आबू आबू पधारू गणराज,
करियो पूरन हा सबहक काज,

पार्वती सूत संकर सुवन कहाबै छि,
रिद्धि और सिद्धि के दाता कहाबै छि,
सुभ और लाभ के पिता महाराज,
आबू आबू पधारु गण राज यौ,

गंगा जल स चरण पखराब,
घी के दीपक स आरती उतारब,
सब देबन में आहाँ सिरताज,
आबू आबू पधारु गण राज यौ,

प्यासा आहाँ के प्रथम मनाबै ये,
पान फूल मोदक भोग लगाबै ये,
आहाँ बिन सुन लागे सबटा साज यौ,
आबू आबू पधारू गण राज यौ,

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कामिका एकादशी

बुधवार, 31 जुलाई 2024

कामिका एकादशी
मासिक शिवरात्रि

शुक्रवार, 02 अगस्त 2024

मासिक शिवरात्रि
हरियाली तीज

बुधवार, 07 अगस्त 2024

हरियाली तीज
नाग पंचमी

शुक्रवार, 09 अगस्त 2024

नाग पंचमी
कल्कि जयंती

शनिवार, 10 अगस्त 2024

कल्कि जयंती
पुत्रदा एकादशी

शुक्रवार, 16 अगस्त 2024

पुत्रदा एकादशी

संग्रह