ हैं, इसलिए यात्री प्रायः दामोदर कुंड, राधा दामोदर और भवनाथ के दर्शन एक साथ करते हैं।

दर्शन का समय

  • दर्शन: सुबह लगभग 6:00 से रात लगभग 8:00 बजे तक

दोपहर में भोग के समय दर्शन कुछ देर बंद रह सकते हैं। जन्माष्टमी की रात मध्यरात्रि तक दर्शन खुले रहते हैं।

मुख्य आकर्षण

  • दामोदर जी और राधा रानी – काले पत्थर के चतुर्भुज विग्रह।
  • बलराम-रेवती मंदिर और परिसर के दक्षिण-पश्चिम में गणेश मंदिर।
  • दामोदर कुंड – पवित्र स्नान और पितृ तर्पण का स्थान।
  • रेवती कुंड – मंदिर के पश्चिम में गहरा कुंड।
  • गिरनार और भवनाथ महादेव (पास ही)।

कैसे पहुँचें

  • रेल मार्ग: जूनागढ़ जंक्शन (लगभग 6–7 किमी)।
  • सड़क मार्ग: जूनागढ़ से गिरनार तलहटी जाने वाले मार्ग पर; ऑटो और स्थानीय वाहन उपलब्ध।
  • हवाई मार्ग: केशोद हवाई अड्डा (लगभग 40 किमी) या राजकोट हवाई अड्डा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राधा दामोदर मंदिर जूनागढ़ में किसकी पूजा होती है?
मुख्य गर्भगृह में दामोदर जी (चतुर्भुज रूप में श्रीकृष्ण) और राधा रानी विराजते हैं। पास में बलराम और रेवती का मंदिर तथा एक गणेश मंदिर भी है।
राधा दामोदर मंदिर किसने बनवाया?
परंपरा के अनुसार यह मंदिर श्रीकृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ ने बनवाया था। इसे गुजरात के प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है, हालाँकि वर्तमान ढाँचे की सटीक तिथि ज्ञात नहीं है।
दामोदर कुंड का क्या महत्व है?
दामोदर कुंड में स्नान को पाप नाशक माना जाता है। यहाँ अस्थि विसर्जन और पितृ तर्पण भी होता है। भाद्रपद अमावस्या पर तर्पण के लिए बड़ी भीड़ जुटती है।
नरसिंह मेहता का दामोदर कुंड से क्या संबंध है?
मान्यता है कि गुजराती भक्त कवि नरसिंह मेहता प्रतिदिन दामोदर कुंड में स्नान करके दामोदर जी की पूजा करते थे।
राधा दामोदर मंदिर का प्रमुख उत्सव कौन सा है?
जन्माष्टमी सबसे बड़ा उत्सव है, जिसमें मध्यरात्रि जन्मोत्सव और मटकी फोड़ होती है। राधाष्टमी, होली और कार्तिक पूर्णिमा भी धूमधाम से मनाई जाती हैं।

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