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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

भक्तिरस – BhaktiRas

उमिया माता मंदिर, उंझा

Umiya Mata Temple, Unjha

Mehsana, गुजरात माँ उमिया (पार्वती स्वरूप) निःशुल्क प्रवेश

उमिया माता मंदिर गुजरात के मेहसाणा ज़िले के उंझा नगर के बीच स्थित माँ उमिया का प्रमुख मंदिर है। माँ उमिया कड़वा पाटीदार समाज की कुलदेवी हैं, और भक्त उन्हें देवी पार्वती (उमा) का स्वरूप मानते हैं। देश-विदेश में बसे कड़वा पाटीदार परिवारों के लिए उंझा सबसे बड़ा तीर्थ है।

स्थापना की मान्यता

भक्तों की मान्यता है कि उंझा में माँ उमिया की स्थापना स्वयं भगवान शिव ने की थी। एक अन्य परंपरा के अनुसार मालवा से आए राजा व्रजपाल ने उंझा बसाया और बड़ा यज्ञ करके यहाँ उमिया माता का मंदिर बनवाया। इस घटना की तिथि को लेकर स्रोतों में मतभेद है और इसका स्वतंत्र ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। समाज की परंपरा यह भी बताती है कि कड़वा कुर्मी (पाटीदार) परिवार उत्तर भारत से आकर उंझा के आसपास बसे और माँ उमिया उनकी कुलदेवी बनीं।

मंदिर और समाज

वर्तमान मंदिर का निर्माण और जीर्णोद्धार पाटीदार परिवारों के सहयोग से हुआ है। नवंबर 2009 में मंदिर का रजत जयंती महोत्सव मनाया गया, जिसका खर्च उद्योगपतियों और किसानों के दान से उठाया गया। इस अवसर पर इतने श्रद्धालु आए कि उनके लिए तंबू और अतिथि गृह बनाने पड़े। उंझा के बाद कड़वा पाटीदार समाज ने देश-विदेश में भी उमिया माता के मंदिर बनवाए हैं, और अहमदाबाद में उमिया धाम नाम का विशाल परिसर भी बन रहा है।

प्रमुख उत्सव

  • चैत्र और आश्विन नवरात्रि: विशेष श्रृंगार, गरबा और बड़ी संख्या में भक्त।
  • यज्ञ-महोत्सव: समय-समय पर समाज द्वारा बड़े यज्ञों का आयोजन।
  • नवविवाहित पाटीदार दंपती और परिवार कुलदेवी के दर्शन के लिए विशेष रूप से आते हैं।

आसपास के दर्शन

उंझा से मोढेरा का सूर्य मंदिर, बहुचराजी का बहुचर माता मंदिर और सिद्धपुर (मातृ गया तीर्थ) पास हैं। उंझा अपनी जीरा और सौंफ की बड़ी मंडी के लिए भी जाना जाता है।

दर्शन का समय

  • दर्शन: प्रतिदिन सुबह से रात तक (दोपहर में कुछ समय पट बंद रह सकते हैं)
  • आरती: सुबह और संध्या

नवरात्रि और विशेष उत्सवों पर समय बदल सकता है।

मुख्य आकर्षण

  • माँ उमिया – कड़वा पाटीदार समाज की कुलदेवी।
  • मुख्य मंदिर – देश-विदेश में बसे पाटीदार परिवारों का तीर्थ।
  • नवरात्रि और बड़े यज्ञ-महोत्सव।
  • उंझा की प्रसिद्ध मसाला मंडी (जीरा, सौंफ)।

कैसे पहुँचें

  • रेल मार्ग: उंझा रेलवे स्टेशन शहर में ही है; मेहसाणा जंक्शन लगभग 25 किमी।
  • सड़क मार्ग: उंझा अहमदाबाद-पालनपुर राजमार्ग पर है; अहमदाबाद से लगभग 100 किमी, नियमित बसें।
  • हवाई मार्ग: सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अहमदाबाद (लगभग 100 किमी)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

उमिया माता किसकी कुलदेवी हैं?
माँ उमिया कड़वा पाटीदार (कड़वा पटेल) समाज की कुलदेवी हैं, और उंझा का मंदिर उनका प्रमुख धाम माना जाता है।
माँ उमिया कौन हैं?
भक्त माँ उमिया को देवी पार्वती (उमा) का स्वरूप मानते हैं। मान्यता है कि उंझा में उनकी स्थापना स्वयं भगवान शिव ने की थी।
उंझा का उमिया माता मंदिर कितना पुराना है?
परंपरा के अनुसार राजा व्रजपाल ने यज्ञ करके यहाँ मंदिर बनवाया, पर इसकी तिथि को लेकर स्रोतों में मतभेद है और इसका स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं है। वर्तमान मंदिर बाद के काल में समाज के सहयोग से बना।
2009 में मंदिर में क्या हुआ था?
नवंबर 2009 में मंदिर का रजत जयंती महोत्सव मनाया गया, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में कड़वा पाटीदार श्रद्धालु आए और उनके ठहरने के लिए तंबू व अतिथि गृह बनाए गए।
उंझा कहाँ है और कैसे पहुँचें?
उंझा गुजरात के मेहसाणा ज़िले का नगर है, जो अहमदाबाद से लगभग 100 किमी उत्तर में है। यहाँ रेलवे स्टेशन है और अहमदाबाद व मेहसाणा से बसें मिलती हैं।

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